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बंद से तीन राज्यों में जनजीवन प्रभावित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी के विरोध में वामपंथियों के बंद का पश्चिम बंगाल, केरल और त्रिपुरा में व्यापक असर हुआ है और तीनों राज्यों में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दलों ने इन्हीं तीनों राज्यों में गुरुवार को 12 घंटों के बंद का आह्वान किया है. इन तीनों राज्यों में वाममोर्चा की ही सरकारें हैं. इसके अलावा वामदलों में पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में 'बेतहाशा वृद्धि' के ख़िलाफ़ गुरुवार से हफ़्ते भर पूरे देश में सड़कों पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है. पूरी तरह बंद पूर्वोत्तर राज्यों के बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक के अनुसार पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में बंद का व्यापक असर दिख रहा है. कोलकाता शहर में दुकानें, बाज़ार और स्कूल कॉलेज पूरी तरह बंद हैं. वाहन सड़कों पर दिखाई नहीं दे रहे हैं. ट्रॉम और बसें भी बंद हैं हालांकि मेट्रो रेल चल रही है. दिन की ज़्यादातर उड़ाने रद्द कर दी गई हैं और सैकड़ों लोग विमानतल पर फँसे हुए हैं. सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कई लोग भी कार्यालय नहीं पहुँचे हैं. दूतावास हालांकि खुले हुए हैं लेकिन वहाँ तक पहुँचने के लिए लोगों को ख़ासी मशक्कत करनी पड़ रही है. असम से अमरीकी वीज़ा लेने के लिए कोलकाता पहुँचीं सुमित्रा हज़ारिका गोगोई का कहना है, "मुझे अपने होटल से दो किलोमीटर पैदल चलकर यहाँ पहुँचना पड़ा और अब बारिश में मैं दो घंटों से कतार में खड़ी हूँ."
इसी तरह त्रिपुरा में भी स्कूल, कॉलेज, दुकानें और बाज़ार पूरी तरह बंद हैं. अगरतला आने-जाने वाले कई विमानों के समय बदल दिए गए हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार केरल में बंद का असर दिख रहा है लेकिन यहाँ सूचना और संचार से जुड़ी कंपनियों में रोज़ की तरह काम हो रहा है. इसी तरह वहाँ उद्योगों में भी कामकाज हो रहा है. हालांकि स्कूल-कॉलेज वहाँ भी बंद हैं और त्रिपुरा विश्वविद्यालय ने गुरुवार को होने वाली परीक्षाएँ रद्द कर दी हैं. वहाँ भाजपा ने भी इसी मुद्दे पर बंद का आह्वान किया है. मूल्यवृद्धि वापस लेने की माँग वामदलों में यूपीए सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतों में की गई बढ़ोत्तरी को वापस लेने की अपील की है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के महासचिव प्रकाश करात, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के महासचिव एबी बर्धन, फॉर्वर्ड ब्लॉक के देबब्रत बिश्वास और आरएसपी के टीजे चंद्रचूड़न ने एक संयुक्त बयान में कहा है, "वामदल यूपीए सरकार से माँग करते हैं कि वह पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतों में की गई वृद्धि को वापस ले." साझा बयान में कहा गया है कि यह मूल्य वृद्धि ऐसी है जिसे न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता और इसका असर आवश्यक वस्तुओं की क़ीमतों पर भी पड़ेगा. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार वामदलों ने कहा है कि मूल्य वृद्धि के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान वे हड़ताल करेंगे, रास्ता रोकेंगे, रेल रोकेंगे और प्रदर्शन करेंगे. सीपीएम महासचिव प्रकाश करात ने तेलूगूदेशम पार्टी और समाजवादी पार्टी सहित कई अन्य राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे ईंधन के मूल्यों में वृद्धि के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में हिस्सा लें. तृणमूल का भी बंद पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोत्तरी के ख़िलाफ़ पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भी बंद का आह्वान किया है लेकिन शुक्रवार को. यानी वामदलों के बंद के एक दिन बाद. तृणमूल कांग्रेस ने मूल्य वृद्धि को 'अभूतपूर्व और दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है. गुरुवार को वामदलों के बंद पर सवाल उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बैनर्जी ने कहा है, "एक तरफ़ तो वामपंथी यूपीए सरकार को समर्थन करते हैं और ऐसे निर्णय लेने देते हैं और दूसरी ओर बंद करते हैं तो यह नाटक क्यों?" उनका कहना है कि आमआदमी पहले ही मूल्यवृद्धि के कारण परेशान है और इससे उसकी परेशानी और बढ़ेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें वामपंथी करेंगे देश भर में आंदोलन04 जून, 2008 | भारत और पड़ोस 'क़ीमतों में बढ़ोत्तरी अलोकप्रिय पर ज़रूरी'04 जून, 2008 | कारोबार पेट्रोल पाँच, डीज़ल तीन रुपए महंगा04 जून, 2008 | कारोबार विमान कंपनियों को घाटे की चेतावनी02 जून, 2008 | कारोबार महँगाई 45 महीने के रिकॉर्ड स्तर पर30 मई, 2008 | कारोबार खाने की बढ़ती लागत पर चेतावनी29 मई, 2008 | कारोबार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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