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शुक्रवार, 16 मई, 2008 को 10:09 GMT तक के समाचार
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महँगाई फिर रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची
दुकान पर सजी दालें
महँगाई की दर रोकने के लिए केंद्र सरकार ने कई ज़रूरी कदम उठाएं हैं
भारत में महँगाई बढ़ने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. तीन मई को समाप्त सप्ताह में मुद्रास्फीति 7.83 फ़ीसदी रिकॉर्ड पर पहुँच गई.

यह दर पिछले 44 महीनों में सबसे अधिक है.

इसके पीछे कुछ ज़रूरी खाद्य पदार्थों और निर्माण सामग्रियों के मूल्यों में हुई वृद्धि को कारण माना जा रहा है.

इसके पहले 11 सितंबर 2004 को मुद्रास्फीति 7.87 फ़ीसदी दर्ज की गई थी.

थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति साल 2007 में इसी सप्ताह के दौरान 5.74 दर्ज की गई थी.

इस सप्ताह फल, सब्ज़ियों, मसालों, कॉफी, मसूर की दाल के मूल्यों में वृद्धि हुई थी जिससे सरकार चिंतित थी.

कई वस्तुओं के दाम बढ़े

इस दौरान खाद्य पदार्थों, फल और सब्ज़ी के मूल्य में तीन फ़ीसदी, कॉफ़ी में छह फ़ीसदी, मक्का में चार फ़ीसदी और मसालों व मसूर की दाल में एक फ़ीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.

जबकि सीमेंट, लोहे और स्टील की क़ीमतें कुछ घटी थीं, जिससे सरकार को कुछ राहत मिली थी.

बढ़ती महँगाई पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने अभी कुछ दिन पहले ही आलू, सोयाबीन के तेल, रबर और चने के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया था.

सरकार ने चावल और गेहूँ के वायदा कारोबार पर पहले से ही रोक लगाई हुई है.

सब्ज़ीएक कमज़ोर कोशिश
आलोक पुराणिक बता रहे हैं कि महंगाई रोकने की सरकारी कोशिश कमज़ोर है.
अर्थशास्त्री भरत झुनझुनवालाबढ़ती महंगाई के कारण
भारत में बढ़ती महँगाई के मुख्य कारण बता रहे हैं डॉक्टर भरत झुनझनवाला.
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