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शुक्रवार, 18 जनवरी, 2008 को 12:54 GMT तक के समाचार
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भारतीय शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट
शेयर ब्रोकर
सेंसेक्स ने दिसंबर में 21 हज़ार का आँकड़ा छू लिया था
अमरीका में आर्थिक मंदी की आशंका के बीच निवेशकों ने भारतीय शेयर बाज़ारों में ज़बर्दस्त बिकवाली की है.

सेंसेक्स में अब तक की पाँचवी और इस वर्ष की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई.

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स एक समय 19 हज़ार के नीचे आ गया था लेकिन अंतिम कारोबारी सत्र में मामूली सुधार हुआ और यह लगभग 687 अंकों के नुकसान के साथ 19013 पर बंद हुआ.

लगातार पाँचवे दिन शेयर बाज़ारों में निवेशकों ने नई ख़रीददारी करने के बजाए पुराने शेयरों को बेच कर मुनाफ़ा कमाना ही उचित समझा.

यही हाल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का रहा जिसमें 211 अंकों की गिरावट आई.

नुकसान का आलम ऐसा रहा कि बीएसई की जिन 2890 कंपनियों के शेयरों में हुए कारोबार हुए उनमें से सिर्फ़ 359 के शेयरों में ही तेज़ी दिखी.

कारण

सेंसेक्स के आकलन में सबसे अधिक मूल्य रखने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज के एक शेयर में लगभग दो सौ रूपए की गिरावट आई और यह लगभग 2799 रुपए पर बंद हुआ.

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में शामिल एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस एनर्जी, रिलायंस कम्युनिकेशंस, एलएंडटी, टाटा स्टील और टाटा मोटर्स के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई.

जानकारों के मुताबिक अमरीकी मैनुफैक्चरिंग क्षेत्र में गिरावट के आँकड़ों से पूरी दुनिया के शेयर बाज़ारों में गिरावट का रूख़ है जिसके असर से भारत भी अछूता नहीं है.

दूसरी ओर प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान विकास दर का संभावित आँकड़ा घटा कर 8.9 प्रतिशत कर दिया है. इसका भी बाज़ार पर बुरा असर पड़ा है.

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