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गुरुवार, 25 अक्तूबर, 2007 को 17:32 GMT तक के समाचार
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पी-नोट्स के लिए सेबी के नए नियम
बंबई स्टॉक एक्सचेंज
बीएसई में पिछले दिनों में आई उछाल के बाद से ही पी-नोट पर सवाल उठाए जा रहे थे
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने भारतीय शेयर बाज़ारों में पिछले दिनों आए अभूतपूर्व उछाल के मद्देनज़र निवेश के विवादास्पद तरीक़े पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) के लिए नए नियमों की घोषणा की है.

विदेशी संस्थागत निवेशक यानी एफ़आईआई अब वायदा बाज़ार में न तो नए पी-नोट्स जारी कर पाएंगे और न ही पुराने का नवीनीकरण. इसके अलावा उन्हें 18 महीनों में अपनी मौजूदा सौदों को समेटना होगा.

जबकि हाज़िर बाज़ार में इस तरह के निवेश को कुछ अंकुश के साथ जारी रखने की छूट दी है.

नए नियम शुक्रवार सुबह बाज़ार खुलते ही प्रभावी हो जाएंगे.

इसके साथ ही अब भारतीय शेयर बाज़ार में कारोबार करने वाले सभी विदेशी संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य होगा.

पी-नोट के ज़रिए ऐसे विदशी निवेशक भारतीय बाज़ार में पैसा लगाते हैं जो इसके लिए पंजीकृत नहीं हैं. ये निवेशक सेबी के साथ रजिस्टर एफ़आईआई के माध्यम से ऐसा करते हैं. बदले में एफ़आईआई अपने सब-एकाउंट से ऐसे निवेशक को पी-नोट्स जारी करते हैं.

इस तरह देश के शेयर बाज़ारों में ऐसा पैसा लग रहा था जिसके निवेशकर्ता की पहचान नहीं थी. इससे समय-समय पर इसमें चरमपंथियों के नेटवर्क का और काला धन आने की आशंकाएं भी उठती रहीं हैं.

उल्लेखनीय है कि जब सेबी ने पिछले हफ़्ते पी-नोट्स पर नियम बनाने की बात कही थी तो शेयर बाज़ार तेज़ी से नीचे चला गया था और बाज़ार को संभालने के लिए वित्तमंत्री को बीच में आना पड़ा था.

पारदर्शिता

गुरुवार को सेबी अध्यक्ष एम. दामोदरन ने मुंबई में सेबी बोर्ड की बैठक के बाद कहा कि एफ़आईआई को अब अपने सब-एकाउंट के ज़रिए किसी अन्य निवेशक का धन वायदा बाज़ार में लगाने की अनुमति नहीं होगी.

 यह क़दम शेयर बाज़ार में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया जा रहा है
एम. दामोदरन, अध्यक्ष, सेबी

इसके अलावा 18 महीनों में अपने मौजूदा सौदों को समेटना होगा.

उन्होंने कहा कि हाज़िर बाज़ार में एफ़आईआई को अपने पास की संपत्ति के 40 प्रतिशत से अधिक पी-नोट्स जारी करने की अनुमति नहीं होगी. ऐसी संपत्तियों का आकलन करने के लिए 30 सितंबर तक की संपत्ति का ब्यौरा लिया जाएगा.

जिन एफ़आईआई ने अपनी परिसंपत्ति के 40 प्रतिशत से अधिक पी-नोट्स जारी किए हैं वे मौजूदा भागीदारी पत्रों को स्थगित करने करने या बंद करने के बाद ही नए जारी कर सकेंगे.

दामोदरन ने कहा, "यह क़दम शेयर बाज़ार में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया जा रहा है."

उन्होंने कहा कि पी-नोट पर जारी नए नियम गुरुवार कारोबार की समाप्ति के बाद यानी शुक्रवार को बाज़ार खुलते ही लागू हो जाएँगे.

दामोदरन ने बताया कि आगे से सभी शेयर बाज़ारों को अपनी निगरानी समिति का गठन करना होगा, जिसमें स्टाक एक्सचेंज के ग़ैर-कार्यकारी सदस्य शामिल होंगे.

सेबी बोर्ड की बैठक में लिए गए एक अन्य फ़ैसले के मुताबिक़ लघु और मझोली इकाइयों के लिए अलग स्टाक एक्सचेंज स्थापित किए जाने के सेबी प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है.

सेबी अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकार का एक्सचेंज स्थापित करने के इच्छुक व्यक्ति अपने प्रस्ताव के साथ आगे आ सकते हैं.

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