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तेल की क़ीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुँच गया है. न्यूयॉर्क में कच्चे तेल की क़ीमत 79 डालर प्रति बैरल तक जा पहुँची है. तेल की कीमतों में ये तेजी अमरीका के तेल भंडार में कमी की ख़बरों के बाद आई है. हालांकि बढ़ती क़ीमतों के मद्देनज़र तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक ने मंगलवार को अपनी बैठक में कच्चे तेल का उत्पादन पांच लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ाने का फ़ैसला किया था. इसके बावजूद तेल भंडार में कमी को लेकर बाज़ार की चिंता दूर नहीं हुई और तेल की क़ीमत में बढ़ोत्तरी का सिलसिला जारी रहा. बीबीसी संवाददाता एंड्र्यू वाकर का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार में बहुत थोड़ा अतिरिक्त तेल उपलब्ध है. अगर तेल उत्पादन में कही भी थोड़ी गड़बड़ी होती है तो उसका असर क़ीमतों पर पड़ता है. हाल में मैक्सिको में एक बम धमाके से तेल पाइप लाइनों को नुक़सान पहुँचा था जिसका असर तेल की क़ीमतों पर पड़ा था. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि भारत और चीन जैसी तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में तेल की बढ़ती माँग की वजह से भी क़ीमतों में वृद्धि हुई है. | इससे जुड़ी ख़बरें तेल क़ीमतें साल के सर्वोच्च स्तर पर23 मार्च, 2007 | कारोबार कच्चे तेल की क़ीमत में गिरावट जारी02 जनवरी, 2007 | कारोबार तेल उत्पादन में कटौती का फ़ैसला20 अक्तूबर, 2006 | कारोबार इराक़ में तेल उत्पादन नई ऊँचाई पर26 जून, 2006 | कारोबार तेल की क़ीमतें चढ़ीं, शेयर बाज़ार लुढ़का14 जुलाई, 2006 | कारोबार पेट्रोल-डीज़ल महंगे, वामपंथी नाराज़05 जून, 2006 | कारोबार टैंकरों की हड़ताल से तेल की किल्लत29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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