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कच्चे तेल की क़ीमत में गिरावट जारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने के बाद आशंकाओं के उलट इराक़ में बड़े पैमाने पर हिंसा नहीं फैली और इसका नतीज़ा ये रहा कि अंतरराष्ट्रीप बाजार में तेल की कीमत प्रति बैरल 61 डॉलर से नीचे आ गई है. उत्तरी अमरीका में ख़राब मौसम से भी तेल की मांग में कमी आई है. अमरीका में कच्चे तेल की कीमत 20 सेंट घटकर प्रति बैरल 60.85 डॉलर पर आ गई है. लंदन में भी कच्चे तेल के दामों में गिरावट दर्ज की गई और प्रति बैरल के तेल के दाम 10 सेंट गिरकर 60.76 डॉलर रहे. तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक की इस घोषणा के बाद कि वह एक फरवरी उत्पादन में कटौती कर देगा, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल का भाव पिछले माह प्रति बैरल 62 डॉलर के पार पहुँच गए थे. ग्यारह देशों का संगठन ओपेक नवम्बर की कटौती के बाद तेल उत्पादन में प्रति दिन पाँच लाख बैरल की कटौती पर राजी हुआ था. लेबनान पर इसराइली हमले के बाद पिछले साल जुलाई के मध्य में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतें आसमान छूने लगी थी और भाव प्रति बैरल 78 डॉलर पर पहुँच गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी गिरावट का दौर16 मई, 2006 | कारोबार इराक़ में तेल उत्पादन नई ऊँचाई पर26 जून, 2006 | कारोबार तेल की क़ीमतें चढ़ीं, शेयर बाज़ार लुढ़का14 जुलाई, 2006 | कारोबार तेल उत्पादन में कटौती का फ़ैसला20 अक्तूबर, 2006 | कारोबार ओएनजीसी को मिला गैस का भंडार17 दिसंबर, 2006 | कारोबार पेट्रोल-डीज़ल महंगे, वामपंथी नाराज़05 जून, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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