|
तेल उत्पादन में कटौती का फ़ैसला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक ने उत्पादन में कटौती करने का फ़ैसला किया है. इस ख़बर से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के भाव बढ़ गए हैं. क़तर में हुई बैठक में ओपेक ने कच्चे तेल के उत्पादन में 12 लाख बैरल रोजाना यानी चार फ़ीसदी की कटौती करने का निर्णय किया है. ग़ौरतलब है कि पिछले हफ़्ते कच्चे तेल का भाव 57.22 डॉलर प्रति बैरल तक गिर गया था. इसके बाद दाम घटने से चिंतित तेल उत्पादक देशों ने यह फ़ैसला किया है. विश्लेषकों का कहना है कि मुख्य ख़रीदार देश अमरीका में तेल भंडार भरे हुए हैं और अगले साल माँग में भी कमी आने की संभावना है, इसलिए ओपेक दिसंबर में होने वाली अगली बैठक में उत्पादन और घटाने पर सहमत हो सकता है. दाम बढ़े उत्पादन में कटौती की ख़बर आते ही गुरुवार को अमरीका में कच्चे तेल यानी यूएस लाइट क्रूड का भाव 70 सेंट बढ़ कर 59.20 डॉलर प्रति बैरल हो गया. उधर लंदन में इसका भाव 53 सेंट की बढ़ोत्तरी के साथ 61.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया. इस वर्ष शुरु में ईरान के साथ पश्चिमी देशों के तनाव और मध्य-पूर्व में हिंसा बढ़ने से कच्चे तेल के दाम 78 डॉलर 40 सेंट के स्तर पर पहुँच गया था. दुनिया के कुल तेल उत्पादन में ओपेक की हिस्सेदारी एक तिहाई है. | इससे जुड़ी ख़बरें तेल सप्लाई बंद करने की चेतावनी17 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना तेल पाइपलाइन में धमाका, 150 मरे12 मई, 2006 | पहला पन्ना पूर्व फ़्रांसीसी मंत्री जाँच के दायरे में07 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना तेल संयंत्र पर हमले का प्रयास नाकाम24 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना बुश ने कहा, तेल निर्भरता कम करेंगे01 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना तेल का दाम बढ़ने की ईरान की चेतावनी15 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना रूस-यूक्रेन में समझौता, नई गैस दरें तय04 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||