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एओएल ने भारत में पोर्टल उतारा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया की बड़ी मीडिया कंपनी 'टाइम वार्नर' के एक विभाग एओएल ने बंगलौर से एशिया का अपना पहला इंटरनेट पोर्टल शुरु किया है. एओएल के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोन ग्रांट ने कहा,"एओएल ने दुनिया का सबसे बड़ा 'ऑनलाइन समुदाय' बनाया है और अब हम इसका विस्तार भारत में करना चाहते हैं." उन्होंने कहा,"भारत दुनिया में बढ़ते ऑनलाइन बाज़ार में महत्वपूर्ण जगह रखता है. भारत जैसे महत्वपूर्ण बाज़ार में यह पोर्टल विज्ञापनदाताओं और इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों में हमें लोकप्रिय बनाने में मदद करेगा. कंपनी ने अमरीका और यूरोप के बाहर 'एओएल डॉट इन' नाम के इस पोर्टल को पहली बार उतारा है. बाज़ार ऐसा माना जा रहा है कि इस पोर्टल के बाज़ार में आने के बाद इंटरनेट विज्ञापनों की दुनिया में बड़ा बदलाव आएगा. एओएल के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष धीर ने कहा कि ये कदम ऑनलाइन बाज़ार में भारत के बढ़ते महत्व को दिखाता है. ईमेल जैसे नियमित फ़ीचर के साथ-साथ पोर्टल में समाचार और आध्यात्मिक गुरुओं की सलाह भी शामिल होगी. एओएल का बंगलौर में सॉफ़्टवेयर विकसित करने का केंद्र है और भारत में उसके 2000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं. इंटरनेट इस्तेमाल पर अध्ययन करने वाली मुंबई स्थित एक संस्था 'इंटरनेट एंड मोबाइल ऐसोसिएशन ऑफ़ इंडिया' की तऱफ से कराए गए एक अध्ययन में पता चला है कि 2008 तक भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या 10 करोड़ का आंकड़ा छू सकती है. अभी देश में लगभग चार करोड़ लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अनचाही ईमेल पर कार्रवाई15 अप्रैल, 2003 | कारोबार गूगल अब शेयर बाज़ार में भी30 अप्रैल, 2004 | कारोबार बाज़ी डॉट कॉम को ख़रीदेगा ईबे23 जून, 2004 | कारोबार लॉग ऑन करिए और टीवी देखिए14 नवंबर, 2005 | कारोबार गूगल और एओएल ने मिलाए हाथ21 दिसंबर, 2005 | कारोबार इंटरनेट का बोलबाला झूठे का मुँह...15 दिसंबर, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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