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शनिवार, 09 दिसंबर, 2006 को 13:08 GMT तक के समाचार
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नौ फ़ीसदी विकास दर का लक्ष्य

मनमोहन सिंह
मनमोहन सिंह ने कृषि क्षेत्र की ख़ामियों को दूर करने की बात कही
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान नौ प्रतिशत आर्थिक विकास दर हासिल करने का लक्ष्य है.

उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और उनकी प्राथमिकता कृषि क्षेत्र की कमज़ोरियाँ दूर कर उसका विकास करना है.

मौक़ा था राष्ट्रीय विकास परिषद की 52वीं बैठक का. बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि 11 वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान नौ फ़ीसदी आर्थिक विकास दर का लक्ष्य रहेगा.

उन्होंने कहा, "प्रस्तावित 11वीं पंचवर्षीय योजना में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में नौ प्रतिशत वृद्धि दर का लक्ष्य है. इसमें शक़ नहीं ये लक्ष्य महात्वाकांक्षी है, लेकिन असंभव कतई नहीं."

पिछले तीन सालों से विकास दर आठ फ़ीसदी रही है और इस साल भी यह इसके आसपास ही रहेगी. इसका मतलब ये है कि 10वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान औसत आर्थिक विकास दर आठ फ़ीसदी या इससे अधिक रही.

उम्मीद

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि अगर हम 11वीं पंचवर्षीय योजना में नौ फ़ीसदी का विकास लक्ष्य हासिल कर लेते हैं तो भारत तेज़ी से विकास कर रहे विकासशील देशों की पहली पंक्ति में शामिल हो जाएगा.

 प्रस्तावित 11वीं पंचवर्षीय योजना में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में नौ प्रतिशत वृद्धि दर का लक्ष्य है. इसमें शक़ नहीं ये लक्ष्य महात्वाकांक्षी है, लेकिन असंभव कतई नहीं
मनमोहन सिंह

उन्होंने कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजना में कृषि क्षेत्र की ख़ामियों को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि जब तक इस क्षेत्र को मज़बूत नहीं किया जाता, आर्थिक विकास की दर में भारी बढ़ोत्तरी की उम्मीद नहीं की जा सकती.

मनमोहन सिंह ने स्वीकार किया कि कृषि क्षेत्र में विकास दर 1990 के दशक के मध्य से अभी तक सालाना दो फ़ीसदी से भी कम रही है. जबकि देश की आधी आबादी खेती पर ही निर्भर है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि समस्या की पहचान ज़रूरी है. लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया की समृद्ध किसान बेहतर कर रहे हैं. हालाँकि छोटे और भूमिहीन किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा कि समस्याओं के निदान के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को साहसिक फ़ैसले लेने होंगे. प्रधानमंत्री ने भविष्य में सब्सिडी में कटौती के संकेत दिए और बुनियादी क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ाने की बात कही.

प्रधानमंत्री ने समाज के सभी पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों विशेषकर मुसलमानों को विकास के लाभों में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए उनका सशक्तिकरण किए जाने की बात कही.

उन्होंने यह भी कहा कि संसाधनों पर पहला हक उन्हीं का है. भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने बीबीसी के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री के अल्पसंख्यकों को संसाधनों पर पहला हक दिए जाने को अनुचित और आपत्तिजनक बताया.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के चुनावों को ध्यान में रखकर यह बात कही है जो इस फ़ोरम का दुरुपयोग है.

उन्होंने कहा कि पृथकतावादी मनोवृत्ति को बढ़ावा दिया जा रहा है और द्वि-राष्ट्र सिद्धांत की पुष्टि की जा रही है.

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