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एयरटेल ने अमरीकी बाज़ार में दस्तक दी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय मोबाइल कंपनी एयरटेल ने अमरीकी बाज़ार में दस्तक दे दी है. कंपनी ने गुरूवार से वहाँ रहने वाले प्रवासी भारतीयों को लक्ष्य कर फ़ोन सेवा शुरू कर दिया है. भारती समूह की कंपनी एयरटेल की मोबाइल सेवा अमरीका में 'एयरटेल कॉल होम' के नाम से शुरू हो गई है. अमरीका में लगभग 25 लाख प्रवासी भारतीय रहते हैं जिनके लिए एअरटेल की कॉल दर होगी लगभग आठ सेंट प्रति मिनट. भारती एयरटेल लिमिटेड के संयुक्त अध्यक्ष (एंटरप्राइज सर्विसेज) विनोद साहनी ने बीबीसी को बताया कि इस सेवा से कंपनी का आधार बढ़ाने में मदद मिलेगी और प्रवासी भारतीयों को भी सस्ती दर पर अपने परिजनों से बात करने की सुविधा मिलेगी. बेहतर गुणवत्ता साहनी कहते हैं, "हम जिस क़ीमत पर अमरीका में टेलीफ़ोन सेवा दे रहे हैं वो वहाँ की दर से 40 प्रतिशत सस्ती है. इसलिए इसकी कामयाबी तय है." उनका कहना है कि इस सेवा की गुणवत्ता भी काफी अच्छी होगी और इससे मोबाइल या लैंडलाइन दोनों पर फोन किया जा सकता है. वो कहते हैं, "हम इसके लिए आधुनिकतम तकनीक का सहारा ले रहे हैं. बातचीत के दौरान आवाज़ की गुणवत्ता बेहतरीन होगी." एयरटेल की इस सेवा का इस्तेमाल प्रवासी भारतीय अपने लैंडलाइन फोन और मोबाइल दोनों पर कर सकते हैं. साहनी ने इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "जिसे भी हमारी सेवा चाहिए उसे हमारे वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. ऐसा सुरक्षा के ख़्याल से किया गया है. बाद में कंपनी उन्हें गोपनीय एकाउंट नंबर देगी. ग्राहक उस नंबर को अपने मोबाइल या लैंडलाइन फ़ोन पर डाउनलोड करेगा. इसके बाद उस इंस्ट्रूमेंट (फोन सेट) पर कॉल होम सेवा शुरू हो जाएगी." फ़िलहाल सिर्फ़ प्री पेड सेवा शुरू की गई है और इसे कंपनी के वेबसाइट से क्रेडिट कार्ड के ज़रिए ख़रीदा जा सकता है. साहनी ने बताया कि प्रवासी भारतीय हर महीने अमरीका से भारत जितनी देर बात करते हैं उसका कुल योग 45 करोड़ मिनट से भी अधिक है. | इससे जुड़ी ख़बरें ख़तरनाक हो सकता है मोबाइल कचरा01 दिसंबर, 2006 | विज्ञान अफ़्रीका में मची मोबाइल की धूम 13 नवंबर, 2006 | कारोबार 'मोबाइल घटा रहा है मर्दानगी'25 अक्तूबर, 2006 | विज्ञान मोबाइल फोन का बढ़ता बाज़ार06 अक्तूबर, 2006 | कारोबार ब्लूटूथ के बाद अब वाइब्री04 अक्तूबर, 2006 | विज्ञान मोबाइल फ़ोन पर छिड़ी ज़ोरदार बहस03 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस मोबाइल फोन बढ़ाता है ब्लड प्रेशर14 सितंबर, 2006 | विज्ञान विदेशी इलेक्ट्रॉनिक कचरा बना मुसीबत19 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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