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यूरोपीय फ़र्मों से निवेश का आग्रह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत को व्यवसाय के लिए आकर्षक, सुरक्षित और लाभदायक स्थान बताते हुए यूरोपीय फ़र्मों से निवेश का आग्रह किया है. भारत की ओर से कहा गया है कि भारत के प्रमुख उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में अगले पाँच सालों में 320 अरब डॉलर के निवेश की ज़रुरत है. भारत और यूरोपीय संघ के व्यावसायिक सम्मेलन में यूरोपीय उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि भारत अपने ढाँचागत सुविधाओं का विस्तार करना चाहता है और उसकी गुणवत्ता में भी सुधार लाना चाहता है. उन्होंने यूरोपीय उद्योगपतियों से कहा कि भारत में ढाँचागत विकास के क्षेत्र में, निर्माण के क्षेत्र में और रिटेल क्षेत्र में विदेशी निवेश के अच्छे अवसर हैं. उन्होंने यूरोपीय संघ को आश्वासन दिया है कि भारत विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए अपेक्षित परिवर्तन लाने के लिए तैयार है. इससे पहले वाणिज्य और उद्योग संगठन एसोचैम की रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच साझा व्यापार अगले पाँच वर्षों में पाँच गुना बढ़ कर 100 अरब डॉलर पर पहुँच सकता है. यूरोपीय संघ के सदस्य देशों और भारत के बीच अभी सिर्फ़ 20 अरब डॉलर सालाना का कारोबार होता है. उल्लेखनीय है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए एक समझौते पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'यूरोपीय संघ के साथ व्यापार बढ़ेगा'12 अक्तूबर, 2006 | कारोबार भारत में प्रशिक्षित युवकों की किल्लत!12 अक्तूबर, 2006 | कारोबार नए ग्राहकों से बढ़ा इन्फ़ोसिस का मुनाफ़ा 11 अक्तूबर, 2006 | कारोबार 'आय की तुलना में मँहगाई की गति तेज'03 अक्तूबर, 2006 | कारोबार 'ब्याज दर नहीं बढ़ाने की अपील'02 अक्तूबर, 2006 | कारोबार खुदरा और आईटी क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा26 सितंबर, 2006 | कारोबार आईएमएफ़ में हुए बदलावों पर नाराज़गी19 सितंबर, 2006 | कारोबार दुनिया में तेज़ विकास का अनुमान14 सितंबर, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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