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डब्ल्यूटीओ वार्ता शुरु करने पर सहमति | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विकासशील और विकसित देशों के बीच विश्व व्यापार संगठन की रूकी पड़ी समझौता वार्ता तुरंत शुरु करने पर सहमति बन गई है. ब्रजील के शहर रियो द जेनेरो में दो दिनों तक चली बातचीत के बाद यह सहमति बनी है. हालाँकि वार्ता कब शुरु की जाए, इस पर कोई फ़ैसला नहीं हो सका है. कृषि सब्सिडी, ग़ैर कृषि सामानों पर विकासशील देशों में सीमा शुल्क की दर और सेवा क्षेत्र से जुड़ी पेचीदगियों के कारण दोहा दौर की वार्ता जुलाई से अधर में लटकी हुई है. डब्ल्यूटीओ प्रमुख पास्कल लामी ने सबसे पहले सब्सिडी और विश्व बाज़ार में उत्पादों की बेरोकटोक पहुँच सुनिश्चित करने के विवादास्पद पहलू पर ही बातचीत केंद्रित करने पर जोर दिया है. उन्होंने सभी पक्षों से इस बार अंतिम समझौते पर पहुँचने के लिए अधिक इच्छाशक्ति दिखाने की अपील की. उन्होंने कहा, "संगठन के सभी देश चाहते हैं कि बातचीत फिर शुरु हो. मेरा मानना है कि यहाँ जो बैठक हुई उससे हमें इस दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी." बीबीसी संवाददाता स्टीव किंगस्टन के मुताबिक कुछ देश ऐसा मानते हैं कि इस वर्ष के आखिर में अमरीकी संसद के चुनाव होने तक बातचीत को आगे बढ़ाना मुश्किल होगा और इसीलिए कोई निश्चित तारीख़ घोषित नहीं हो सकी है. किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी कम करने के लिए अमरीका पर विकासशील देशों के अलावा यूरोपीय संघ के देशों का भी दबाव है. ईयू के व्यापार आयुक्त पीटर मेंडलसन ने बैठक के दौरान कहा, "अगर अमरीका मुक्त व्यापार की राह में बाधा बने कृषि सब्सिडी को घटाने के प्रस्ताव के साथ आगे नहीं आता है तो दूसरे देशों से लचीलेपन की आप उम्मीद नहीं कर सकते." | इससे जुड़ी ख़बरें जल्दी शुरू हो सकती है व्यापार वार्ताएँ31 अगस्त, 2006 | कारोबार डब्ल्यूटीओ वार्ता 'अधर' में लटकी24 जुलाई, 2006 | कारोबार बैठक बीच में छोड़ आए कमलनाथ02 जुलाई, 2006 | कारोबार 'डब्ल्यूटीओ में कोई समझौता नहीं होगा'01 जुलाई, 2006 | कारोबार डब्ल्यूटीओ की बातचीत में अहम मुद्दे13 दिसंबर, 2005 | कारोबार 'अब तक की बातचीत संतोषजनक नहीं'07 नवंबर, 2005 | कारोबार यूरोपीय संघ आयात शुल्क घटाने को तैयार28 अक्तूबर, 2005 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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