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'आर्थिक विकास में कंपनियाँ भी साझीदार' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय उद्योग परिसंघ (साआईआई) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी दर आठ फ़ीसदी बनाए रखने में घरेलू कंपनियों का अहम योगदान रहा. सीआईआई की रिपोर्ट 'स्टेट ऑफ़ इकॉनमी' में भारतीय अर्थव्यवस्था की अन्य देशों के आर्थिक विकास दर से तुलना करते हुए अध्ययन किया गया है. इसमें कहा गया है कि इस वर्ष अप्रैल-जून के बीच, पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में, विभिन्न करों का भुगतान करने के बाद 2252 कंपनियों का मुनाफ़ा लगभग 38 प्रतिशत की दर से बढ़ा. पिछले साल के मुकाबले इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में इन कंपनियों की बिक्री 28 फ़ीसदी बढ़ी जिसमें विनिर्माण (मैनुफैक्चरिंग) क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक रहा. मैनुफैक्चरिंग के काम में लगी कंपनियों के मुनाफ़े में लगभग 54 प्रतिशत की वृद्धि हुई. पिछले वर्ष अप्रैल से जून के बीच यह आँकड़ा लगभग 18 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक मुनाफ़े में वृद्धि मुख्य रुप से बिक्री बढ़ने के कारण हुई है. हालाँकि बिजली और खनन क्षेत्र में विकास की गति सुस्त रही. मैनुफैक्चरिंग कंपनियों के विकास के बूते औद्योगिक विकास सूचकांक 11 प्रतिशत से थोड़ा अधिक रहा. | इससे जुड़ी ख़बरें ग़रीबी उन्मूलन पर ध्यान देने की सलाह01 सितंबर, 2006 | कारोबार 'विकास के फ़ायदे से वंचित हैं मज़दूर'29 अगस्त, 2006 | कारोबार अपने-अपने इंडिया, अपने-अपने भारत10 अगस्त, 2006 | कारोबार 'एड्स के प्रसार से अर्थव्यवस्था पर असर'21 जुलाई, 2006 | कारोबार 'बुनियादी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की ज़रूरत'07 अगस्त, 2006 | कारोबार भारत 12वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था09 जुलाई, 2006 | कारोबार चीन की अर्थव्यवस्था उम्मीद से बड़ी 20 दिसंबर, 2005 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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