|
'बुनियादी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की ज़रूरत' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय उद्योग परिसंघ यानी सीआईआई की अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में आर्थिक विकास की मौजूदा गति को बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे को दुरूस्त करने की ज़रूरत है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके लिए भारी निवेश करना होगा. रिपोर्ट के मुताबिक अगले पाँच वर्षों में सड़क, बंदरगाह, पुल, हवाई अड्डों, रेलवे और बिजली जैसी बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए लगभग 331 अरब डॉलर के निवेश की आवश्यकता है. सीआईआई का सुझाव है कि देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का आठ फ़ीसदी हिस्सा बुनियादी ढांचों से जुड़ी नई परियोजनाओं पर खर्च करना चाहिए. रिपोर्ट के अनुसार चीन और अन्य एशियाई देशों की तुलना में भारत सड़क और बंदरगाह जैसी बुनियादी ज़रुरतों पर बहुत कम निवेश करता है. भारत की आर्थिक विकास दर अभी आठ प्रतिशत सालाना से थोड़ा अधिक है. जानकारों का कहना है कि अगर बुनियादी ढांचे पर ध्यान नहीं दिया गया तो आर्थिक विकास की गति धीमी हो सकती है. सीआईआई का कहना है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान बुनियादी ढ़ांचे के मद में लगभग दो हज़ार अरब रुपए निवेश किए जाने की योजना है. इसे वर्ष 2012 तक बढ़ा कर चार हज़ार अरब रुपए सालाना करना होगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र के बीच तालमेल से निवेश का खाका तैयार करने की जरुरत है. | इससे जुड़ी ख़बरें डब्ल्यूटीओ वार्ता 'अधर' में लटकी24 जुलाई, 2006 | कारोबार 'एड्स के प्रसार से अर्थव्यवस्था पर असर'21 जुलाई, 2006 | कारोबार धमाकों के बावजूद शेयर बाज़ार में उछाल12 जुलाई, 2006 | कारोबार 'डब्ल्यूटीओ में कोई समझौता नहीं होगा'01 जुलाई, 2006 | कारोबार जिंदल को बोलीविया का बड़ा ठेका02 जून, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||