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अर्थव्यवस्था में उम्मीद से ज़्यादा विकास | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय अर्थव्यवस्था ने इस वर्ष की दूसरी तिमाही में उम्मीदों से ज़्यादा आठ प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है. प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने साढ़े सात प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद ज़ाहिर की थी लेकिन यह वृद्धि उससे आधा प्रतिशत ज़्यादा रही है. कृषि और खदान क्षेत्रों में हो रहे ख़राब प्रदर्शन पर पार पाते हुए अर्थव्यवस्था में यह वृद्धि मौजूदा वित्त वर्ष की लगातार दूसरी तिमाही में दर्ज की गई है. भारत के केंद्रीय सांख्यिकी संगठन ने जो आँकड़े जारी किए हैं उनके अनुसार सकल घरेलू उत्पाद में साल 2004-05 में जुलाई-सितंबर की तिमाही में यह वृद्धि 6.7 प्रतिशत थी जो वर्ष 2005-06 में आठ प्रतिशत रही है. हालाँकि दूसरी तिमाही में हुई यह वृद्धि पहली तिमाही में हुई 8.1 प्रतिशत की वृद्धि से कुछ कम है. अप्रैल-जून की तिमाही में यह वृद्धि 8.1 प्रतिशत रही थी. जबकि पिछले वित्त वर्ष की आख़िरी छमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी. मौजूदा वित्तीय वर्ष में यह आर्थिक वृद्धि प्रधानमंत्री और अन्य आर्थिक विश्लेषकों के अनुमान से कहीं ज़्यादा है. कृषि क्षेत्र ने दो प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है जबकि वित्तीय वर्ष 2004-05 में इसी अवधि में इस क्षेत्र में शून्य प्रतिशत वृद्धि हुई थी. निर्माण क्षेत्र में वृद्धि दर कुछ कम 9.2 रही है है जो साल 2004-05 की इसी अवधि में हुई 9.6 प्रतिशत से कुछ कम है. जहाँ तक सेवाओं का सवाल है तो व्यापार, होटल, परिवहन और संचार क्षेत्रों में विकास दर सबसे ज़्यादा 12 प्रतिशत रही है जबकि पिछले साल यह 12.3 प्रतिशत रही थी. वित्त, बीमा, अचल संपत्ति और कारोबारी सेवाओं में वृद्धि दर 9.9 दर्ज की गई जबकि पिछले साल इसी अवधि में इनकी वृद्धि दर 5.5 प्रतिशत रही थी. | इससे जुड़ी ख़बरें भारतीय शेयर बाज़ार नई ऊँचाई पर28 नवंबर, 2005 | कारोबार भारत की ऊर्जा ज़रूरतों पर सरकार चिंतित28 नवंबर, 2005 | कारोबार वोडाफ़ोन ने भारती में हिस्सेदारी ख़रीदी28 अक्तूबर, 2005 | कारोबार भारत में एक अरब डॉलर लगाएगा सिस्को19 अक्तूबर, 2005 | कारोबार क्या होती है विनिवेश की प्रक्रिया?02 सितंबर, 2005 | कारोबार 100 अरब पाउंड का एशियाई योगदान02 सितंबर, 2005 | कारोबार राजनीति में उलझा विनिवेश का अर्थशास्त्र20 अगस्त, 2005 | कारोबार भारत का व्यापार घाटा क़ाबू में: रेड्डी24 जून, 2005 | कारोबार इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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