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गैस पाइपलाइन के मुद्दे पर भी बात होगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने कहा है कि ईरान से गैस पाइपलाइन के प्रस्ताव पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ के साथ चर्चा की जाएगी. शौकत अज़ीज़ अगले सप्ताह भारत के दौरे पर आ रहे हैं. अरबों डॉलर की इस परियोजना से भारत को प्राकृतिक गैस मिल पाएगी. लेकिन ईरान से आने वाली गैस पाइपलाइन पाकिस्तान की ज़मीन से होकर गुजरेगी. भारत के पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि उन्होंने पाकिस्तान के पेट्रोलियम मामलों के मंत्री को पत्र लिखकर उनसे सीधी बातचीत की भी अपील की है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि इस मामले पर साल भर में कोई प्रगति ज़रूर होगी. उम्मीद पाकिस्तान के एक अख़बार के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं ये नहीं कह रहा हूँ कि रात भर में ही यह पाइपलाइन लग जाएगी लेकिन कम से कम इस मामले पर बातचीत तो शुरू होगी."
पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि वे पाकिस्तान प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान उनसे मुलाक़ात करेंगे. उन्होंने कहा, "इस बार हम इस मुद्दे पर सीधे बातचीत करेंगे न कि किसी के माध्यम से." 2600 किलोमीटर की इस गैस पाइपलाइन पर क़रीब साढ़े तीन अरब डॉलर का ख़र्च आएगा और इस परियोजना के पूरा होने से भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में बहुत फ़ायदा होगा. भारत बर्मा से एक अन्य गैस पाइपलाइन के मुद्दे पर बांग्लादेश से भी बातचीत की कोशिश कर रहा है. बांग्लादेश का कहना है कि वह सिद्धांतरूप में प्रस्तावित पाइपलाइन को अपनी ज़मीन से लाने पर सहमत है लेकिन भारत को कुछ शर्तें माननी होंगी. |
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