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गूगल के शेयर उतारने में देर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंटरनेट की दुनिया के सबसे बड़े नामों में से एक गूगल के शेयर बाज़ार में उतरने में में कुछ देर हो रही है क्योंकि अभी दस्तावेज़ों को मंज़ूरी नहीं मिली है. माना जा रहा था कि इसके लिए अंतिम अनुमति मंगलवार को ही मिल जाएगी मगर सेक्योरिटीज़ ऐंड एक्सचेंज कमीशन, एसईसी ने अनुमान के अनुसार इसे मंज़ूरी नहीं दी. एसईसी ने इसकी कोई वजह नहीं बताई है. कुछ प्रेक्षकों का मानना है कि अब बुधवार को वॉल स्ट्रीट बंद होने के बाद ही ये मंज़ूरी मिल सकती है. शुरू में गूगल क़रीब तीन अरब तीस करोड़ डॉलर के शेयर बाज़ार में लेकर आ रहा है जिनके लिए पंजीकरण की माँग की गई है. गूगल ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित समाचार में कहा है कि शेयर बाज़ार में उतरने के दस्तावेज़ को मंज़ूरी के एक घंटे के अंदर ही निवेशकों की निविदाओं को मंज़ूर किया जा सकता है. कहा जा रहा था कि अगर इस दस्तावेज़ को एसईसी मंगलवार को मंज़ूरी दे देता है तो बुधवार से गूगल के शेयरों की बिक्री शुरू हो सकती है. ख़बरों में कहा गया है कि छोटे निवेशकों ने अपेक्षा से कम दिलचस्पी दिखाई है जबकि दलालों को उम्मीद है कि ज़्यादा शेयर संस्थाएँ ख़रीदेंगी. संभावित ख़रीददारों से कहा गया है कि शेयरों के लिए अपनी तरफ़ से क़ीमत की पेशकश करें और यह भी बताएँ कि वे कितने शेयर ख़रीदना चाहते हैं. उसके बाद सबसे ज़्यादा क़ीमत से शुरू करके शेयरों का मूल्य निर्धारित किया जाएगा. आर्थिक जानकारों का कहना है कि गूगल की कुल क़ीमत 36 अरब डॉलर के आधार पर इसके एक शेयर की क़ीमत 108 से 135 डॉलर के बीच तय हो सकती है. |
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