कनाडा में सिख अलगाववादी ने दी मंदिर के सामने प्रदर्शन की धमकी, कनाडाई सांसद ने की कार्रवाई की मांग

चंद्रा आर्या

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कनाडा में भारतीय मूल के सांसद चंद्रा आर्या ने सोमवार को एक वीडियो पोस्ट था, जिसमें एक सिख व्यक्ति सरे के लक्ष्मी नारायण मंदिर को निशाना बनाने की बात कर रहा है.

वीडियो में जो व्यक्ति लक्ष्मी नारायण मंदिर को निशाना बनाने के लिए कह रहा है, उसके खालिस्तानी समर्थक होने का दावा किया जा रहा है

इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर करते हुए चंद्रा आर्या ने कनाडा के प्रशासन से सख़्त क़दम उठाने की मांग की है.

चंद्रा आर्या ने लिखा है, 'पिछले सप्ताह, खालिस्तानी समर्थकों ने गुरुद्वारे के बाहर एक सिख परिवार को गालियां दीं. रिपोर्टों के मुताबिक़, अब ये प्रतीत हो रहा है कि यही खालिस्तानी समूह सरे के हिंदू लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर समस्या उत्पन्न करना चाहता है.’

सांसद चंद्रा आर्या ने प्रशासन से इस बारे में कार्रवाई करने की अपील भी की है.

उन्होंने लिखा, “पिछले कुछ सालों में हिंदू मंदिरों को कई बार निशाना बनाया गया है. कनाडाई हिंदुओं के ख़िलाफ़ नफ़रत से प्रेरित अपराध हो रहे हैं. ऐसी चीज़ों को सार्वजनिक रूप से होने देना, स्वीकार्य नहीं है.”

वायरल वीडियो में एक सिख व्यक्ति कह रहा है, "आने वाले रविवार को सरे में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर वहाँ भी इसी तरह से प्रदर्शन होगा."

इसी साल अगस्त में कनाडा में खालिस्तान समर्थकों ने एक हिंदू मंदिर के बाहर खालिस्तान जनमत संग्रह से जुड़े पोस्टर लगाये गए थे.

इसी साल अप्रैल में कनाडा के ओंटारियो प्रांत के विंडसर शहर में एक हिंदू मंदिर के बाहर भारत विरोधी ग्राफिटी बना दी गई थी.

मंदिरों को निशाना बनाने की कई और घटनाएं कनाडा में हुई हैं. कनाडा में भारत के दूतावास ने ऐसी घटनाओं की निंदा की है और कई बार इन्हें लेकर बयान जारी किए हैं.

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इसी साल सितंबर महीने में न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जगमीत सिंह ने सोशल मीडिया पर सभी हिंदुओं के लिए संदेश लिखा था.

उन्होंने लिखा था, "यह आपका घर है और आपको यहां रहने का हक़ है. कोई भी अगर इससे हटकर कोई बात करता है तो वो कनाडा के लोगों के समावेशी, दया और प्यार के मूल्यों को को नहीं मानता."

कनाडा में होने वाले चुनावों में जस्टिन ट्रूडो के प्रतिद्वंद्वी और कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता पीयरे पोलिवर ने सोशल मीडिया पर ख़ुलकर कहा था कि कनाडा के सभी नागरिकों को बिना किसी खौफ़ के जीने का और अपने समुदाय में रहने का हक़ है.

उन्होंने लिखा था, "हाल के दिनों में मैंने कनाडा में रहने वाले हिंदुओं के ख़िलाफ़ नफ़रत भरी टिप्पणियां देखी हैं. कंज़र्वेटिव पार्टी हमारे हिंदू पड़ोसियों और दोस्तों के ख़िलाफ़ इन टिप्पणियों की आलोचना करती है. देश के हर हिस्से में हिंदुओं ने बहुमूल्य योगदान दिया है और उनका यहां हमेशा स्वागत किया जाएगा."

भारत कनाडा के रिश्तों में कड़वाहट

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इसी बीच, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कनाडाई नागरिक और सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहराने के बाद से भारत और कनाडा के रिश्तों में कड़वाहट है.

ट्रूडो ने कनाडा की संसद में बोलते हुए कहा था कि कनाडा के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि निज्जर की हत्या के पीछे ‘भारतीय एजेंट’ थे.

हरदीप सिंह निज्जर सरे के गुरु नानक सिंह गुरुद्वारा के अध्यक्ष भी थे.

वहीं, भारत ने कनाडा के प्रधानमंत्री के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें आधारहीन और प्रेरित कहा था.

जस्टिन ट्रूडो ने अपने आरोपों को हाल ही में फिर से दोहराया था, हालांकि कनाडा ने अभी तक इन आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत नहीं दिया है.

भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने निज्जर को ‘आतंकवादी’ घोषित किया था. 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर निज्जर की हत्या कर दी गई थी.

निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच हुए कूटनीतिक विवाद में भारत ने सितंबर में अगली सूचना तक कनाडा के नागरिकों के लिए वीज़ा सेवाएं बंद कर दी थीं. हालांकि, पिछले महीने, भारत ने चार श्रेणियों में कनाडा के नागरिकों के लिए वीज़ा सेवा बहाल की थी.

भारत ने एंट्री वीज़ा, बिज़नेस वीज़ा, मेडिकल वीज़ा और कांफ्रेंस वीज़ा श्रेणी में 26 अक्तूबर से वीज़ा सेवाएं बहाल कर दी थीं.

हालांकि भारत और कनाडा के बीच संबंध अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं.

जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया के सामने उठाया मुद्दा

निज्जर

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इसी बीच भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया विदेश मंत्री के साथ मुलाक़ात के दौरान कनाडा और खालिस्तान के मुद्दे पर चर्चा की है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़ मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ मुलाक़ात के दौरान एस जयशंकर ने ट्रूडो के बयान के बाद कनाडा के साथ ख़राब हुए राजनयिक रिश्तों पर चर्चा की.

विदेश मंत्री से मुलाक़ात के बाद मीडिया से बात करते हुए एस जयशंकर ने कहा, “हां, मैंने मंत्री वांग से आज इस बारे में बात की. ऑस्ट्रेलिया के हम दोनों ही देशों के साथ अच्छे रिश्ते हैं, इसलिए ये ज़रूरी है कि ऑस्ट्रेलिया इस मुद्दे पर हमारा दृष्टिकोण भी समझे.”

जयशंकर ने कहा, “अगर हमारे नज़रिए से देखें तो, कनाडा में जो जगह कट्टरवाद और अतिवाद को दी जा रही है, यही मुख्य मुद्दा है.”

भारत दौरे पर आईं ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने इससे पहले कहा था कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 'महत्वपूर्ण रिश्ते' हैं और वे आपस में 'ख़ालिस्तानी अलगाववादियों के प्रदर्शनों' और 'भारत-कनाडा के बीच आए तनाव' जैसे संवेदनशील विषयों पर खुलकर बात कर सकते हैं.

भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता टू प्लस टू के लिए ऑस्ट्रेलियाई उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ दिल्ली आईं विदेश मंत्री वोंग ने अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू को दिए इंटरव्यू में यह बात कही.

एस जयशंकर के साथ पेनी वोंग

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में मौजूद भारतीय मूल के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर दो बार खुलकर चिंता ज़ाहिर की है.

इस बारे में वोंग ने कहा, "हमारे यहाँ बड़ी संख्या में भारतीय मौजूद हैं और विदेशी नागरिकों की दूसरी बड़ी संख्या भारतीयों की ही है. हमारे लिए हमारा बहु-सांस्कृतिक चरित्र बहुत मायने रखता है. हर दूसरा ऑस्ट्रेलियाई या तो विदेश में पैदा हुआ है या फिर उसके माता-पिता विदेश में पैदा हुए थे और मैं भी उनमें से एक हूं."

वोंग ने कहा, "हम अपने लोकतंत्र की भी रक्षा करते हैं, इसलिए मानते हैं कि लोगों को असहमत होने का भी अधिकार है. उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने और अभिव्यक्ति की भी स्वतंत्रता है. हमने इन विषयों पर साफ़ किया है कि हम तोड़फोड़ और हिंसा स्वीकार नहीं करते. यह हमारे क़ानून और सिद्धांतों के ख़िलाफ़ है."

अख़बार के मुताबिक़, जब वोंग से पूछा गया कि क्या ऑस्ट्रेलिया ने भारत के कहने पर अपने यहां कुछ समूहों, जैसे कि ख़ालिस्तानी अलगाववादियों को लेकर कोई क़दम उठाए हैं, तो उन्होंने कहा, "इस संबंध में मैं कहना चाहूंगी कि हम आपकी संप्रभुता का सम्मान करते हैं और हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शनों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और हिंसा व तोड़फोड़ के बीच का महीन फ़र्क़ मालूम है."

इससे पहले निज्जर की हत्या के मामले में ऑस्ट्रेलिया ने कहा था कि भारत को निज्जर की हत्या की जांच में सहयोग करना चाहिए. इस रुख़ पर वोन्ग ने कहा कि 'ऑस्ट्रेलिया का दोनों देशों की संप्रभुता को लेकर स्पष्ट सैद्धांतिक विचार हैं.'

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