चीन से पाकिस्तान जा रहा सामान मुंबई में क्यों रोका गया, क्या है परमाणु कनेक्शन - प्रेस रिव्यू

प्रोपोगैंडा पोस्टर

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इमेज कैप्शन, उत्तर कोरिया के प्रोपेगैंडा पोस्टर की ये तस्वीर 2010 की है जिसमें मिसाइलों में सीएनसी की अहमियत को दिखाया गया है. [सांकेतिक तस्वीर]

इस साल जनवरी में भारत के मुंबई बंदरगाह पर कस्टम विभाग ने पाकिस्तान के कराची भेजा जा रहा कुछ ऐसा सामान ज़ब्त किया है जिनका दोहरा इस्तेमाल किया जा सकता था.

ये सामान चीन से भेजा जा रहा था. इनमें दो आधुनिक कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) मशीनें शामिल हैं जिनका निर्माण इटली के जीकेडी ने किया है.

अख़बार द हिंदू लिखता है कि दोहरे इस्तेमाल के इस सामान का इस्तेमाल पाकिस्तान अपने परमाणु कार्यक्रम में कर सकता है. एक सूत्र के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि ये सामान फिलहाल भारत की कस्टडी में है.

क्या है पूरा मामला?

द हिंदू ने एक सूत्र के हवाले से लिखा है कि 9 जनवरी को व्यापारिक जहाज़ सीएमए जीजीए अटिला चीन के शेकू बंदरगह से चला था. इस जहाज़ पर माल्टा का झंडा लगा था. ये कराची बंदरगाह की तरफ़ जा रहा था जहां कॉसमॉस इंजीनियरिंग नाम की कंपनी को ये सामान डिलीवर होना था.

सूत्र के अनुसार, "इसी साल 22 जनवरी को ये जहाज़ मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह (जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह) पहुंचा जहां कस्टम विभाग के अधिकारियों ने पूर्व में मिली ख़ुफ़िया सूचना के आधार पर इसे ज़ब्त कर लिया."

एक अन्य सूत्र के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि जहाज़ पर मौजूद सामान का संभावित इस्तेमाल पाकिस्तान के मिसाइल प्रोजेक्ट में हो सकता था, इसके मद्देनज़र डीआरडीओ की जानकारों की एक टीम ने इसकी जांच की.

जहाज़

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डेक्कन हेराल्ड ने ख़बर दी है कि डीआरडीओ के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मिसाइल के लिए ज़रूरी उपकरण के उत्पादन में मशीन का इस्तेमाल संभव था.

द हिंदू ने अधिकारियों के हवाले से कहा है कि मार्च 2022 में पाकिस्तान इटली से थर्मो-इलेक्ट्रिक सामान खरीदने की कोशिश कर रहा था, इस सौदे में कॉसमॉस इंजीनियरिंग भी शामिल था. ऐसे में कंपनी की हरकतों पर नज़र रखी जा रही थी.

इससे पहले फरवरी 2020 में चीन ने 'इंडस्ट्रियल ड्रायर' कहते हुए एक ऑटोक्लेव मशीन पाकिस्तान को भेजने की कोशिश की थी. इसे हांगकांग के झंडे वाले चीन के दाई सुई युन जहाज़ से ज़ब्त किया गया था.

ये जहाज़ चीन के जियांग्शू प्रांत के जियांग्यिन बंदरगाह से पाकिस्तान के कासिम बंदरगाह की तरफ रवाना हुआ था. इसके बाद से चिंता जताई जाने लगी कि पाकिस्तान अपने मिसाइल कार्यक्रम के लिए अवैध तरीके से सामान की खरीद-फरोख़्त में शामिल है.

सीएनसी मशीनें वासेनार व्यवस्था के तहत आती हैं, जो हथियारों के उत्पादन को नियंत्रित करने की एक व्यवस्था है. 1996 में बनी इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिक और सैन्य- दोहरे इस्तेमाल के सामान का प्रसार रोकना है.

अख़बार लिखता है कि उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम में सीएनसी मशीनों का इस्तेमाल किया था.

झारखंड में स्पैनिश महिला के साथ बलात्कार की घटना

महिला के ख़िलाफ़ हिंसा

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झारखंड के दुमका में 28 साल की स्पैनिश महिला के बलात्कार के मामले में चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है.

झारखंड के डीजीपी अजय कुमार सिंह ने कहा है कि "सभी सात लोगों की पहचान कर ली गई है, चार को गिरफ्तार किया जा चुका है, बाकियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा."

अख़बार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार ब्राज़ील की ये व्लॉगर अपने एक साथी के साथ बाइक ट्रिप पर थीं और शुक्रवार रात दुमका में रुकी थीं.

इंस्टाग्राम पर उनका एक वीडियो पोस्ट किया गया है जिसमें उन्होंने कहा, "हम अस्पताल में हैं. हमारे साथ ऐसा कुछ हुआ जो हम नहीं चाहते किसी और के साथ हो. सात लोगों ने मेरा बलात्कार किया, हमें पीटा और हमारा सामान चुराया. ये घटना आज रात हुई. उन्होंने हम पर हमला किया, हमारी गर्दन पर चाकू रखा और कहा कि वो हमें मार देंगे."

ये दोनों दे अलग-असद बाइक पर दुमका से होते हुए भागलपुर जा रहे थे और रास्ते में टेंट लगा कर रातभर के लिए रुके थे.

बैंगलुरू कैफ़े ब्लास्ट मामला: संदिग्ध की तस्वीर आई सामने

रामेश्वरम कैफ़े

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रामेश्वरम कैफ़े धमाके मामले में सीसीटीवी वीडियो और चेहरे के कुछ हिस्से की तस्वीर के आधार पर कर्नाटक पुलिस ने संदिग्ध की खोज शुरू कर दी है.

द हिंदू लिखता है कि पुलिस आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का भी सहारा ले रही है. आईटी कॉरिडोर में लगे कई कैमरों की मदद से सैकड़ों लोगों की भीड़ में पुलिस संदिग्ध की पहचान करने की कोशिश कर रही है.

सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि व्यक्ति की पहचान करने में अब तक पुलिस को कामयाबी नहीं मिली है.

अब तक क्या मिली जानकारी

अख़बार लिखता है कि बैगलुरू पुलिस ने रामेश्वरम कैफ़े से कुछ मीटर की दूर मौजूद कुंदलहल्ली बस स्टॉप के आसपास के सीसीटीवी फुटेज के अधार पर धमाके से पहले का घटनाक्रम तैयार किया है.

एक मार्च को संदिग्ध बीएमटीसी की वोल्वो बस में सवार हुआ और अगले स्टॉप पर उतर गया. वो 300 मीटर पैदल चलकर 11 बजकर 50 मिनट पर कैफ़े तक पहुंचा.

30 से 40 की उम्र का ये व्यक्ति चेहरे पर काला मास्क लगाए हुए था, उसके सिर पर कैप थी और पीछे की तरफ बैकपैक था.

पुलिस का कहना है कि कैफे़ के भीतर भी संदिग्ध ने चेहरे पर मास्क लगाए रखा, हालांकि कुछ वक्त के लिए इडली खाते वक्त उसने अपना मास्क हटाया था.

पुलिस के अनुसार "वो एक पेड़ की आड़ में छिपा हुआ था लेकिन उसके चेहरे का कुछ हिस्सा ज़ाहिर हुआ."

सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि इस तस्वीर और इमेज इनहान्सिंग तकनीक का इस्तेमाल करके संदिग्ध का एक स्केच बनाया गया है और उसकी तलाश की जा रही है.

हिमाचल प्रदेश: दो और मंत्रियों की नाराज़गी से बढ़ा सियासी पारा

वीडियो कैप्शन, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को अपनी ही पार्टी में हुई बग़ावत का अंदेशा था?
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शनिवार को हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक से दो मंत्री रोहित ठाकुर और जगत सिंह नेगी के उठकर चले जाने के बाद प्रदेश का सियासी पारा एक बार फिर बढ़ गया है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार कैबिनेट की बैठक में "तीखी बहस" के बाद प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर बैठक से बाहर चले गए थे.

उन्हें वापस बुलाने के लिए मुकेश अग्निहोत्री उनके पीछे भागते दिखे. बाद में रोहित ठाकुर ने कहा कि वो किसी निजी काम से बैठक से जल्दी जा रहे थे.

बीते दिनों अयोग्य करार दिए गए विधायक राजिन्दर राणा ने कहा था कि प्रदेश सरकार गिरने वाली है, वहीं पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पंचकुला में जाकर बाग़ी विधायकों से मुलाक़ात की थी.

इससे पहले राज्यसभा के लिए हुए मतदान में कांग्रेस के छह विधायकों ने बीजेपी के लिए क्रॉस वोट किया था और फिर विक्रमादित्य सिंह ने कैबिनेट से इस्तीफ़ा दे दिया जिसके बाद वहां सरकार पर संकट गहरा गया था.

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