बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफ़े में 'आईईडी ब्लास्ट', अब तक क्या पता है?

कैफ़े में ब्लास्ट के बाद की तस्वीर

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    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए

कर्नाटक के बेंगलुरु के वाइटफ़ील्ड इलाक़े में स्थित रामेश्वरम कैफ़े में शुक्रवार दोपहर कम तीव्रता वाले आईईडी विस्फोट में 9 लोग घायल हो गए हैं, जिसमें एक महिला भी शामिल हैं.

यह महिला 40 प्रतिशत तक जल गई है, जिन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है.

ये दो धमाके पांच सेकंड के अंतराल पर हुए हैं. पहला धमाका दोपहर 12:55:32 पर और दूसरा धमाका 12:55:37 मिनट पर हुआ है.

शनिवार को मुख्यमंत्री सिद्धारामैय्या ने ब्रुकफ़ील्ड अस्पताल जाकर घटना में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना.

वहीं प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, "सरकार इस मामले की स्पष्ट और निष्पक्ष जांच कराने के लिए प्रतिबद्ध है. पुलिस और सेंट्रल क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है. 7 से 8 समूह बनाए गए हैं जो दोषियों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं."

उन्होंने कहा, "अच्छी बात है कि कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई है. हम नहीं चाहते कि बंगलुरु में लोगों के मन में डर रहे. हम पुलिस को निष्पक्ष जांच के आदेश देंगे ताकि मामले की जांच सभी एंगल से की जा सके."

वहीं बीजेपी ने प्रदेश सरकार से इस मामले में कड़ा कदम उठाने की अपील की है और कहा है कि सरकार को इसकी जांच एनआईए को सौंप देनी चाहिए.

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पुलिस ने क्या कहा?

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस मामले में बेंगलुरु पुलिस ने अनलॉफ़ुल ऐक्टिविटिज़ प्रिवेंशन क़ानून (यूएपीए) और एक्स्प्लोसिव सबस्टेंसेस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.

बेंगलुरु पुलिस आयुक्त ने कहा है कि घटना की जांच हो रही है. कई टीमें जांच में लगी हैं और कई सुराग भी मिले हैं.

पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और सुरक्षा के पहलू को ध्यान में रखते हुए मीडिया से अटकलबाजियां न करने की और जांच में सहयोग की अपील की है.

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कहां हुआ धमाका?

ये धमाके एक ऐसे इलाक़े में हुए हैं जिसे बेंगलुरु के आईटी हब के रूप में जाना जाता है. आईटी क्षेत्र में काम करने वाले युवा इस जगह पर खाने-पीने के लिए आते हैं.

इस विस्फोट से बड़े पैमाने पर आग तो नहीं लगी, लेकिन कैफ़े के वॉश बेसिन वाले एरिया में काफी धुंआ पैदा हुआ. इसके बाद वहां पर कीलें और नट बोल्ट बिखरे हुए पाए गए.

पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि इस धमाके को अंजाम देने वाले शख़्स ने पहले रामेश्वरम कैफ़े में रवा इडली खाई और इसके बाद वॉश बेसिन के पास बैग रखकर चला गया.

यह धमाका आईईडी ब्लास्ट है, इसकी पहली आधिकारिक पुष्टि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने की है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने शुक्रवार को अधिकारियों के हवाले से कहा कि धमाका संदिग्ध देसी बम से हुआ लगता है.

बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफ़े में 'आईईडी ब्लास्ट', अब तक क्या पता है?

इमेज स्रोत, CCTV Footage/Police Sources

इमेज कैप्शन, रामेश्वरम कैफ़े के अंदर की तस्वीर

चश्मदीदों ने क्या कहा?

धमाके के वक़्त कैफ़े में मौजूद एडिबॉय नामक शख़्स ने कहा है, "मैं यहां दोपहर का खाना खाने आया था. लगभग एक बजे का वक़्त हुआ होगा. तभी मैंने एक तेज़ आवाज़ सुनी. ये बम धमाके जैसी आवाज़ थी, लेकिन मुझे नहीं पता कि ये बम धमाका था या कुछ और."

उन्होंने कहा, "लोगों को लगता है कि ये बम धमाका रहा होगा, लेकिन कुछ लोग इसे सिलेंडर ब्लास्ट भी कह रहे हैं. अंदर कुछ 35-40 लोग मौजूद थे. धमाके के बाद काफ़ी धुआं उठता देखा गया."

वहीं सबरीश कुंडली नाम के एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि जब को धमाके की जगह पर पहुंचे तो वहां काला धुंआ था, उन्होंने वहां कुछ घायलों को देखा.

वो कहते हैं कि "स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को नज़दीक के अस्पताल में पहुंचाया गया."

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घायलों का इलाज जारी है

इन घायलों में 45 वर्षीय महिला भी शामिल है जो चालीस फीसदी तक जल गई है.

इस महिला का ब्रुकफील्ड अस्पताल में इलाज़ किया जा रहा है.

ब्रुकफ़ील्ड अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर प्रदीप कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए अपने यहां भर्ती मरीजों की स्थिति के बारे में बताया है.

उन्होंने कहा है, "उनके अस्पताल में तीन घायल भर्ती हैं और तीनों ही ख़तरे से बाहर हैं. एक 45 वर्षीय महिला हैं जो 40 फीसद तक जल गई हैं. वो आईसीयू में हैं."

इस महिला को बाईं ओर कट लगे हैं जिसमें प्लास्टिक सर्ज़री की ज़रूरत होगी. धमाके की आवाज़ की वजह से उनका कान का परदा भी फट गया है.

हालांकि, डॉक्टर प्रदीप कुमार ने कहा कि अगर ये ज़्यादा तीव्रता का विस्फ़ोट होता तो मरीज़ों को ज़्यादा गंभीर चोटें आतीं.

बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफ़े में 'आईईडी ब्लास्ट', अब तक क्या पता है?

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ब्लास्ट के बारे में अब तक क्या पता है?

कर्नाटक सरकार ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है. राज्य के शीर्ष अधिकारियों ने बताया है कि इस मामले में सभी पहलुओं से जांच की जा रही है.

इस धमाके को सिलेंडर ब्लास्ट से जोड़कर देखा जा रहा है. लेकिन इस रेस्त्रां की प्रबंध निदेशक दिव्या राघवेंद्र ने बीबीसी को बताया है कि किसी भी सिलेंडर में विस्फ़ोट नहीं हुआ है.

इस मामले की फोरेंसिक जांच के लिए संबंधित टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है.

कर्नाटक के डीजीपी आलोक मोहन ने भी घटनास्थल का दौरा किया है. उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि ये एक बम धमाका है.

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया क्या बोले?

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ये आईईडी ब्लास्ट था- सीएम

इसेस पहले प्रदेश मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मैसूर में एक पुलिस अधिकारी के हवाले से पत्रकारों को बताया है कि यह एक आईईडी ब्लास्ट था.

उन्होंने कहा, "सीसीटीवी फ़ुटेज की जांच की जा रही है. किसी ने वहां बैग रखा था. वो कह रहे हैं कि ये आईईडी विस्फ़ोट था, हमें अभी नहीं पता कि ये आतंकी हमला है या नहीं. मुझे जो जानकारी मिली है, मैंने वो आपको बताया है. पुलिस वहां मौजूद है."

इसके साथ ही राज्य के गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने बताया गया है कि इस मामले में सभी पहलुओं से जांच की जा रही है.

उन्होंने कहा, "ये विस्फोट किसने किया है, ये किस प्रकार का विस्फ़ोट है... इसकी सभी एंगल से जांच की जा रही है. इस एंगल से भी जांच की जा रही है कि कहीं ये आईईडी विस्फ़ोट तो नहीं था."

राज्य के उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है, "एक बजे रामेश्वरम कैफे में ब्लास्ट हुआ था. यह कम तीव्रता का धमाका था. एक युवा एक छोटे से बैग के साथ आया था जिसमें एक घंटे बाद धमाका हो गया. लगभग दस लोग घायल हुए हैं."

बेंगलुरु दक्षिण लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या

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बीजेपी ने क्या कहा?

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बासवराज बोम्मई ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया, "पहले दिन से ही सरकार क़ानून व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रही है. सत्ताधारी पक्ष के नेताओं का समर्थन राष्ट्र विरोधी तत्वों को मिल रहा है और पुलिस का मोराल भी कम हुआ है."

"असामाजिक तत्व शहर में घूम रहे हैं और अब उनमें इतना साहस आ गया है कि वो शहर में बम रखें. इसके तार आतंकी तत्वों से है. जब हमारी सरकार थी उस वक्त हमने 15 स्लीपर सेल का पता कर उन्हें सलाखों के पीछे डाला था."

उन्होंने कहा कि सरकार को "इस मामले की जांच एनआईए को सौंपनी चाहिए और अगर ऐसा नहीं हुआ तो सरकार को सत्ता छोड़ देनी चााहिए."

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कर्नाटक बीजेपी प्रदेश प्रमुख बीवाई विजयेन्द्र ने कहा कि उन्होंने सरकार से मामले की जांच एनआईए को सौंपने की मांग की है.

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता आर अशोक ने सरकार से इस मामले में कड़ा कदम उठाने की अपील की है.

उन्होंने कहा, "मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इस मामले में गंभीर कदम उठाए जाएं."

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बेंगलुरु दक्षिण लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने इस मामले में जांच एजेंसियों को खुली छूट देने की मांग की है.

उन्होंने एक्स पर लिखा है, "पहले उन्होंने सिलेंडर ब्लास्ट का नैरेटिव बनाने की कोशिश की. अब वे बिज़नेस में प्रतिद्वंद्विता की कहानी गढ़ रहे हैं. कांग्रेस सरकार जांच एजेंसियों को अपना काम करने के लिए इजाज़त क्यों नहीं दे सकती. वोट बैंक की क्या मजबूरी है? सीएम सिद्धारमैया को जांच के लिए खुली छूट देनी चाहिए और बेंगलुरु के लोगों को स्पष्ट जवाब देने चाहिए."

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