बेंगलुरु धमाकाः पुलिस जांच कहां तक पहुंची, अन्य धमाकों से भी संबंध?

बेंगलुरु पुलिस ने संदिग्ध की ये तस्वीर जारी की है

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    • Author, इमरान कुरैशी
    • पदनाम, बेंगलुरु से बीबीसी हिंदी के लिए

कर्नाटक पुलिस ने शुक्रवार दोपहर को रामेश्वरम कैफ़े में धमाके करने वाले कथित संदिग्ध का एक सीसीटीवी वीडियो जारी किया है.

पुलिस ने इस धमाके में शामिल संदिग्ध या संदिग्धों को पकड़ने के लिए दस टीमों का गठन किया है.

ये एक आईईडी धमाका था जिसमें नौ लोग घायल हुए हैं. घायलों में एक 49 वर्षीय महिला भी शामिल हैं जिन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है. महिला का शरीर 40 प्रतिशत ज़ख़्मी है.

ये दो धमाके पांच सेकंड के अंतराल पर हुए. पहला धमाका दोपहर 12:55:32 पर और दूसरा धमाका 12:55:37 मिनट पर हुआ है.

जांचकर्ता इस धमाके की 19 नवंबर 2022 को मंगलुरु में हुए कुकर बम धमाके और 23 सितंबर 2022 को शिवमोगा में हुए धमाकों से जोड़कर भी जांच कर रहे हैं.

पुलिस सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि आईईडी में इस्तेमाल हुआ टाइमर उन धमाकों में इस्तेमाल टाइमर जैसा ही है.

शिवमोगा में हुए बम धमाके के एक अभियुक्त के तार कोयम्बटूर सिलेंडर धमाके से भी जुड़े हैं. ये धमाका अक्तूबर 2022 में हुआ था.

मैसूर से बेंगलुरु पहुंचे कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पत्रकारों से कहा, “हमें अभी ये नहीं पता है कि इस धमाके के पीछे कोई एक व्यक्ति है या कोई समूह है.”

संदिग्ध की जो तस्वीरें और वीडियो जारी किए गए हैं, उनमें वो कैप पहने हुए और सर्जिकल मास्क लगाये हुए दिख रहा है. ये संदिग्ध कैफ़े के नज़दीक़ एक बस से उतरता है और तेज़ी से कैफ़े की तरफ़ बढ़ता है.

सिद्धारमैया ने कहा, “एक व्यक्ति मास्क लगाकर और कैप पहनकर बस से आया, उसने रवा इडली ख़रीदी, उसे खाया और बैग रख दिया.”

ये बैग वॉश बेसिन एरिया में एक पेड़ के पास रखा गया था.

'जारी है जांच'

रामेश्वरम कैफ़े के अंदर की तस्वीर

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जब मुख्यमंत्री से बेंगलुरु में हुए धमाके और मैंगलुरु में हुए कुकर बम धमाके के संबंध के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी जांच चल रही है.

19 नवंबर 2022 को मंगलुरु में हुए धमाके में कर्नाटक पुलिस ने एक जला हुआ प्रेशर कुकर बरामद किया था जिसमें विस्फोटक सामग्री थी. इसके अलावा ऑटोरिक्शा से एक गैस बर्नर के हिस्से भी मिले थे.

इस धमाके में ड्राइवर और सवारी घायल हो गए थे. कुकर में जली हुई बैटरियां भीं थीं जो उसके साथ जोड़ी गईं थीं. पुलिस को शक था कि ये टाइमर से चलने वाला डिवाइस था.

23 अक्तूबर 2022 को कोयम्बटूर में एक मारुति 800 में धमाका हुआ था. संगमेश्वर मंदिर के पास एलपीजी सिलेंडर में धमाका हुआ था. पुलिस को इस मामले में भी घटनास्थल से विस्फोटक मिले थे.

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धमाकों की इन तीनों घटनाओं में शारिक़ नाम के एक व्यक्ति का नाम आया था जो कथित रूप से बम बनाने की प्रक्रिया में शामिल था.

शिवमोगा ज़िले के तीर्थनहल्ली में एक तालाब में बम बनाने की प्रक्रिया में शामिल पाया गया था.

शारिक़ ने कोयमबटूर, मदुरै और तमिलनाडु के कई अलग इलाक़ों का दौरा किया था. इन तीनों ही मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए कर रही है.

एक पुलिस अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि मंगलुरु कुकर विस्फोट मामले और रामेश्वरम कैफे मामले में एक अन्य सामान्य बात यह है कि विस्फोटक सामग्री को प्राथमिक तत्व बताया गया जबकि डेटोनेटर और टाइमर डिजिटल हैं.

कहां हुआ धमाका?

धमाका स्थल से मिला डिजिटल टाइमर

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ये धमाके एक ऐसे इलाक़े में हुए हैं जिसे बेंगलुरु के आईटी हब के रूप में जाना जाता है. आईटी क्षेत्र में काम करने वाले युवा इस जगह पर खाने-पीने के लिए आते हैं.

इस विस्फोट से बड़े पैमाने पर आग तो नहीं लगी, लेकिन कैफ़े के वॉश बेसिन वाले एरिया में काफी धुंआ पैदा हुआ. इसके बाद वहां पर कीलें और नट बोल्ट बिखरे हुए पाए गए.

पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि इस धमाके को अंजाम देने वाले शख़्स ने पहले रामेश्वरम कैफ़े में रवा इडली खाई और इसके बाद वॉश बेसिन के पास बैग रखकर चला गया.

बीजेपी ने क्या कहा?

बेंगलुरु दक्षिण लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या

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समाप्त

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बासवराज बोम्मई ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया, "पहले दिन से ही सरकार क़ानून व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रही है. सत्ताधारी पक्ष के नेताओं का समर्थन राष्ट्र विरोधी तत्वों को मिल रहा है और पुलिस का मोराल भी कम हुआ है."

"असामाजिक तत्व शहर में घूम रहे हैं और अब उनमें इतना साहस आ गया है कि वो शहर में बम रखें. इसके तार आतंकी तत्वों से है. जब हमारी सरकार थी उस वक्त हमने 15 स्लीपर सेल का पता कर उन्हें सलाखों के पीछे डाला था."

उन्होंने कहा कि सरकार को "इस मामले की जांच एनआईए को सौंपनी चाहिए और अगर ऐसा नहीं हुआ तो सरकार को सत्ता छोड़ देनी चााहिए."

बेंगलुरु दक्षिण लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने इस मामले में जांच एजेंसियों को खुली छूट देने की मांग की है.

उन्होंने एक्स पर लिखा है, "पहले उन्होंने सिलेंडर ब्लास्ट का नैरेटिव बनाने की कोशिश की. अब वे बिज़नेस में प्रतिद्वंद्विता की कहानी गढ़ रहे हैं. कांग्रेस सरकार जांच एजेंसियों को अपना काम करने के लिए इजाज़त क्यों नहीं दे सकती. वोट बैंक की क्या मजबूरी है? सीएम सिद्धारमैया को जांच के लिए खुली छूट देनी चाहिए और बेंगलुरु के लोगों को स्पष्ट जवाब देने चाहिए."

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