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दिल्ली सरकार के आला अधिकारी पर दोस्त की नाबालिग़ बेटी से रेप का आरोप, क्या है पूरा मामला?
दिल्ली सरकार के एक सीनियर अधिकारी को अपने दोस्त की 17 साल की बेटी से रेप के मामले में हिरासत में लिया गया है. इस मामले में अधिकारी की पत्नी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है.
अधिकारी पर आरोप है कि अपने मृत दोस्त की नाबालिग़ बेटी के साथ उसने बुराड़ी स्थित अपने घर में महीनों रेप किया.
लड़की इसी दौरान प्रेग्नेंट भी हो गई थी. पीड़ित लड़की ने आरोप लगया है कि दिल्ली सरकार के उस अधिकारी और उसकी पत्नी ने गर्भपात कराया था.
टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के अनुसार, सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस अभियुक्त को उसके घर से गिरफ़्तार करने पहुंची थी.
पुलिस ने अख़बार से बताया है कि लड़की के पिता की मौत के बाद उनकी नाबालिग़ बेटी को वह अधिकारी अपने घर पर लाया था कि वही देखरेख करेगा.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उस अधिकारी को नौकरी से निलंबित कर दिया है.
दिल्ली सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि रेप अभियुक्त महिला और बाल विकास विभाग में उप-निदेशक है.
लड़की कैसे अधिकारी के घर पहुंची?
दिल्ली सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि एफ़आईआर दर्ज हो गई है और क़ानून पूरी मुस्तैदी से इस मामले में काम करेगा.
पुलिस ने बताया कि यह मामला तीन साल पुराना है लेकिन सामने पिछले हफ़्ते आया जब लड़की को अस्पताल में भर्ती किया गया.
काउंसलिंग के बाद लड़की ने डॉक्टरों से बताया कि वह लंबे समय से उत्पीड़न का सामना कर रही है.
लड़की ने अपने बयान में बताया है कि वह अपने माता-पिता के साथ स्थानीय चर्च में जाया करती थी. दोनों सरकारी अधिकारी थे.
संदिग्ध भी अपने परिवार के साथ यहाँ आता था. इस दौरान दोनों परिवारों में क़रीबी बढ़ी.
वर्ष 2020 में लड़की के पिता की मौत हो गई. इसके बाद अपनी माँ की सहमति से वह लड़की उस परिवार के घर रहने गई.
टाइम्स ऑफ इंडिया से दिल्ली पुलिस के उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने कहा, ''लड़की अपने पिता के दोस्त की गार्डियनशिप में अक्तूबर 2020 से फ़रवरी 2021 तक रही. लड़की ने आरोप लगाया है कि इस दौरान उसे यौन प्रताड़ना का सामना करना पड़ा. लड़की ने कहा है कि उसके साथ लगातार रेप भी हुआ. लड़की ने कहा है कि उसे जबरन गर्भपात के लिए मजबूर किया गया. ऐसा अभियुक्त और उसकी पत्नी ने किया है. हमलोग इस बात की जांच कर रहे हैं कि गर्भपात की पिल उसकी पत्नी ने दी थी या नहीं. एक मेडिकल टेस्ट अभी किया गया है.''
पुलिस का कहना है कि जब लड़की 2021 में अपनी माँ के पास वापस आई तो चुप रहने लगी. उसने अपनी माँ को भी नहीं बताया लेकिन हाल में डॉक्टरों ने काउंसलिंग की तो लड़की ने सब कुछ बता दिया. इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया.
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समाचार एजेंसी एएनआई से डीसीपी नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट सागर सिंह कलसी ने कहा, ''लड़की उस वक़्त नौंवी क्लास में पढ़ती थी. लड़की ने अभियुक्त की पत्नी को बताया तो उसने धमकी दी थी. पीड़िता ने बताया है कि धमकी देने के बाद गर्भपात की गोली दी थी. हमें सारी जानकारी अस्पताल से ही मिली है और उसके बाद हमने कार्रवाई शुरू की है. लड़की की स्थिति स्थिर है लेकिन अभी वह कुछ बताने की स्थिति में नहीं है. हम कुछ दिनों में लड़की बयान दर्ज करेंगे.''
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने ये भी यह मामला उठाया था. उन्होंने इसे लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए थे और बताया था कि पुलिस को नोटिस जारी किया जा रहा है.
मालीवाल ने लिखा है, ''दिल्ली में महिला एवं बाल विकास विभाग में उपनिदेशक के पद पर बैठे सरकारी अफ़सर पर बच्ची से यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है. पुलिस ने अभी तक उसको अरेस्ट नहीं किया है. हम दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर रहे हैं. जिसका काम बेटियों की सुरक्षा करना था, वही भक्षक बन जाये तो लड़कियां कहां जाएं! जल्द गिरफ़्तारी होनी चाहिए!''
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