मध्य प्रदेश: रेप सर्वाइवर की सेहत में सुधार, विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल

    • Author, सलमान रावी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, भोपाल से

मध्य प्रदेश के सतना में हुई सामूहिक बलात्कार की घटना इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. अब ज़िलाधिकारी अनुराग वर्मा ने कहा है कि रेप सर्वाइवर नाबालिग़ बच्ची को होश आ गया है.

27 जुलाई को हुई घटना के बाद से नाबालिग़ बच्ची को 28 जुलाई को अस्पताल जे जाया गया था.

ज़िलाधिकारी का कहना है कि रीवा के संजय गाँधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सात डाक्टरों की टीम उपचार में लगातार लगी रही और अब सर्वाइवर की स्थिति पहले से बहुत बेहतर है.

ज़िलाधिकारी के मुताबिक़, यह अपराध सर्वाइवर की बस्ती के पीछे के जंगलों में हुआ.

उनके मुताबिक, "मंदिर में दैनिक वेतनभोगी के रूप में काम करने वाले दो लोग सर्वाइवर को जंगल ले गए जहां उसके साथ बारी बारी से ना सिर्फ़ दुष्कर्म किया गया बल्कि उसके गुप्तांग में लकड़ी डाली गयी जिससे उसकी आंतें तक ज़ख़्मी हो गयीं. इसके अलावा चिकित्सा में लगे डाक्टरों ने पीड़ित के बदन पर जगह जगह काटे जाने के निशान भी पाए हैं."

अनुराग वर्मा कहते हैं, “पीड़ित के पिता नहीं हैं. परिवार बेहद ग़रीब है. शारदा मंदिर के पास उसकी माँ चूड़ियां बेचती थीं. हालांकि मध्य प्रदेश की सरकार चिकित्सा का इंतज़ाम कर रही है मगर पीड़ित के परिवार के लोग अस्पताल में ही हैं जिन्हें पैसों की सख्त ज़रूरत थी. इसलिए हमने ‘रेड क्रॉस सोसाइटी’ से अनुरोध किया कि वो भी पीड़ित के परिवार की मदद करें.”

रेड क्रॉस सोसायटी ने परिवार को 50 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद की है.

मामले के दोनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और उनके मकान जो ज़मीन अतिक्रमण कर बनाए गए थे, उतने हिस्से को तोड़ भी दिया गया है.

अनुराग वर्मा कहते हैं कि घटना के बारे में तब पता चला जब नाबालिग़ ख़ुद घायलावस्था में अपनी बस्ती की तरफ़ आ रही थी.

इसी दौरान एक महिला की नज़र उस पर पड़ी और फिर उसे बस्ती पहुंचाया गया जहां से उसकी गंभीरावस्था को देखते हुए उसे फ़ौरन स्थानीय अस्पताल ले जाया गया.

अस्पताल ले जाए जाने से पहले जो नाबालिग़ बच्ची ने पुलिस के समक्ष बयान दिया, उसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई.

घटना के बाद से उसकी हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई थी इसलिए अब होश आने के बाद पुलिस और भी जानकारी लेने की कोशिश कर रही है.

विपक्षी दलों ने राज्य की शिवराज सरकार को घेरा

इस घटना ने प्रदेश में राजनीति भी गरमा दी है और राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने “महिलाओं के ख़िलाफ़ मध्य प्रदेश में बढ़ रहे अपराध” पर सरकार की आलोचना की है.

वहीं रविवार को आम आदमी पार्टी ने घटना के विरोध में प्रदेश की राजधानी भोपाल में ज़ोरदार प्रदर्शन भी किया और मांग की कि दिल्ली के ‘निर्भया कांड’ में जिस तरह सुनवाई की गयी थी उसी तरह इस मामले में भी सुनवाई की जाए.

भोपाल के रौशनपुरा में किये गए प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता रमाकांत पटेल का कहना था कि मैहर स्थित ‘मां शारदा धाम’ के मंदिर में देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं.

उनका कहना था कि सत्तारूढ़ दल के बड़े नेता दिल्ली से मध्य प्रदेश के दौरे पर इस दौरान आये लेकिन उन्होंने इस घटना पर कुछ भी नहीं कहा.

पुलिस का कहना है कि ‘माँ शारदा देवी’ का मंदिर जिस पहाड़ी पर मौजूद हैं उसी के नीचे एक बस्ती है जहां के कुछ ग़रीब लोग मंदिर परिसर के बाहर भीख मांगते हैं. श्रद्धालुओं को भिखारी तंग ना करें इस लिए मंदिर की प्रबंध समिति ने वहां दैनिक वेतन पर कर्मचारियों को तैनात किया था.

पीड़िता ने दोनों अभियुक्तों को पहचान लिया था और उसने पुलिस को दिए गए बयान में उनका नाम भी लिया था. दोनों अभियुक्त मंदिर की प्रबंध समिति के दैनिक वेतन भोगी है.

पुलिस का कहना है कि मंदिर से बस्ती तक जाने वाले दूल्हा देव जंगल में घटना को अंजाम दिया गया जहां अपराधियों ने पीड़ित को मरा हुआ समझ कर छोड़ दिया था और भाग गए थे.

पिछले चार दिनों में सतना में बलात्कार की दो घटनाएं घट चुकी हैं. दूसरी घटना 29 जुलाई को रामनगर थाना क्षेत्र में हुई थी.

इस सम्बन्ध में एक नाबालिग़ युवती के बयान के आधार पर पुलिस ने विजय साकेत नाम के व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है.

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने मांग की है कि पीड़ित को इलाज के लिए एक करोड़ रूपए की सहायता दी जाए.

उनका कहना था, “प्रदेश में आए दिन बच्चियों के साथ अत्याचार की घटनाओं ने साबित कर दिया है कि शिवराज सरकार बहन-बेटियों को सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम हो चुकी है. मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि बेटी को अच्छे से अच्छा उपचार उपलब्ध कराया जाए और उसे तत्काल एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए.”

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के मध्य प्रदेश राज्य के सचिव जसविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि मैहर की घटना ‘कोई अकेली घटना’ नहीं है.

वो कहते हैं कि महिला बाल विकास मंत्रालय ने लोकसभा के पटल पर जो आंकड़ों पेश किये उसके अनुसार 1 जनवरी वर्ष 2018 से 30 जून 2023 तक मध्यप्रदेश में 49024 बच्चियां ग़ायब हुई हैं.

जसविंदर सिंह कहते हैं, “इसका मतलब ये हुआ कि मध्य प्रदेश में हर रोज 24 और हर घंटे एक बच्ची ग़ायब हो रही है. राज्य के गृहमंत्री बयानबाजी कर नफ़रत फैलाने में लगे हुए हैं जबकि उनके अपने विधानसभा क्षेत्र में भी कुछ दिन पहले दो बहनों के साथ बलात्कार की घटना घटी. विदिशा में भी एक बेटी के बलात्कार के बाद बेटी और उसके पिता दोनों को ही आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा.”

इसी साल के अप्रैल माह में राज्य सरकार ने एक निर्देश जारी करते हुए कहा था कि मैहर के ‘मां शारदा मंदिर’की प्रबंधन समिति में मुस्लिम कर्मचारियों को काम करने की अनुमति नहीं मिलेगी.

इसके अलावा मैहर में ही प्रसिद्ध संगीतकार और ‘मैहर घराने’के संस्थापक बाबा अलाउद्दीन खान का घर था. शास्त्रीय संगीत की इस धरोहर से कई बेहद बड़े नाम जुड़े हुए हैं जैसे पंडित रविशंकर, पंडित निखिल बनर्जी और उनकी बेटी अन्नपूर्णा देवी.

ये सभी उस्ताद अलाउद्दीन खान के शिष्यों में शामिल हैं.

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