ईरान युद्ध पर सट्टेबाज़ी: ख़ामेनेई के मारे जाने की भविष्यवाणी कर कुछ लोगों ने कैसे की लाखों की कमाई

ईरान के तेहरान में हवाई हमले से क्षतिग्रस्त एक इमारत में रेड क्रिसेंट बचाव दल के सदस्य काम करते हुए

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इमेज कैप्शन, ईरान की राजधानी तेहरान में हवाई हमले से क्षतिग्रस्त एक इमारत में रेड क्रॉस बचाव दल के सदस्य
    • Author, अब्दुल रहमान बिन तालिब
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़ अरबी
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई की हत्या से कुछ घंटे पहले, सैकड़ों लोगों ने एक अमेरिकी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर इस बात पर दांव लगाया था कि उन्हें ठीक उसी दिन मार दिया जाएगा.

यह सट्टा प्लेटफ़ॉर्म "पोलिमार्केट" पर सबसे प्रमुख दांवों में से एक था, जिसने 130 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि बटोरी. कुछ सट्टेबाज़ों ने तो इस दांव पर हज़ारों डॉलर तक का मुनाफ़ा कमाया.

अमेरिका में ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए राजनीतिक घटनाओं पर सट्टेबाज़ी का बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है. हालांकि इस बाज़ार को लेकर विवाद भी है.

ये कैसे काम करता है?

स्मार्टफोन की दुनिया में सट्टेबाज़ी अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है

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ये इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफ़ॉर्म होते हैं, जहां कोई उपयोगकर्ता एक सवाल या दांव पेश करता है, और दूसरे उपयोगकर्ता किसी एक संभावित नतीजे को चुनकर उस पर अपना दांव लगाते हैं, यानी उस अनुमान पर पैसे लगाते हैं.

पारंपरिक सट्टेबाज़ी के उलट, जिसमें जीतने वाला व्यक्ति सट्टा कंपनी से पैसे पाता है, पोलिमार्केट जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर मुनाफ़ा और नुकसान इस बात पर निर्भर करता है कि दांव की शुरुआत से लेकर ट्रेड बंद होने या आखिरी दांव लगने तक इनकी कीमत में कितना बदलाव आया.

'बेट' की कीमत हर पल मांग और आपूर्ति के आधार पर बदलती रहती है. ट्रेडिंग बंद होने के बाद, सही दांव लगाने वाले लोगों को उनके लगाए गए पैसे से कई गुना अधिक रकम मिलती है, जो बेट की कीमत में हुए बदलाव पर निर्भर करती है.

ये सट्टेबाजी कई क्षेत्रों में होती है, जैसे- खेल, विज्ञान और अर्थव्यवस्था.

सट्टेबाज़ी प्लेटफ़ॉर्म अपने आप में कोई नया कॉन्सेप्ट नहीं हैं, इनमें से कुछ तो पिछले 25 वर्षों से मौजूद हैं. और अगर बात करें राजनीतिक घटनाओं पर सट्टा लगाने की तो ये भी कोई नई बात नहीं है. नई बात यह है कि कुछ प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है, जिससे ज़्यादा लोग सट्टेबाज़ी करने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं.

कोई भी व्यक्ति मामूली जानकारी के साथ 'बेट' पर दांव लगा सकता है, और "हां" या "नहीं" जैसे आसान विकल्पों में से चुन सकता है. यह पारंपरिक सट्टेबाज़ी से अलग है, जिसमें वित्तीय मामलों की अच्छी समझ और जिस विषय पर दांव लगाया जा रहा है, उसका गहरा ज्ञान होना ज़रूरी होता था.

उभरता हुआ राजनीतिक सट्टेबाज़ी बाज़ार

निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद उनकी तस्वीर डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर शेयर की

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ब्लूमबर्ग के अनुसार, ईरान से जुड़ी राजनीतिक सट्टेबाज़ी ने पोलिमार्केट पर अली ख़ामेनेई की हमले में मौत वाले दिन 400 मिलियन डॉलर से अधिक का कारोबार किया, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग तीन गुना था.

कुछ लोगों ने इस बात पर दांव लगाया कि क्या अमेरिकी सेना ईरान में प्रवेश करेगी, युद्धविराम कब होगा, और ईरान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को कितने समय तक बंद रखेगा.

मामला इतना आगे बढ़ गया कि कुछ लोगों ने ईरान पर परमाणु बम गिराए जाने पर भी दांव लगा दिया, जिसके बाद प्लेटफ़ॉर्म ने इस तरह के दांव को हटा दिया.

इस समय सट्टेबाज़ों के बीच सबसे लोकप्रिय टॉपिक ईरान में मौजूदा शासन के संभावित पतन की तारीख़ को लेकर है.

एक यूजर ने 28 फरवरी को ईरान से जुड़े दांवों से 5 लाख डॉलर से अधिक कमाए, उसने अमेरिका और इसराइल के ईरान के साथ संभावित युद्ध से जुड़े कई अनुमान लगाए थे.

बीबीसी अरबी ने सफल बेट लगाने वाले सट्टेबाज़ों में से एक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन क़ानूनी प्रतिबंधों के कारण वे नकली नामों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनसे संपर्क करना संभव नहीं हो सका.

जनवरी में एक अन्य सट्टेबाज़ ने निकोलस मादुरो को हटाए जाने पर दांव लगाकर 30 हजार डॉलर के निवेश से 4 लाख डॉलर से अधिक की कमाई की.

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई

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इमेज कैप्शन, ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई (फ़ाइल फोटो)

फ़रवरी के अंत में अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के शुरुआती क्षणों में ख़ामेनेई को निशाना बनाए जाने की खबरें आने के बाद भी उनकी हत्या पर सट्टा जारी रहा.

उस समय "हां" पर दांव लगाने वालों का प्रतिशत एक दिन पहले के लगभग 1 फ़ीसदी से बढ़कर 90% से अधिक हो गया.

इस तरह सट्टेबाज़ी के संचालन ने ट्रेडिंग की पारदर्शिता को लेकर कई आलोचनाएं पैदा कीं.

पोलिमार्केट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर इस बात पर स्पष्टता नहीं है कि ख़ामेनेई को उस समय सत्ता से हटाया गया या नहीं, तो "यह बाज़ार तब तक खुला रह सकता है जब तक विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर सहमति न बन जाए."

इसी समय, कई यूजर्स नकली नामों से दांव लगाते हैं, जिससे अख़बारों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने यह सवाल उठाया कि क्या निर्णय लेने वाली संस्थाओं के अधिकारी या डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से जुड़े लोग संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल सट्टेबाज़ी में कर रहे हैं?

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) एक ऐसे विधेयक पर विचार कर रही है, जो संघीय कर्मचारियों और संसद के कर्मचारियों को ग़ैर-सार्वजनिक जानकारी का उपयोग करके ऑनलाइन भविष्यवाणी बाज़ारों में दांव लगाने से रोकता है. यह कदम निकोलस मादुरो को हटाए जाने पर लगाए गए दांव के बाद उठे विवाद के चलते लिया जा रहा है.

हाल ही में, इसराइल के अधिकारियों ने दो लोगों पर पोलिमार्केट पर गुप्त जानकारी का इस्तेमाल कर सट्टा लगाने का आरोप लगाया. वहीं, नॉर्वे के अधिकारियों ने एक ऐसे दांव की जांच शुरू की, जिसमें वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मरिया कोरीना मचादो के नोबेल शांति पुरस्कार जीतने की भविष्यवाणी की गई थी, जिससे एक सट्टेबाज़ ने 50,000 डॉलर से अधिक का मुनाफ़ा कमाया.

युद्ध पर सट्टा लगाना कितना नैतिक?

इसराइल के रामत गान में जहां ईरान की मिसाइल गिरी थी, उसके पास स्थित अपनी बालकनी से एक महिला बाहर देख रही हैं

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इमेज कैप्शन, इसराइल के रामत गान में जहां ईरान की मिसाइल गिरी थी, उसके पास स्थित अपनी बालकनी में एक महिला

दूसरी ओर, कई लोग यह सवाल उठाते हैं कि युद्ध पर सट्टा लगाना कितना क़ानूनी और नैतिक है, खासकर जब ये ऐसे संघर्ष होते हैं जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है.

सामान्य तौर पर, अमेरिकी क़ानून उन सट्टेबाज़ियों पर रोक लगाता है जो सार्वजनिक हित के ख़िलाफ़ हों. इसी तरह, युद्ध पर सट्टा लगाना अमेरिका के विभिन्न राज्यों के कानूनों और प्रशासनिक नियमों के तहत प्रतिबंधित है.

इसी वजह से, इस तरह की सट्टेबाज़ी केवल पोलिमार्केट के अंतरराष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध थी, जिसे पनामा से संचालित एक इकाई के जरिए चलाया जाता है.

इसके जवाब में, पोलिमार्केट ने ख़ामेनेई की हत्या से जुड़े दांव वाले पेज पर एक नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि प्रीडिक्शन मार्केट्स की अहमियत इस बात में है कि वे "जनता की सामूहिक समझ" के आधार पर सटीक अनुमान पेश करते हैं. प्लेटफ़ॉर्म के अनुसार, ऐसे अनुमान "मौजूदा हालात में" बेहद मूल्यवान हो जाते हैं.

प्लेटफ़ॉर्म ने यह भी कहा कि उसे दर्जनों सवाल मिले और उसने हमलों से सीधे प्रभावित लोगों से बातचीत की. उनका कहना है, "प्रीडिक्शन मार्केट्स उन्हें ऐसे जवाब दे सकते हैं, जो न तो टीवी न्यूज़ और न ही एक्स जैसे प्लेटफ़ॉर्म दे सकते हैं."

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन सट्टेबाज़ी का यह बाज़ार अभी शुरुआती दौर में है, और इसमें निवेश करने वाले ज़्यादातर लोग छोटे सट्टेबाज़ हैं. रिपोर्ट यह भी कहती है कि ख़ामेनेई की मौत पर दांव लगाने वाले अधिकांश लोगों ने 1,000 डॉलर से कम की राशि लगाई थी.

इसके बावजूद, इस बाज़ार के विस्तार और इसके यूरोप तथा अन्य बड़े शहरों में फैलने को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित