ईरान पर चार दिन में चार अलग बयान, क्या ट्रंप अपनी ही दी डेडलाइन में फंस गए?

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- Author, एंथनी जर्चर
- पदनाम, नॉर्थ अमेरिका संवाददाता
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ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रवैया, कभी कूटनीति तो कभी ध्यान भटकाने वाले क़दमों का मिलाजुला रूप रहा है. इस बीच कई बार उनके बयानों का असल मतलब समझना भी मुश्किल साबित हो रहा है.
शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका का युद्ध 'समाप्ति की ओर है'. लेकिन शनिवार रात तक उन्होंने ईरान को '48 घंटे की डेडलाइन' दे दी कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोल दे, वरना 'उसे अमेरिका के नए और तीखे हवाई हमलों का सामना करना पड़ेगा.'
अगले दिन, वह गोल्फ़ खेलने गए और दोपहर का समय फ़्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में बिताया.
सोमवार सुबह, जब ग्लोबल शेयर बाज़ार गिरावट से जूझ रहा था, तो उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ 'रचनात्मक' बातचीत कर रहा है.
इसके बाद वह मेंफिस, टेनेसी गए, जहां उन्होंने एक भाषण दिया और म्यूज़िक आइकन एल्विस प्रेस्ली के ऐतिहासिक घर ग्रेसलैंड का दौरा किया.
इस बीच, ईरान के ठिकानों पर अमेरिका और इसराइल के हवाई हमले जारी हैं. ईरान भी अमेरिकी बलों और उसके मध्य-पूर्वी सहयोगियों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है.
और होर्मुज़ स्ट्रेट पर अब भी आवाजाही बेहद सीमित है.
पहले चेतावनी फिर नरम रुख़
शनिवार रात को ट्रंप की चेतावनी स्पष्ट लग रही थी- 'अगर ईरान अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट को नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके एनर्जी इन्फ़्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर ईरान को अंधेरे में डुबा देगा.'
यह एक कड़ी चेतावनी थी. जवाब में ईरान ने कहा कि वह क्षेत्र के गैस फ़ील्ड और डिसैलिनेशन ढांचे (पीने का पानी बनाने वाले प्लांटों) को निशाना बनाएगा.
और दोनों तरफ़ की धमकियों चेतावनियों से तीन सप्ताह से चल रहे इस जंग में एक नया और ख़तरनाक मोड़ आता हुआ दिख रहा था, जिसके नागरिकों पर गंभीर असर पड़ सकते थे.
हालांकि, सोमवार सुबह तक ट्रंप ने हमले को रोक दिया, कम से कम अस्थायी तौर पर ही सही.
राष्ट्रपति के अनुसार, एक अज्ञात ईरानी नेता के साथ अमेरिकी संपर्क के बाद प्रस्तावित हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया गया.
हालांकि ईरान ने ऐसी किसी बातचीत या संपर्क से इनकार किया. टेनेसी में रहने के दौरान दिन भर ट्रंप ने यही आशावादी रुख़ बनाए रखा.

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टेनेसी रवाना होने से पहले हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच 'कई अहम बिंदुओं पर सहमति' है.
उन्होंने कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं. हम भी समझौता करना चाहते हैं."
कुछ घंटों बाद, मेंफिस में जुटे अमेरिकी नेशनल गार्ड के जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान के साथ 'बहुत, बहुत अच्छी बातचीत' चल रही है.
उन्होंने कहा, "ईरान के पास अमेरिका और हमारे सहयोगियों के ख़िलाफ़ अपनी धमकियों को ख़त्म करने का एक और मौका है. हमें उम्मीद है कि वह इसका फ़ायदा उठाएगा."
इसके बाद ट्रंप ग्रेसलैंड पहुंचे. ये मेंफ़िस का सबसे मशहूर पर्यटक आकर्षण केंद्र है. उन्होंने वहाँ शहर में अपराध दर में आई गिरावट का ज़िक्र किया और इसका श्रेय सड़कों पर नेशनल गार्ड के जवानों की तैनाती को दिया.
क्या अपनी डेडलाइन में फंस गए थे ट्रंप?

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जब डोनाल्ड ट्रंप एल्विस प्रेस्ली के घर में घूमते हुए 'किंग ऑफ़ रॉक एन रोल' के फ़ैशन और डिज़ाइन को देख रहे थे, उसी दौरान लगातार ख़बरें आ रही थीं कि इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और उनके बीच सीधे फ़ोन कॉल पर बात हुई और आने वाले कुछ दिनों में ईरानी अधिकारियों के साथ भी बात होगी.
ऐसा लग रहा था कि कूटनीतिक पहिए घूम रहे हैं, हालांकि ठोस जानकारी की कमी के कारण दुनिया भर में कई लोगों के मन में संदेह बना रहा.
ईरानी सरकारी मीडिया ने, ट्रंप के ट्रुथ सोशल पोस्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि राष्ट्रपति दबाव में पीछे हट गए.
वहीं, ईरानी अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच किसी ठोस बातचीत से इनकार किया. ट्रंप ने "15 बिंदुओं पर सहमति" की बात तो की, लेकिन इसके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी.
फिर भी, बातचीत की संभावना मात्र से अमेरिकी शेयर बाज़ार में उछाल आया और वैश्विक तेल क़ीमतों में गिरावट देखी गई.
जो दिन दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के लिए भारी चिंता का संकेत दे रहा था, उसमें अब निवेशकों के लिए इस संघर्ष से निकलने की उम्मीद की एक किरण दिखने लगी.
ट्रंप अब वॉशिंगटन लौट आए हैं, जहां ईरान के एनर्जी इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर संभावित अमेरिकी हमलों के लिए अब पांच दिन का काउंटडाउन शुरू होगा.
कई उतार-चढ़ाव और एक दिवंगत रॉक स्टार के घर की यात्रा के बाद, ट्रंप ने शायद पहली बार इस दिशा में किसी ठोस प्रगति का पहला संकेत दिया है.
या फिर यह सिर्फ़ एक और उदाहरण हो सकता है, जब उन्हें एहसास हुआ कि उनकी दी गई डेडलाइन ने ही उन्हें मुश्किल में डाल दिया है और अब वह खुद के लिए और समय निकालने की कोशिश कर रहे हैं.
ग्रेसलैंड की यात्रा के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह एल्विस के बड़े प्रशंसक हैं और 'हर्ट' उनका पसंदीदा गाना है.
हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए, 'इट्स नाउ ऑर नेवर' (या तो अभी या कभी नहीं) शायद ज़्यादा सटीक गाना होता.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.



































