लाइव, ईरान के विदेश मंत्री ने 'युद्धविराम' के मुद्दे पर चीन को क्या बताया?

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से बात की है. इस दौरान अराग़ची ने कहा है कि ईरान युद्धविराम के लिए तैयार है, लेकिन सिर्फ़ अस्थायी तौर पर नहीं.

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े, रौनक भैड़ा

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

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  2. ईरान के विदेश मंत्री ने 'युद्धविराम' के मुद्दे पर चीन को क्या बताया?

    अब्बास अराग़ची

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    इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची और चीन के विदेश मंत्री के बीच बातचीत हुई है

    चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से बात की है. इस दौरान अराग़ची ने कहा है कि ईरान युद्धविराम के लिए तैयार है, लेकिन सिर्फ़ अस्थायी तौर पर नहीं.

    चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक़, अराग़ची ने वांग यी से कहा, "ईरान सिर्फ़ अस्थायी युद्धविराम नहीं चाहता, बल्कि पूरी तरह से युद्ध ख़त्म करना चाहता है."

    उन्होंने यह भी बताया, "स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ सबके लिए खुला है, जहाज़ सुरक्षित तरीक़े से गुज़र सकते हैं, लेकिन जो देश इस युद्ध में शामिल हैं, उनके जहाज़ नहीं गुज़र सकते."

    वांग यी ने ज़ोर देकर कहा कि 'बातचीत का रास्ता लड़ाई से बेहतर' है. चीन ने सभी पक्षों से जल्द से जल्द शांति बहाल करने की अपील की है."

    गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर चुके हैं कि वह ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भी कहा है कि अमेरिका और ईरान चाहें तो पाकिस्तान जंग को रोकने के लिए मध्यस्थता करने को तैयार है.

  3. अमेरिकी नागरिक को तालिबान ने एक साल से ज़्यादा वक़्त के बाद रिहा किया, महजूबा नौरोज़ी, बीबीसी अफ़गान सेवा, काबुल

    डेनिस वॉल्टर कॉयल
    इमेज कैप्शन, 64 वर्षीय डेनिस वाल्टर कॉयल जनवरी 2025 में गिरफ़्तार किए गए थे

    अफ़ग़ानिस्तान तालिबान ने एक अमेरिकी नागरिक को एक साल से ज़्यादा क़ैद में रखने के बाद रिहा कर दिया है. यह क़दम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के दबाव के बीच उठाया गया है.

    64 वर्षीय डेनिस वाल्टर कॉयल अफ़ग़ानिस्तान में लैंग्वेज रिसर्चर के तौर पर रह रहे थे. उनके परिवार के अनुसार जनवरी उन्हें 2025 में गिरफ़्तार किया गया था.

    तालिबान शासन के विदेश मंत्रालय ने ऑनलाइन बयान में कहा कि डेनिस की क़ैद 'पर्याप्त' मानी गई और उन्हें रमज़ान के बाद आने वाले ईद-उल-फ़ितर के मौक़े पर माफ़ कर दिया गया.

    पिछले साल गिरफ़्तारी के बाद से तालिबान ने उन पर आरोप तय नहीं किए थे, लेकिन उन्हें 'लगभग अकेलेपन जैसी स्थिति' में रखा गया.

    उनके रिश्तेदारों ने कहा कि इस वजह से उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई थी.

    अमेरिकी सरकार ने इस रिहाई का स्वागत किया है लेकिन कहा है कि अन्य अमेरिकी नागरिक भी 'अन्यायपूर्ण' तरीक़े से क़ैद हैं जिन्हें छोड़े जाने की ज़रूरत है.

  4. क्या अमेरिका और ईरान की वास्तव में बातचीत हो रही है?, लीस डुसेट, मुख्य अंतरराष्ट्रीय संवाददाता

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, कई देश जैसे पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान के साथ उनकी 'बहुत मज़बूत बातचीत' हुई है. लेकिन अभी तक बातचीत का रास्ता खुलने के छोटे संकेत ही दिख रहे हैं.

    ईरान अब भी अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा नहीं करता है. फ़रवरी और जून 2025 में हुई दो दौर की बातचीत अमेरिका समर्थित इसराइली हमलों की वजह से बंद हो गई थी.

    ख़बर है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची और अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ के बीच फ़ोन पर बातचीत हुई है. लेकिन इन बातों को बहुत शुरुआती बताया जा रहा है.

    कई देश जैसे पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं. इन तीनों देशों के नेताओं के ट्रंप से निजी रिश्ते मज़बूत हैं और वे इस संकट में अरब नेताओं से लगातार जुड़े हुए हैं. ईरान का सबसे भरोसेमंद मध्यस्थ ओमान भी इसमें शामिल है.

    हालात अनिश्चित हैं, लेकिन रिपोर्ट है कि ईरान के बड़े अधिकारी मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ जल्द ही अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस से मिल सकते हैं.

    ट्रंप लगातार ईरान में किसी ऐसे नेता की तलाश कर रहे हैं जो वेनेज़ुएला की डेल्सी रोड्रिगेज़ की तरह ताक़तवर और व्यवहारिक हो, जिसे वे अपने हिसाब से चला सकें.

    लेकिन ईरान में ऐसा होना मुश्किल है. यहां मौलवी और कमांडर मिलकर फ़ैसले लेते हैं और इस समय ग़ालिबाफ़ जैसे नेता हावी हैं. वे युद्ध ख़त्म करने के लिए बहुत बड़ी क़ीमत मांग रहे हैं.

  5. कोलकाता नाइट राइडर्स ने रिंकू सिंह को बनाया उप कप्तान

    रिंकू सिंह

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    इमेज कैप्शन, रिंकू सिंह ने आईपीएल में केकेआर के लिए साल 2018 में डेब्यू किया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने रिंकू सिंह को टीम का उप कप्तान बनाया है.

    केकेआर ने पिछले साल वेंकटेश अय्यर को उप कप्तान बनाया गया था, लेकिन उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और इस बार उन्हें रिलीज़ कर दिया गया.

    इस दफ़ा रिंकू को टीम की लीडरशिप ग्रुप में जगह मिली है. जबकि टीम के कप्तान अजिंक्या रहाणे होंगे.

    रिंकू सिंह ने आईपीएल में केकेआर के लिए साल 2018 में डेब्यू किया था.

    रिंकू सिंह बाएं हाथ के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ हैं.

    क्रिकइनफ़ो के मुताबिक़, रिंकू ने केकेआर के लिए 59 मैच खेले हैं और 145.17 के स्ट्राइक रेट से 1099 रन बनाए हैं. वह हाल ही में उस भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे, जिसने घरेलू मैदान पर टी-20 वर्ल्ड कप जीता.

  6. इसराइल ने कहा, 'दक्षिण लेबनान के बड़े हिस्से पर नियंत्रण करेंगे', पॉलिन कोला

    इसराइल कात्ज़

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    इमेज कैप्शन, इसराइल कात्ज़ ने बताया कि सैनिक लितानी नदी तक (लगभग 30 किलोमीटर दूर) एक सुरक्षा क्षेत्र बनाएंगे (फ़ाइल फ़ोटो)

    इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने कहा है कि इसराइली सैनिक दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से पर नियंत्रण करेंगे, ताकि हिज़्बुल्लाह के खिलाफ अभियान चलाया जा सके.

    कात्ज़ ने बताया कि सैनिक लितानी नदी तक (लगभग 30 किलोमीटर दूर) एक सुरक्षा क्षेत्र बनाएंगे. जब तक उत्तरी इसराइल सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक विस्थापित लोग अपने घरों में वापस नहीं जा सकेंगे.

    उन्होंने कहा, हिज़्बुल्लाह की ओर से 'आतंकियों और हथियारों की आवाजाही' के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पाँच पुलों को ध्वस्त कर दिया गया है.

    दरअसल इसराइल और लेबनान के बीच ताज़ा तनाव तब शुरू हुआ जब ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दागे. यह लेबनान की ओर से एक जवाबी हमला था.

    लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में अब तक 1,000 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें कम से कम 118 बच्चे और 40 स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं. 10 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो चुके हैं, जिससे बड़ी मानवीय संकट की स्थिति बन सकती है.

    जबकि इसराइली अधिकारियों का कहना है कि उनका मकसद उत्तरी इसराइल की बस्तियों को हिज़्बुल्लाह के हमलों से बचाना है.

    गौरतलब है कि दक्षिणी लेबनान, लेबनान की शिया मुस्लिम आबादी का मुख्य इलाका है. यही हिज़्बुल्लाह का सबसे बड़ा समर्थन आधार है.

  7. पाकिस्तान ने जताई ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता करने की इच्छा, जानें क्या बोले पीएम शहबाज़

    शहबाज़ शरीफ़ और ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान बातचीत की कोशिशों का स्वागत करता है (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान ने कहा है कि वह अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच चल रही जंग को रोकने के लिए मध्यस्थता करने को तैयार है.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "पाकिस्तान मध्य पूर्व में चल रही जंग को ख़त्म करने के लिए बातचीत की कोशिशों का स्वागत करता है और पूरी तरह समर्थन करता है. यह शांति और स्थिरता के लिए ज़रूरी है, न सिर्फ़ इस क्षेत्र में बल्कि बाहर भी."

    उन्होंने लिखा, "अगर अमेरिका और ईरान सहमत होते हैं, तो पाकिस्तान तैयार है और सम्मानित महसूस करेगा कि वह इन बातचीतों की मेज़बानी करे, ताकि इस संघर्ष का पूरा और ठोस हल निकाला जा सके."

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी फ़ोन पर बातचीत की थी.

    पीएम मोदी ने इसके बारे में एक्स पर लिखा था, "भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है."

  8. ट्रंप ने मध्य पूर्व के हालात पर पीएम मोदी से की बात, अमेरिकी राजदूत ने क्या बताया

    मोदी और ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, सर्ज़ियो गोर ने लिखा कि दोनों नेताओं के बीच स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को खुला रखने पर भी बात हुई (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति' पर चर्चा की है.

    भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियों गोर ने एक्स पर लिखा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी प्रधानमंत्री मोदी से बात की. दोनों ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को खुला रखने पर भी बात हुई."

    पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा "राष्ट्रपति ट्रंप का फ़ोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर अच्छी बातचीत हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. यह ज़रूरी है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ खुला, सुरक्षित और सबके लिए उपलब्ध रहे, क्योंकि यह पूरे विश्व के लिए अहम है. हमने शांति और स्थिरता के प्रयासों पर संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई."

    इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा था कि 'होर्मुज़ स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य' है.

    उन्होंने कहा, "स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में दुनिया के कई जहाज़ फंसे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर्स भी हैं. युद्ध के बाद से ही होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों का आना जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है."

    पीएम मोदी ने यह भी कहा कि उन्होंने युद्ध की शुरुआत के बाद 'पश्चिम एशिया के ज़्यादातर नेताओं से दो राउंड फ़ोन पर बातचीत की' है.

    दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के कई देशों से 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' को खुला रखने के लिए सहायता करने की अपील की थी.

  9. ईरान ने अली लारिजानी की जगह नियुक्त किया नया सुरक्षा प्रमुख

    मोहम्मद बाग़र ज़ोलग़द्र

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    इमेज कैप्शन, मोहम्मद बाग़र ज़ोलग़द्र 8 साल तक आईआरजीसी के ज्वाइंट स्टाफ के प्रमुख रहे (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान में अली लारिजानी की मौत के बाद नए सुरक्षा प्रमुख की नियुक्ति हो गई है. मोहम्मद बाग़र ज़ोलग़द्र को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव बनाया गया है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, राष्ट्रपति कार्यालय में संचार और सूचना के उप प्रमुख सैयद मोहम्मद मेहदी तबातबाई ने एक्स पर नियुक्ति की पुष्टि की है.

    उन्होंने लिखा कि यह फ़ैसला 'ईरान के सर्वोच्च नेता की राय और मंज़ूरी से' लिया गया है.

    ज़ोलग़द्र ने अली लारिजानी की जगह ली है, जो 16 मार्च को अपनी बेटी के घर पर हुए इसराइली हमले में मारे गए.

    ब्रिगेडियर जनरल ज़ोलग़द्र रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडरों में से एक रहे हैं. वह रमज़ान ओवरसीज़ बेस के संस्थापकों में शामिल थे. बाद में इसी बेस के आधार पर क़ुद्स फ़ोर्स (आईआरजीसी की विदेशी शाखा) बनाई गई.

    ज़ोलग़द्र 8 साल तक आईआरजीसी के ज्वाइंट स्टाफ़ के प्रमुख रहे और 8 साल तक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के डिप्टी कमांडर-इन-चीफ़ रहे.

  10. सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु पाने वाले हरीश राणा का दिल्ली एम्स में निधन

    दिल्ली एम्स

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    इमेज कैप्शन, 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला देते हुए हरीश के लिए पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारत में न‍िष्‍क्र‍िय इच्‍छामृत्‍यु (पैस‍ि‍व यूथेनेशि‍या) की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हरीश राणा का मंगलवार को एम्स दिल्ली में निधन हो गया.

    इसी महीने 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला देते हुए हरीश के लिए न‍िष्‍क्र‍िय इच्‍छामृत्‍यु की अनुमति दी थी.

    पीटीआई के मुताबिक़, 31 साल के हरीश 2013 से कोमा में थे. उन्हें 14 मार्च को ग़ाज़ियाबाद स्थित घर से एम्स के डॉ बीआर अंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर हॉस्पिटल के पेलिएटिव केयर यूनिट में शिफ़्ट किया गया था.

    हरीश पंजाब यूनिवर्सिटी में बीटेक के छात्र थे. 2013 में वह चौथी मंज़िल की बालकनी से गिर गए थे और सिर पर गंभीर चोट लगी थी.

    तब से वह कोमा में थे और उन्हें आर्टिफ़िशियल न्यूट्रिशन और कभी-कभी ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जाता था.

  11. बस्तर: माओवादी नेता पापा राव ने किया आत्मसमर्पण, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए

    माओवादी नेता पापा राव

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    इमेज कैप्शन, माओवादी नेता पापा राव ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति उन्हें अच्छी लगी इसलिए उन्होंने हथियार छोड़ने का फैसला किया (फ़ाइल फ़ोटो)

    बस्तर के चर्चित माओवादी नेता पापा राव ने मंगलवार को आत्मसमर्पण कर दिया है. सुकमा के किस्टारम इलाके में पैदा हुए, दोरला जनजाति के पापा राव के साथ 17 दूसरे माओवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया है.

    पुलिस के एक अधिकारी ने बीबीसी से कहा, "पापा राव ने एक मध्यस्थ के माध्यम से पिछले पखवाड़े संपर्क किया था. इसके बाद हमने उन्हें आत्मसमर्पण के लिए राजी किया और भरोसा दिया कि मुख्यधारा में लौटने पर उनका स्वागत होगा. पापा राव के आत्मसमर्पण के बाद, अब इस इलाके में कोई भी बड़ा नक्सली नहीं बचा है."

    सीपीआई माओवादी के पश्चिम एरिया कमेटी के प्रमुख, 55 वर्षीय पापा राव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "सरकार की पुनर्वास नीति मुझे अच्छी लगी, इसलिए मैंने हथियार छोड़ने का फैसला किया."

    बस्तर के स्थानीय माओवादियों में माड़वी हिड़मा के बाद, पापा राव सबसे चर्चित नाम रहा है और पिछले 20 सालों में छत्तीसगढ़ में हुई कई हिंसक घटनाओं में पापा राव का नाम जुड़ा रहा है.

    पिछले दो सालों में पापा राव उर्फ़ सुनम चंद्राया उर्फ़ मंगू दादा उर्फ़ चंद्रन्ना के मुठभेड़ में मारे जाने की खबरें कई बार सामने आई थीं. लेकिन हर बार यह खबरें गलत साबित हुईं.

    राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने पापा राव के आत्मसमर्पण पर कहा, "दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के स्तर का अब कोई भी कमांडर नहीं बचा है. हमारे छत्तीसगढ़ में 40 से 45 कुल नक्सली बचे हैं, जो एरिया कमेटी मेम्बर हैं. उनसे ऊपर का कोई नहीं बचा है."

    उन्होंने कहा, "बाकी बचे नक्सली भी वापस आएंगे. मैं कह सकता हूं कि आने वाले दो-चार दिनों में, 31 मार्च तक समूचे छत्तीसगढ़ से सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा."

  12. धर्मांतरण के बाद एससी/एसटी के दर्जे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फ़ैसला, उमंग पोद्दार, बीबीसी संवाददाता

    सुप्रीम कोर्ट

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    इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के फ़ैसले को बरक़रार रखा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट की दो-जजों की पीठ ने मंगलवार को धर्म परिवर्तन को लेकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के दर्जे के मामले में एक अहम फ़ैसला सुनाया.

    सुप्रीम कोर्ट की दो-जजों की पीठ ने कहा कि अगर कोई अनुसूचित जाति का व्यक्ति अपना धर्मांतरण कर ईसाई धर्म अपनाता है, तो वह व्यक्ति अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कोई लाभ नहीं ले सकता है.

    बार एंड बेंच और लाइव लॉ के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के फ़ैसले को बरकरार रखा है. हाई कोर्ट ने कहा था, "अगर कोई व्यक्ति ईसाई धर्म अपना लेता है, उसे मानता और उसका पालन करता है, तो उसे अनुसूचित जाति समुदाय का सदस्य नहीं माना जा सकता."

    बार एंड बेंच के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "केवल हिंदू, बौद्ध और सिख धर्म के लोग ही अनुसूचित जाति की श्रेणी में आ सकते हैं. अगर कोई इन धर्मों से अलग धर्मांतरण करता है तो वो अनुसूचित जाति को दी गई सुरक्षा या आरक्षण का लाभ नहीं उठा सकता."

    1950 के एक संवैधानिक आदेश में कहा गया है कि हिंदू धर्म के बाहर का कोई भी व्यक्ति अनुसूचित जाति की श्रेणी में नहीं आ सकता. हालांकि, आज के फ़ैसले से क्या प्रभाव पड़ेगा ये लिखित फ़ैसला आने के बाद साफ़ होगा.

    गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने एक समिति का गठन किया था, जो इस बात पर विचार कर रही है कि इस्लाम और ईसाई धर्म को अपना चुके लोगों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में गिना जाना चाहिए या नहीं.

    यह समिति 2022 में बनाई गई थी और इस समिति के अध्यक्ष भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन हैं.

    बचाव पक्ष के वकील ने क्या कहा?

    इस मामले में बचाव पक्ष के वकील नचिकेता जोशी ने इस फ़ैसले पर पत्रकारों से कहा, "आज का फैसला बहुत ऐतिहासिक है. यह फ़ैसला तय करता है कि एससी/एसटी एक्ट के तहत शिकायत कौन दर्ज कर सकता है. इसका संबंध दलित ईसाइयों के व्यापक मुद्दे से नहीं है, जो अभी लंबित है."

    "फ़ैसला स्पष्ट करता है कि एससी/एसटी एक्ट के तहत शिकायत केवल वही व्यक्ति दर्ज कर सकता है जो एससी/एसटी समुदाय से संबंधित हो. हमारे मामले में तथ्य यह थे कि संबंधित व्यक्ति 10 साल पहले एससी/एसटी समुदाय छोड़कर ईसाई धर्म अपना चुका था."

    "इसलिए यह सवाल उठा कि अगर कोई व्यक्ति ईसाई धर्म अपना लेता है, तो क्या वह एससी/एसटी का दर्जा बनाए रखता है. अगर वह यह दर्जा बनाए नहीं रखता, तो क्या ऐसी स्थिति में वह एससी/एसटी एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कर सकता है? आज अदालत ने इस मामले में अहम फ़ैसला देते हुए कहा कि उसकी ओर से दर्ज शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है. इसलिए यह मामला आपराधिक कार्यवाही से जुड़ा हुआ है."

  13. पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा- 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में भारतीय क्रू मेंबर्स भी फंसे'

    नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट जैसे अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में मध्य पूर्व के संकट पर अपना संबोधन दिया. पीएम मोदी ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में दुनिया के कई जहाज़ फंसे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर्स भी हैं.

    पीएम मोदी ने कहा, "कमर्शियल जहाज़ों पर हमला और होर्मुज़ स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है. युद्ध के बाद से ही होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों का आना जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है."

    "लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, हमारी सरकार ने संवाद और कूटनीति के जरिए रास्ते बनाने का प्रयास किया है."

    उन्होंने बताया, "प्रयास ये है कि जहां से भी संभव हो, वहां से तेल और गैस की सप्लाई भारत पहुंचे. ऐसी हर कोशिश के नतीजे भी देश देख रहा है. बीते कुछ दिनों में दुनिया के अनेक देशों से कच्चा तेल और एलपीजी से भरे जहाज़ भारत आए हैं. इस दिशा में हमारे प्रयास, आने वाले दिनों में भी जारी रहेंगे."

    इससे पहले सोमवार को भी प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में अपना संबोधन दिया था और मध्य पूर्व के हालात 'चिंताजनक' बताए. साथ ही कहा कि भारत के सामने भी 'अप्रत्याशित चुनौतियाँ' हैं.

  14. ईरान जंग: पाकिस्तान के 'मध्यस्थ बनने की ख़बरों पर' कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाए ये आरोप

    मोदी

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता और नैरेटिव प्रबंधन मोदी सरकार की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी रहा है (सांकेतिक तस्वीर)

    ईरान जंग को लेकर पाकिस्तान के संभावित मध्यस्थ बनने की ख़बरों को कांग्रेस पार्टी ने 'मोदी सरकार की नाकामी' बताया है.

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर इस संबंध में एक लंबी पोस्ट लिखी है.

    जयराम रमेश ने कहा है, "अगर ये रिपोर्टें सही हैं, तो यह भारत के लिए एक बड़ा झटका और भारत की उपेक्षा है. इसके लिए पूरी तरह स्वघोषित विश्वगुरु जिम्मेदार हैं."

    जयराम रमेश ने लिखा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता और नैरेटिव प्रबंधन मोदी सरकार की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी रहा है.

    जयराम रमेश के मुताबिक़, जो पाकिस्तान राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक स्तर पर बेहद नाजुक स्थिति में था, उसे एक नई जिंदगी मिल गई.

    उन्होंने आगे लिखा, ''बिना किसी उकसावे के ईरान पर अमेरिका-इसराइल के हवाई हमले शुरू होने से ठीक दो दिन पहले पीएम मोदी की अविवेकपूर्ण इसराइल यात्रा, हमारे राजनीतिक इतिहास में एक बेहद विनाशकारी निर्णय के रूप में दर्ज होगी.''

    जयराम रमेश ने लिखा, ''एक ऐसा फ़ैसला जिसने हमें उस स्थिति से पीछे धकेल दिया, जहां हम मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते थे. प्रधानमंत्री की ‘झप्पी कूटनीति’ की पूरी तरह पोल खुल चुकी है. देश को इसकी क़ीमत चुकाने के लिए मजबूर किया जा रहा है.''

    इससे पहले बीबीसी के व्हाइट हाउस संवाददाता बर्न्ड डिबशमैन जूनियर ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स और एक्सियोस की ख़बरों के हवाले से बताया कि ईरान जंग को ख़त्म करने के लिए पाकिस्तान संभावित मध्यस्थ बन सकता है.

  15. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  16. ईरान को मध्यस्थों के ज़रिए अमेरिका से मिली मुद्दों की सूची, सीबीएस न्यूज़ की रिपोर्ट

    ईरानी झंडा

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते के दावे किए हैं (सांकेतिक तस्वीर)

    बीबीसी के अमेरिकी पार्टनर सीबीएस न्यूज़ को ईरानी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि उन्हें मध्यस्थों के ज़रिए अमेरिका से कुछ मुद्दे (बातचीत के) मिले हैं और उनकी समीक्षा की जा रही है.

    अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर आ रही विरोधाभासी रिपोर्टों के बीच यह नई जानकारी मिली है.

    सीबीएस ने स्पष्ट किया है कि यह कदम बातचीत की संभावित शुरुआत के तौर पर उठाया गया है, और यह बातचीत अभी न तो पक्की हुई है और न ही चल रही है.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और ईरान ने युद्ध ख़त्म करने पर बातचीत की है, लेकिन ईरान ने इससे इनकार कर दिया था.

    ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को टालने के बाद, अमेरिका इस संघर्ष को रोकने के लिए कोई समझौता कर सकता है.

  17. इसराइल पर ईरान के नए मिसाइल हमले, तस्वीरों में

    इसराइल

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    इमेज कैप्शन, मंगलवार को सेंट्रल इसराइल में ईरानी मिलाइल हमलों के बाद उठता धुआं
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    इमेज कैप्शन, मंगलवार को ईरानी मिसाइल हमले के बाद तेल अवीव में एक कुत्ते के साथ एक क्षतिग्रस्त इमारत से बाहर निकलती एक महिला
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    इमेज कैप्शन, आईडीएफ़ ने मंगलवार को ईरान के नए मिसाइल हमलों से देश के कई इलाक़ों में नुक़सान की जानकारी दी है. यह तस्वीर राजधानी तेल अवीव की है, जहां ईरानी मिसाइल गिरी है
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    इमेज कैप्शन, ईरान ने सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक इसराइल के कई इलाक़ों में हमले किए हैं. यह तस्वीर मंगलवार को तेल अवीव पर हुए हमले की है
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    इमेज कैप्शन, मंगलवार को तेल अवीव में ईरानी मिसाइल हमले के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश करते फ़ायर फ़ाइटर्स
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    इमेज कैप्शन, मंगलवार को ईरानी हमले के बाद तेल अवीव में राहत और बचाव कार्य के लिए पहुंचे कर्मी
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    इमेज कैप्शन, मंगलवार को तेल अवीव में ईरानी हमले में क्षतिग्रस्त हुई इमारत
  18. इसराइल के कई इलाक़ों में नए ईरानी हमलों से नुक़सान, लोगों से की ये अपील

    तेल अवीव

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    इमेज कैप्शन, मंगलवार को तेल अवीव में हुए ईरानी मिसाइल हमले के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश करते फायर फाइटर्स

    इसराइल ने देश के कई इलाक़ों में हमलों के बाद और अधिक नुक़सान की जानकारी दी है.

    इसराइल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ़) के मुताबिक़, "होम फ्रंट कमांड की बचाव और राहत टीमें उन जगहों की ओर रवाना हो गई हैं, जहाँ देश के मध्य भाग में हमले की ख़बरें मिली हैं. लोग इन इलाकों में भीड़भाड़ न करें."

    इसराइल की इमरजेंसी सेवा के टेलीग्राम अकाउंट पर पोस्ट की गई तस्वीरों में इमारतों और मलबे से धुआँ उठता हुआ दिखाई दे रहा है.

    इससे पहले आईडीएफ़ ने एक बयान में कहा था कि देश के दक्षिणी हिस्से में "कई इलाक़ों" से हमले की ख़बरें मिल रही हैं.

    आईडीएफ़ ने सोमवार रात से ईरान की ओर से इसराइल पर दाग़ी गई मिसाइलों को लेकर कई अलर्ट जारी किए. आईडीएफ़ ने देश के उत्तरी इलाक़े में किसी चीज़ के टकराने की जानकारी दी थी.

    तस्वीरों में उत्तरी इसराइल के एक इलाक़े में मिसाइल हमले से हुआ नुकसान दिख रहा है.

    यहां हाइफ़ा इलाक़े में स्थित नेशर में, कम से कम एक इमारत पर रात के वक़्त एक मिसाइल गिरी है.

    होम फ्रंट कमांड ने लोगों से अपील की है कि वे निर्देशों का पालन करना जारी रखें.

  19. राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट पर नियंत्रण के बारे में ये कहा

    ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कई सवालों के जवाब दिए

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट पर नियंत्रण के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया है.

    ट्रंप ने कहा, "इस पर साझा नियंत्रण होगा. शायद मैं और जो भी अगले आयतुल्लाह होंगे, दोनों का इस पर नियंत्रण होगा."

    ईरान में सर्वोच्च नेता को आयतुत्लाह कहा जाता है.

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि मध्य पूर्व में चल रहे टकराव को पूरी तरह ख़त्म करने को लेकर बातचीत हुई है.

    लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बातचीत वाले बयान को नकार दिया है.

    इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने ईरान के साथ 'संभावित बातचीत' को लेकर लगाए जा रहे कयासों को शांत करने की कोशिश की है.

    व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने बीबीसी को दिए एक बयान में कहा, "ये संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं और अमेरिका प्रेस के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा."

    लेविट ने कहा, "यह एक अस्थिर स्थिति है, और बैठकों को लेकर लगाए जा रहे कयासों को तब तक अंतिम नहीं माना जाना चाहिए जब तक कि व्हाइट हाउस इसकी औपचारिक घोषणा न कर दे."

  20. उत्तरी इसराइल में मिसाइल हमला, तस्वीरों में दिख रहा है नुक़सान

    हाइफ़ा

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    इमेज कैप्शन, इसराइल के हाइफ़ा इलाक़े में सोमवार देर रात ईरानी मिसाइल से हमला हुआ है, ये मिसाइल एक इमारत पर गिरी है

    तस्वीरों में उत्तरी इसराइल के एक इलाक़े में मिसाइल हमले से हुआ नुकसान दिख रहा है.

    यहां हाइफ़ा इलाक़े में स्थित नेशर में, कम से कम एक इमारत पर रात के समय एक मिसाइल गिरी है.

    इससे पहले इसराइली सेना ने चेतावनी दी थी कि ईरान की तरफ से देश की ओर मिसाइलें दागी गई हैं.

    आपातकालीन सेवाओं का कहना है कि एक महिला को उस समय छर्रे लगने से चोट आई, जब वह एक सुरक्षित ठिकाने की ओर जा रही थी.

    आईडीएफ़ ने एक बयान में कहा है कि देश के दक्षिणी हिस्से में "कई इलाक़ों" से हमले की ख़बरें मिल रही हैं.

    आईडीएफ़ ने सोमवार रात से ईरान की ओर से इसराइल पर दाग़ी गई मिसाइलों को लेकर कई अलर्ट जारी किए.

    इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स (आईडीएफ़) ने देश के उत्तरी इलाक़े में किसी चीज़ के टकराने की जानकारी दी थी.

    हाइफ़ा

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    इमेज कैप्शन, मिसाइल हमले के बाद घटनास्थल पर पहुंचे सुरक्षाकर्मी

    आईडीएफ़ ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया था, "होम फ्रंट कमांड की बचाव और राहत टीमें इस समय उत्तरी इसराइल में घटनास्थल पर सक्रिय हैं, जहाँ किसी चीज़ के टकराने की खबरें मिली हैं."

    आईडीएफ़ ने कहा कि लोग इन इलाक़ों में लोग भीड़ इकट्ठा न करें. साथ ही होम फ्रंट कमांड ने अपील की है कि लोग ज़रूरी दिशानिर्देशों का पालन करते रहें.