जी-20 पर शशि थरूर की यह टिप्पणी चर्चा में क्यों- प्रेस रिव्यू

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भारत के मीडिया में आज जी-20 से जुड़ी ख़बरों को ही प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है.
हिंदुस्तान टाइम्स ने कांग्रेस नेता शशि थरूर के बयान को प्रकाशित किया है.
शशि थरूर ने कहा है कि इसमें कोई शक नहीं कि नई दिल्ली घोषणा पत्र भारत की कूटनीतिक जीत है.
शशि थरूर ने जी-20 के सभी सदस्य देशों को घोषणा पत्र के लिए सहमत कर लेने के लिए भी मोदी और उनकी टीम की तारीफ़ की.
हालांकि कांग्रेस सांसद ने सरकार की यह कहकर आलोचना भी की कि सरकार जी-20 सम्मेलन का इस्तेमाल अपने फ़ायदे के लिए करना चाहती है.
थरूर ने कहा, “नई दिल्ली घोषणा पत्र निश्चित रूप से भारत के लिए कूटनीतिक जीत है. ये एक बड़ी कामयाबी है क्योंकि सम्मेलन से ठीक पहले तक इस बात को लेकर संशय था कि कोई समझौता नहीं हो सकेगा और ऐसा हो सकता है कि साझा बयान संभव ना हो पाये, और ऐसा हो सकता है कि चेयरमैन की समरी के साथ समापन करना पड़े.”
थरूर ने कहा, “सहमति ना बनने की एक बड़ी वजह ये थी कि जो लोग युद्ध के लिए रूस की आलोचना चाहते थे उनके और रूस और चीन के बीच बड़ा फ़ासला था, जो चाहते थे कि युद्ध का कोई ज़िक्र ना हो. भारत ऐसा फॉर्मूला निकालने में कामयाब रहा जिसने इस फ़ासले को मिटा दिया और ये एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी है क्योंकि जब भी कोई सम्मेलन साझा बयान के बिना समाप्त होता है तो इसे चेयरमैन की नाकामी के रूप में ही देखा जाता है.”
थरूर ने ये भी कहा कि सरकार इस आयोजन को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है.
उन्होंने कहा, “सरकार ने इसे लोगों का जी-20 बना दिया.” थरूर ने ये भी कहा कि सत्ताधारी दल ने इस बड़े आयोजन का इस्तेमाल अपने फ़ायदे के लिए भी करने की कोशिश की है.
उन्होंने कहा, “जी-20 की अध्यक्षता के लिए लिए सरकार के आचरण के बारे में उल्लेखनीय बात यह थी कि उन्होंने कुछ ऐसा किया है जो पिछले जी 20 अध्यक्ष देशों ने नहीं किया है. उन्होंने वास्तव में इसे एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम बना दिया, 58 शहरों में 200 बैठकें हुईं, जिसमें भारी मात्रा में कार्रवाई हुई, उन्होंने जी 20 को एक प्रकार के लोगों के जी 20 में बदल दिया. सार्वजनिक कार्यक्रम हुए, विश्वविद्यालयों में कार्यक्रम हुए, नागरिग समाज शामिल हुआ, ये सब हमारी अध्यक्षता में हुआ. भारत को इस बात का श्रेय दिया जाना चाहिए कि उसने जी-20 के संदेश को लोगों तक पहुंचाया. लेकिन ये सत्ताधारी दल का जी-20 को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करने का एक प्रयास भी है.”
थरूर ने कहा, “सरकार के पास ऐसा करने का हर अधिकार है. वो सत्ताधारी दल हैं. कई देशों ने जी-20 का आयोजन किया है लेकिन इससे पहले किसी भी पार्टी ने अपने नेतृत्व का इस तरह से जश्न नहीं मनाया है. ये जो पूरा विश्वगुरु सिद्धांत है, हर पचास मीटर पर मोदी का पोस्टर है, ये सब विज्ञापन है, जैसे ये मोदी और बीजेपी की कोई व्यक्तिगत कामयाबी हो. मुझे लगता है कि इसे लेकर भी कुछ सवाल उठे हैं.”
शशि थरूर ने विपक्ष को सम्मेलन में आमंत्रित ना करने के लिए भी सरकार की आलोचना की है. उन्होंने कहा, “जो देश अपने आप को लोकतंत्र की मातृभूमि कहता है, उसने लोकतांत्रिक विपक्ष को पूरी तरह से इस आयोजन से अलग कर दिया.”
जेडीएस और बीजेपी के बीच गठबंधन लगभग तय

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ लोकसभा चुनाव के लिए जनता दल सेक्यूलर और बीजेपी के बीच गठबंधन लगभग तय हो गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक़ रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कर्नाटक के पूर्व सीएम एचडी कुमारास्वामी तय करेंगे कि बीजेपी और जेडीएस अगले लोकसभा चुनाव में कैसे कांग्रेस का मुक़ाबला करेंगी.
इससे दो दिन पहले ही कर्नाटक के पूर्व सीएम और बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा था कि दोनों पार्टियों के बीच लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन हो सकता है.
देवेगौड़ा ने बैंगलुरू में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री और एचडीके के बीच बैठक में तय होगा कि कौन किस सीट से लड़ेगा.”
महाराष्ट्रः मराठा आरक्षण को लेकर सर्वदलीय बैठक

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महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर जारी आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार सोमवार को सर्वदलीय बैठक करेगी.
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ उद्धव ठाकरे की शिवसेना भी इसमें शामिल होगी.
वहीं कांग्रेस ने कहा है कि यदि बीजेपी मराठा आरक्षण मुद्दे के समाधान के लिए गंभीर है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए.
इसी बीच शनिवार को मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जारांगे ने सरकार की तरफ़ से सुझाये गए समाधान को नकार दिया. उन्होंने लाठीचार्ज करने वाले पुलसकर्मियों को निलंबित करने की मांग भी की है.
महाराष्ट्र में आरक्षण समर्थक कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर हैं. सरकार का कहना है कि इस भूख हड़ताल को समाप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
राजमुंदरी जेल के सेल नंबर 7691 में क़ैद हुए चंद्रबाबू नायडू

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द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ कथित भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ़्तार आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को राजमुंदरी जेल के सेल नंबर 7691 में रखा गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक़ राजमुंदरी सेंट्रल जेल के स्नेहा ब्लॉक में दूसरे तल पर ये सेल स्थित है.
नायडू के लिए जगह बनाने के लिए स्नेहा ब्लॉक में बंद क़ैदियों को स्थानांतरित किया गया है.
चंद्रबाबू नायडू की गिरफ़्तारी के बाद टीडीपी समूचे आंध्र प्रदेश में प्रदर्शन कर रही है.
राज्य की सीआईडी ने चंद्रबाबू नायडू पर कथित स्किल डेवलेपमेंट घोटाले में शामिल होने और भ्रष्टाचार के सबूत मिटाने के आरोप लगाये हैं.
चंद्रबाबू को शनिवार सुबह गिरफ़्तार किया गया था. अब उन्हें सेंट्रल जेल भेज दिया गया है.












