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इसराइली सेना की लेबनान में घुसने की तैयारी, सेना प्रमुख ने क्या बताया
- Author, डेविड ग्रिट्टेन
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, लंदन से
इसराइली सेना ज़मीन के रास्ते घुसकर लेबनान पर हमला कर सकती है.
इसराइली सेना प्रमुख ने सैनिकों से कहा है कि हिज़्बुल्लाह पर किए हवाई हमलों से ''दुश्मन के इलाके़ में घुसने'' का रास्ता खुल सकता है.
लेफ्टिनेंट जनरल हेज़री हालेवी ने कहा, ''आपने लड़ाकू विमानों की आवाज़ सुनी. हम पूरे दिन हमले करते रहे. इसका मक़सद लेबनान में संभावित तौर पर घुसने का रास्ता खोलना और हिज़्बुल्लाह को निशाना बनाना है.''
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि 25 सितंबर को किए हवाई हमलों में 50 लोग मारे गए हैं. इसराइल का कहना है कि इन हमलों में हिज़्बुल्लाह के ख़ुफ़िया, लॉन्चर्स और हथियार रखने की जगहों को निशाना बनाया गया.
इस बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए कूटनीतिक स्तर पर कोशिशें की जा रही हैं. फ़्रांस और अमेरिका ने 21 दिन के सीज़फ़ायर का प्रस्ताव दिया है.
अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन जैसे सहयोगी देशों ने लेबनान और हिज़्बुल्लाह के बीच अस्थायी युद्धविराम लागू करने की मांग की है.
इस मांग के साथ कहा गया है कि 21 दिनों के लिए जंग पर फौरन रोक लगाई जाए ताकि कूटनीतिक तरीक़ों से बातचीत के ज़रिए समाधान निकाला जा सके और ग़ज़ा में युद्धविराम हो सके.
इस साझा बयान के मुताबिक़, युद्ध को बर्दाश्त नहीं कर सकते और इससे हालात और बिगड़ेंगे, जिससे न इसराइल का फ़ायदा है और न लेबनान का.
इसराइली सेना क्या करना चाहती है?
लेफ्टिनेंट जनरल हालेवी ने जो कुछ कहा. उसके साफ़ संकेत यही हैं कि लेबनान में इसराइली सेना दाखिल होकर हमला कर सकती है.
इसराइल डिफेंस फोर्स यानी आईडीएफ के बयान के मुताबिक़, ''हम उन पर हमला बोलते रहेंगे और ये हमले हर तरफ़ से होंगे.'' ये बातें इसराइल के उत्तरी बॉर्डर पर एक अभ्यास के दौरान सैनिकों से कही गई.
सेना के बयान में कहा गया, ''लक्ष्य साफ़ है कि नागरिकों की उत्तरी इलाक़े में वापसी हो. इसे हासिल करने के लिए हम प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं. इसका मतलब ये होगा कि आपके क़दम दुश्मन की सरहद में दाखिल होंगे.''
लेफ्टिनेंट जनरल हालेवी ने कहा- हमारे सैनिक दुश्मन और उसके ठिकानों को बर्बाद कर देंगे.
ऐसा कोई संकेत नहीं था कि इसराइल लेबनान में घुसना चाह रहा है. अमेरिका ने भी 25 सितंबर को कहा था कि ऐसा नहीं लगता कि इसराइल लेबनान में जल्दी घुसेगा.
लेकिन इसराइली सेना प्रमुख के बयान ने स्थिति साफ़ कर दी. ये बयान सेना की दो रिज़र्व ब्रिगेड को उत्तरी मोर्चे पर बुलाने के बाद दिया गया.
इसराइल की सरहद का क्या हाल
बीबीसी टीम ने 25 सितंबर को जब इसराइल के सरहदी इलाक़ों का दौरा किया, तब सेना ने कहा था कि हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों को सरहद से पीछे हटना ही होगा.
2006 में संयुक्त राष्ट्र के पारित प्रस्ताव में लितानी नदी से उत्तर में रहने की बात कही गई थी.
अमेरिका समेत इसराइल के सहयोगियों का कहना है कि वो इस क्षेत्र में युद्ध के हालात को टालने के लिए काम कर रहे हैं.
कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कुछ वक़्त के लिए दोनों पक्षों के बीच युद्ध को टाला जा सके, इस दिशा में कई वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी काम कर रहे हैं.
फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से संयुक्त राष्ट्र महासभा में अलग से मुलाक़ात की है. इस मुलाक़ात में दोनों नेताओं के बीच सीज़फ़ायर कराने की कोशिशों को लेकर बात हुई.
इस बातचीत के कुछ देर बाद फ़्रांस ने कहा कि दोनों देश 21 दिनों के लिए अस्थायी युद्धविराम की पेशकश कर रहे थे ताकि बातचीत के लिए वक़्त मिल सके.
मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र में कहा, ''लेबनान में जंग नहीं हो सकती. इसी कारण हम इसराइल से अपील करते हैं कि लेबनान में संघर्ष को रोके. हम हिज़्बुल्लाह से भी कहेंगे कि इसराइल पर मिसाइल हमला ना करे.''
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने तत्काल युद्धविराम लागू करने की अपील की है और कहा कि हालात बेकाबू हो रहे हैं.
हिज़्बुल्लाह का पहला बड़ा हमला?
संयुक्त राष्ट्र में इसराइल के राजदूत डैनी डेनन ने कहा, ''संघर्ष को रोकने के लिए राजनयिक कोशिशों का आभार. लेकिन अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक़ अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इसराइल हर क़दम उठाएगा.''
25 सितंबर को इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच लड़ाई होती रही.
हिज़्बुल्लाह का कहना है कि उसने इसराइल की ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद पर मिसाइल हमला किया. ये मिसाइल तेल अवीव में गिरी.
ये पहली बार था, जब हिज़्बुल्लाह ने भारी आबादी वाले इलाक़े में हमला किया.
हालांकि वायुसेना ने इस मिसाइल को इंटरसेप्ट कर लिया था और किसी के मारे जाने की कोई रिपोर्ट नहीं है. इसराइली सेना का कहना है कि मिसाइल लॉन्चर को हवाई हमले में गिरा दिया गया.
इसराइली वायसेना के लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशनी ने कहा- मिसाइल तेल अवीव के रिहायशी इलाक़ों की तरफ़ बढ़ रही थी और इस इलाक़े में मोसाद का मुख्यालय नहीं है.
हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इसराइल में भी दर्जनों रॉकेट दागे हैं. इनमें दो लोग घायल हो गए हैं.
आईडीएफ़ का कहना है कि इसराइली लड़ाकू विमानों ने ''280 से ज़्यादा हिज़्बुल्लाह के आतंकी ठिकानों पर हमला किया.''
लेबनान क्या कह रहा है?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री फिरास अबैद ने संवाददाताओं से कहा कि इन हमलों में 51 लोग मारे गए हैं और 223 लोग घायल हुए.
हालांकि वो ये नहीं बताते हैं कि इनमें से कितने नागरिक थे और कितने लड़ाके.
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया कि इसराइल ने सिडोन, मायसराह, जोन जैसे दक्षिणी इलाक़ों में हमला किया. साथ ही बेक्का वैली पर भी हमले किए गए.
23 सितंबर से इसराइल की शुरू कार्रवाई में अब तक 600 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. इसराइल का कहना था कि उसके हवाई हमले हिज़्बुल्लाह के उन ठिकानों को बर्बाद करने के लिए शुरू किए गए, जो 2006 युद्ध के बाद बनाए गए थे.
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़, इस संघर्ष में लेबनान में क़रीब 90 हज़ार लोगों को नई जगह पर बसना पड़ा है. संघर्ष शुरू होने से पहले क़रीब एक लाख लोग अपना घर छोड़कर भागने को मजबूर हुए थे. क़रीब 40 हज़ार लोग कैंपों में रह रहे हैं.
इसराइल-हमास जंग को एक साल हो रहे हैं. इस दौरान इसराइल के उत्तरी इलाक़ों के भी क़रीब 70 हज़ार लोगों को कहीं और बसना पड़ा है.
इसराइल सरकार कहती है कि इन इसराइली नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी ही सेना का लक्ष्य है.
हिज़्बुल्लाह का क्या कहना है?
हिज़्बुल्लाह का कहना है कि वो इसराइल पर हमास के समर्थन में हमला कर रहा है.
हिज़्बुल्लाह कहता है कि वो तब तक नहीं रुकेगा, जब तक ग़ज़ा में युद्धविराम ना हो जाए.
हमास और हिज़्बुल्लाह दोनों को ईरान का समर्थन हासिल है. दोनों ही संगठनों को इसराइल, ब्रिटेन और कुछ अन्य देश आतंकवादी संगठन मानते हैं.
हाल में जैसे हमले किए गए हैं, वैसे हिज़्बुल्लाह पर पहले नहीं किए गए थे.
बीते दिनों पेजर और वॉकी टॉकी के ज़रिए लेबनान में कई विस्फोट किए गए थे. इन उपकरणों को लेबनान के सदस्य बातचीत के लिए इस्तेमाल करते थे. इन हमलों में क़रीब 39 लोग मारे गए थे. मरने वालों में बच्चे और आम लोग भी शामिल थे.
माना जाता है कि इन हमलों के पीछे इसराइल था.
इन हमलों के बाद इसराइल ने हिज़्बुल्लाह की पैठ वाले दहिह में हमला बोला था. हिज़्बुल्लाह ने बताया था कि इस हमले में 55 लोग मारे गए, इनमें टॉप सैन्य नेता इब्राहिम अक़ील भी शामिल थे.
सात अक्तूबर 2023 को हमास ने इसराइल पर हमला किया था. इस हमले में क़रीब 1200 इसराइली मारे गए थे.
इसके बाद इसराइल ने ग़ज़ा और वेस्ट बैंक पर हमले शुरू किए. फ़लस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, इसराइली हमलों में अब तक 40 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. मारे गए लोगों में बच्चों और महिलाओं की बड़ी संख्या है.
इसी संघर्ष में हमास के समर्थन में हिज़्बुल्लाह भी एक साल पहले घुसा था और अब इसराइली सेना लेबनान में घुसने की तैयारी करती दिख रही है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित