थाईलैंड और कंबोडिया के बीच फिर छिड़ा संघर्ष, ट्रंप ने करवाया था शांति समझौता

एक अस्थायी कैंप में शरण लेने जातीं दो महिलाएं

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इमेज कैप्शन, थाई और कंबोडियाई सैनिकों के बीच झड़पों के बाद लोग एक अस्थायी कैंप में शरण ले रहे हैं. रॉयल थाई सेना के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि कंबोडियाई सेना ने सिसाकेत प्रांत में थाई सैनिकों पर हमला शुरू किया.
    • Author, पनिसा एमोचा
    • पदनाम, बीबीसी थाई, बैंकॉक
    • Author, केली एनजी
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा के दोनों ओर के नागरिकों ने सोमवार को बड़ी संख्या में अपने घरों को ख़ाली कर दिया. ताज़ा झड़पें शुरू होने के बाद अब तक कम से कम पांच लोग मारे गए हैं.

दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हिंसा शुरू करने का आरोप लगाया है.

यह जुलाई में थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्धविराम पर सहमति के बाद से दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर टकराव है.

थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने कहा कि उनका देश 'कभी हिंसा नहीं चाहता' लेकिन "अपनी संप्रभुता को बनाए रखने के लिए ज़रूरी साधनों का इस्तेमाल करेगा."

उधर कंबोडिया के पूर्व नेता हुन सेन ने थाई 'हमलावरों' पर 'प्रतिशोध भड़काने' का आरोप लगाया.

इस साल मई से अब तक दोनों पड़ोसियों के बीच बढ़ते तनाव के कारण 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

संघर्ष शुरू होने के बाद से ही दोनों देशों में आपसी व्यापार बंद है. साथ ही यात्रा करने पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं.

थाई सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल विन्थाई सुवारी

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इमेज कैप्शन, थाई सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल विन्थाई सुवारी ने 8 दिसंबर, 2025 को सेना मुख्यालय में थाई-कंबोडियाई सीमा की स्थिति पर प्रेस को संबोधित किया

सोमवार को थाई सेना ने कहा कि उसके सैनिकों ने थाईलैंड के उबोन रात्चाथानी प्रांत में कंबोडियाई गोलीबारी का जवाब दिया है. इसमें विवादित सीमा पर हवाई हमले भी शामिल थे.

उधर कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कंबोडिया के प्रेह विहियर प्रांत में पहला हमला थाई सेना ने किया है.

दोनों पक्षों के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार की लड़ाई के बाद कम से कम एक थाई सैनिक और चार कंबोडियाई नागरिक मारे गए हैं. झड़पों में लगभग एक दर्जन लोग घायल भी हुए हैं.

बच्चों को भुगतना पड़ रहा ख़ामियाज़ा

हालांकि थाईलैंड के एक टीचर सिक्साका पोंगसुवान के अनुसार, झड़पों में कई पीड़ित और भी हैं जो सरहद के पास रहने वाले बच्चे हैं.

उनके मुताबिक़, गांवों में रहने वाले बच्चे संघर्ष के कारण 'अवसर और क़ीमती समय खो रहे हैं.'

थाईलैंड के शिक्षा मंत्री ने कहा कि रविवार को शुरू हुए ताज़ा तनाव के बाद सुरक्षा कारणों से पांच थाई प्रांतों के लगभग 650 स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है.

इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कंबोडिया के सीमावर्ती प्रांतों के स्कूलों में अफ़रा-तफ़री देखी जा सकती है. वहां माता-पिता अपने बच्चों को घर ले जाने के लिए दौड़ रहे हैं.

हाल के महीनों में यह पहली बार नहीं है जब इन बच्चों की शिक्षा बाधित हुई है.

सरहदी इलाक़ों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की ओर निकल रहे हैं.

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इस साल जुलाई में बच्चों की परीक्षाओं के बीच दोनों देशों के बीच पांच दिनों तक भीषण लड़ाई चली थी.

इसके बाद, पोंगसुवान के स्कूल ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दीं, लेकिन सभी छात्र यह क्लास अटेंड नहीं कर पाए. कई छात्र ऐसे घरों में रहते थे जहां इंटरनेट नहीं था. स्कूल ने बच्चों को आईपैड दिए थे लेकिन हर स्टूडेंट को आईपैड देना मुमकिन नहीं था.

कंबोडिया में पूर्व पत्रकार मेक दारा ने अपने एक्स अकाउंट पर बच्चों के स्कूल से बाहर भागते हुए कई क्लिप साझा किए हैं.

उन्होंने लिखा, "इन बच्चों को कितनी बार इस भयावह माहौल का सामना करना पड़ता है? बेतुकी लड़ाई-झगड़े बच्चों के लिए एक भयानक सपने लेकर आते हैं."

उन्होंने एक लड़के की तस्वीर भी शेयर की, जो अभी भी स्कूल यूनिफॉर्म में है और एक भूमिगत बंकर में खाना खा रहा है. उन्होंने लिखा, "इस बच्चे और उसके परिवार को बंकर में खाना क्यों खाना पड़ रहा है...?"

इस बीच, पोंगसुवान ने बीबीसी को बताया कि वह और उनके पड़ोसी अब इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि उन्हें गांव ख़ाली करना चाहिए या नहीं. उनके गांव में हर समय गोलीबारी की आवाज़ें सुनाई देती रहती हैं.

उन्होंने बीबीसी को बताया, "अगर आप पूछें कि क्या हम डरे हुए हैं, तो हां, डरे हुए हैं... क्या हमें यहां से चले जाना चाहिए? क्या यह वाक़ई सुरक्षित होगा? या हमें यहीं रहना चाहिए?"

एक सदी पुराना विवाद फिर से भड़क उठा

थाईलैंड कंबोडिया की सीमा पर बनाए गए एक शरणार्थी शिविर में पहुँचे लोग.

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इमेज कैप्शन, थाईलैंड-कंबोडिया की सीमा पर बनाए गए एक शरणार्थी शिविर में पहुँचे लोग

दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के बीच सदियों पुराना सीमा विवाद 24 जुलाई की सुबह कंबोडिया के थाईलैंड पर रॉकेट हमले और उसके बाद थाईलैंड के हवाई हमलों के साथ नाटकीय रूप से बढ़ गया.

कुछ दिनों बाद, थाईलैंड और कंबोडिया मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मध्यस्थता में "तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम" पर सहमत हो गए थे.

अक्तूबर में, दोनों पक्षों ने मलेशिया में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक समारोह में युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. उस समय, ट्रंप ने सीमा संघर्ष को ख़त्म करने को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया था.

लेकिन हस्ताक्षर के दो सप्ताह बाद ही थाईलैंड ने कहा कि वह समझौते के कार्यान्वयन को स्थगित कर देगा, क्योंकि कंबोडियाई सीमा के निकट बारूदी सुरंग विस्फोट में उसके दो सैनिक घायल हो गए थे.

कंबोडिया ने युद्धविराम कराने में ट्रंप की भूमिका के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया था. उसने बार-बार दावा किया है कि वह इस समझौते के लिए प्रतिबद्ध है.

थाईलैंड और कंबोडिया एक सदी से भी अधिक समय से अपनी 800 कि.मी. सरहद पर क्षेत्रीय संप्रभुता को लेकर झगड़ते रहे हैं.

कंबोडिया पर फ्रांसीसी क़ब्जे़ के बाद दोनों देशों की सीमाएं निर्धारित की गई थीं. इन्हीं सीमाओं के बारे में दोनों देशों की सहमति नहीं बन सकी है.

जोनाथन हेड और कोह इवे की अतिरिक्त रिपोर्टिंग

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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