टाइटैनिक दिखाने वाली पनडुब्बी में यात्रा कर चुके मशहूर यूट्यूबर ने क्या बताया?
फेलिप लम्बियास
बीबीसी संवाददाता

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टाइटैनिक के अवशेषों को अपनी आंखों से देखने के लिए समुद्र की गहराई में चार हज़ार मीटर तक डुबकी लगाना कुछ ऐसा है, जो अब तक बहुत कम लोगों ने किया है.
बीते रविवार को टाइटैनिक को दिखाने वाली पनडुब्बी पांच लोगों के साथ गायब हो गई.
दो साल पहले मैक्सिकन यूट्यूबर और अभिनेता एलन एस्त्रादा को टाइटैनिक दिखाने वाली इस पनडुब्बी ने अपनी तरफ़ आकर्षित किया था.
एलन अपने यू्ट्यूब चैनल "एलन अराउंड द वर्ल्ड" के लिए लोकप्रिय हैं.
एलन एस्त्रादा ने बीबीसी से बातचीत में बताया, ''इस यात्रा में शामिल सभी लोग इस बात से पूरी तरह वाकिफ़ थे कि हम क्या जोखिम उठा रहे हैं.''
उन्होंने कहा, ''मैंने कभी भी असुरक्षित महसूस नहीं किया. मुझे जोखिम के बारे में पूरी तरह से पता था. मुझे पता था कि अगर कुछ हुआ और गहराई में जाकर पनडुब्बी को नुकसान पहुंचता है तो शायद हम नोटिस भी नहीं कर पाते.''

एलन को समुद्र के भीतर इस तरह की यात्राओं के बारे में कोरोना महामारी के दौरान पता चला था.
उस दौरान एलन अपने यूट्यूब चैनल अपनी सीमाओं से बाहर ले जाकर कुछ नया करने के तरीके खोज रहे थे.
उन्होंने पनडुब्बी की यात्रा को लेकर रिसर्च की और अपने लिए स्पॉन्सर्स जुटाए.
फिर साल 2021 में जब एलन ने यात्रा के लिए आवेदन किया तो इस दौरान उन्हें एक करोड़ रुपए (सामान्य से दोगुने) का भुगतान किया था.
जुलाई 2021 में उनका पहला प्रयास असफल रहा.
वह तीन अन्य यात्रियों और पायलट स्टॉकटन रश (ओशनगेट कंपनी के अध्यक्ष और पनडुब्बी के निर्माता) के साथ टाइटन पर उतरे लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण उन्हें यात्रा शुरू होने के कुछ ही समय बाद सतह पर लौटना पड़ा था.
एक साल बाद वह दूसरे चालक दल और यात्रियों के साथ रवाना हुए. इस बार एलन की यात्रा सफल रही.
लेकिन यात्रा से पहले, उन्हें एक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करना पड़ा था.
इसमें लिखा था कि अटलांटिक महासागर के तल में टाइटन पनडुब्बी जैसे प्रयोग के दौरान यात्रा में शामिल ख़तरों के लिए यात्री स्वयं जिम्मेदार हैं.
एस्त्रादा कहते हैं, ''आप उन सभी चीजों को ध्यान से पढ़ते हैं जो हो सकती हैं. लेकिन हवाई जहाज़ पर चढ़ना भी एक जोखिम है. यह घिसा-पिटा लगता है लेकिन जीवन एक जोखिम है. लेकिन अंत में जिन लोगों ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया, उनका कहना था कि जोखिम के बदले डूबे हुए टाइटैनिक को देखना सुखद है.''
उनका कहना है, ''यह कई कारणों से शानदार हैं. यह जानते हुए भी कि इतने कम लोग इतनी गहराई तक गए हैं, उस डूबे हुए जहाज़ को देखना ख़ास है. आपके सामने एक ऐसी तस्वीर है जिसे आप फ़िल्मों और डॉक्यूमेंट्रीज़ में कई बार देख चुके हैं.''
टाइटन पनडुब्बी की सवारी कैसी लगती है?

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एलन एस्त्रादा बताते हैं कि पनडुब्बी में यात्रा की शुरुआत में ऐसा लगता है कि जैसे कोई रॉकेट लॉन्च हो रहा है.
एलन कहते हैं, ''सच बताऊं तो पनडुब्बी की यात्रा कुछ ख़ास नहीं है. आप एक कैप्सूल के अंदर हैं, जो क्लॉस्ट्रोफ़ोबिया वाले किसी भी व्यक्ति के लिए अकल्पनीय है, लेकिन इससे ज्यादा कुछ नहीं. जहाज़ (टाइटैनिक) की तबाही के सामने होना सबसे ज्यादा प्रभावशाली चीज़ है.''
कार्बन फाइबर और टाइटेनियम से बनी पनडुब्बी में चलने-फिरने के लिए ज्यादा जगह नहीं है.
यह 6.7 मीटर लंबी, 2.8 मीटर चौड़ी और 2.5 मीटर ऊंची है.
साथ ही इसमें 5 लोगों के लिए 96 घंटों की ऑक्सीजन है. यात्रा में कुल आठ घंटे लगते हैं.
समुद्र में चार हज़ार मीटर जाने के लिए दो घंटे, टाइटैनिक को देखने के लिए चार घंटे और फिर वापस आने में दो घंटे लगते हैं.

पनडुब्बी में अंदर रहने के दौरान एलन इसे कंट्रोल करने में सक्षम थे.
इसे एक वायरलेस वीडियो गेम कंट्रोलर की तरह दिखने वाले डिवाइस से कंट्रोल किया जाता है.
एलन बताते हैं, ''पनडु्ब्बी को कंट्रोल करना आसान है. इसे आगे, पीछे, ऊपर और नीचे घुमाया जा सकता है. उस अंधेरी जगह पर कम्युनिकेशन और नेविगेशन सिस्टम की मदद से टाइटैनिक के अवशेषों तक पहुंचना कठिन है.''
अपनी यात्रा के दौरान, एलन ने डूबे हुए जहाज़ तक पहुंचने के इंतज़ार में टाइटैनिक फ़िल्म का एक हिस्सा भी देखा, जैसा कि उनके एक वीडियो में दिखाया गया है.
पनडुब्बी को अंदर से नहीं खोला जा सकता है.
इसे सिर्फ़ कुछ ख़ास उपकरणों की मदद से बाहर से ही खोला जा सकता है.
इसलिए यात्री बिना बाहरी मदद के इससे बाहर नहीं निकल पाएंगे.
एलन एस्त्रादा, ''वे कुछ और नहीं कर सकते हैं. सिर्फ़ बचाव की प्रतीक्षा करें. मुझे लगता है कि वे लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहे होंगे.''
''अमीरों का शौक'' बनाम वैज्ञानिक खोज

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एलन का कहना है कि वो जानते हैं कि इस तरह की यात्राएं 'काफी विवादास्पद' होती हैं, वजह है इन यात्राओं के दौरान ख़र्च होने वाली राशि.
एलन के मुताबिक़, ''कुछ लोग इस तरह की यात्राओं को हल्के में लेते हैं जैसे कि अमीरों के लिए कोई खिलौना हो. लेकिन मेरा मानना है और मैं जिन वैज्ञानिकों से मिला हूं, उनकी माने तो इस तरीके से समु्द्र की गहराईयों में खोज जारी रखी जा सकती है. क्योंकि यह कुछ ऐसा है जो बहुत महंगा है.''
जाने-माने यूट्यूबर एलन एस्त्रादा को उम्मीद है कि बचाव दल पनडुब्बी में सवार यात्रियों को खोज लेंगे और ''अंत में यह सिर्फ़ एक काला अध्याय है जिससे बहुत कुछ सीखा जा सकता है.''
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