फ़ेसबुक: मार्क ज़करबर्ग ने निकाले 11 हज़ार से ज़्यादा कर्मचारी, बताई ये वजह

अमेरिकी टेक व्यवसायी और फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग

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अमेरिकी टेक व्यवसायी और फ़ेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग की कंपनी मेटा ने बुधवार को अपने 11 हज़ार कर्मचारियों को निकालने का एलान किया है.

मेटा के तहत फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप समेत तमाम कंपनियां आती हैं जिनमें 87 हज़ार से ज़्यादा लोग काम करते हैं.

मार्क ज़करबर्ग ने इस फ़ैसले को मेटा के इतिहास का सबसे मुश्किल फ़ैसला करार दिया है.

मेटा में हज़ारों नौकरियां जाने से ठीक पांच दिन पहले माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर में भी हज़ारों लोगों को एकाएक नौकरी से निकाल दिया गया है.

मेटा का दफ़्तर

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ज़करबर्ग ने बताई वजह

मार्क ज़करबर्ग ने ये क़दम उठाने के बाद बयान जारी करते हुए लिखा है कि ये सभी के लिए काफ़ी मुश्किल है.

उन्होंने अपने बयान में लिखा है कि ‘मैं जानता हूं कि ये सभी के लिए मुश्किल है और इस फ़ैसले से प्रभावित होने वाले सभी लोगों से माफ़ी मांगता हूं.’

मार्क ज़करबर्ग ने इस फ़ैसले के लिए व्यवसाय में वृद्धि की उन दीर्घकालिक अपेक्षाओं को ज़िम्मेदार ठहराया है जो कोरोना महामारी के दौरान बढ़े मुनाफ़े की वजह से लगाई गई थीं.

उन्होंने लिखा था, “कई लोगों ने अनुमान लगाया था कि ये उछाल स्थाई रहेगा. मैंने भी ऐसा ही अनुमान लगाया था. इसी आधार पर मैंने अपने निवेश को काफ़ी बढ़ा दिया.”

लेकिन मैक्रोइकोनॉमिक डाउन-टर्न यानी आर्थिक प्रगति की रफ़्तार धीमी होने और प्रतियोगिता बढ़ने की वजह से मुनाफ़े में आशंका से भी ज़्यादा गिरावट दर्ज की गयी है.

इसके साथ ही मार्क ज़करबर्ग ने कहा है कि उन्होंने ग़लत आकलन किया और वह इसकी पूरी ज़िम्मेदारी लेते हैं.

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, ज़करबर्ग ने बीते मंगलवार सैकड़ों कर्मचारियों को इस बारे में सूचना दी थी.

मेटा, फेसबुक

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अब क्या करेंगे ज़करबर्ग

मार्क ज़करबर्ग ने कहा है कि उनकी कंपनी भविष्य में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, एडवरटाइज़िंग और मेटावर्स जैसे क्षेत्रों में निवेश करेगी जिनमें बढ़त की संभावनाएं ज़्यादा हैं.

इसके साथ ही मेटा अपनी इमारतों से लेकर दफ़्तरों पर ख़र्च में कमी लाने जा रही है. इसके साथ ही आने वाले दिनों में कंपनी डेस्क शेयरिंग मॉडल को बढ़ावा देगी.

मेटा ने ये भी बताया है कि इस फ़ैसले से प्रभावित लोगों को जल्द ही ईमेल के ज़रिए सूचना मिलेगी और उनके पास सवाल पूछने का विकल्प होगा.

अमेरिकी कर्मचारियों को 16 हफ़्तों का रिडंडेंसी पैकेज़ मिलेगा. इसके साथ ही जिस कर्मचारी ने फेसबुक में जितने साल काम किया होगा, उतने सालों के लिए उस हर साल के लिए उसे एक हफ़्ते का रिडंडेंसी पैकेज़ मिलेगा.

अमेरिका के बाहर कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी ऐसे ही इंतज़ाम हैं. लेकिन इन मामलों में फैसले स्थानीय नियमों के आधार पर होंगे.

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