हॉस्पिटल पर ईरानी मिसाइल हमले के बाद इसराइल ने कहा- अली ख़ामेनेई को बचने नहीं दिया जा सकता

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ईरान ने इसराइल के दक्षिणी हिस्से में स्थित बेर्शेबा शहर के सोरोका अस्पताल और आसपास की रिहायशी आबादी को निशाना बनाया है.
हालांकि ईरान का दावा है कि उसका निशाना अस्पताल के पास स्थित इसराइली सेना के दो मुख्य ठिकाने थे.
इसराइली आपात सेवा मैगन डेविड एडोम (एमडीए) के मुताबिक़, हमले में अब तक कम से कम 89 लोग घायल हुए हैं.
स्थानीय मीडिया और न्यूज़ एजेंसियों के मुताबिक़, हमले के बाद इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता को "अब बचने नहीं दिया जाना चाहिए".
तेल अवीव के पास होलोन में पत्रकारों से बात करते हुए कात्ज़ ने कहा, "ख़ामेनेई खुलेआम कहते हैं कि वह इसराइल को तबाह करना चाहते हैं और वही ख़ुद अस्पतालों पर हमला करने का आदेश देते हैं. वह इसराइल के विनाश को एक लक्ष्य के तौर पर देखते हैं... ऐसे आदमी को अब और बचने नहीं देना चाहिए."
हमले पर इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का भी बयान आ चुका है. उन्होंने कहा है, "हम तेहरान में बैठे तानाशाहों से इसकी पूरी क़ीमत वसूलेंगे."
'कई वॉर्ड पूरी तरह तबाह'

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ईरानी मिसाइल हमले में बेर्शेबा स्थित सोरोका अस्पताल को बड़ा नुक़सान हुआ है.
सोरोका मेडिकल सेंटर के डायरेक्टर जनरल का कहना है कि ईरानी मिसाइल हमले के बाद अस्पताल के कई वॉर्ड "पूरी तरह तबाह" हो गए हैं.
शलोमी कोदेश का कहना है, "अस्पताल में हर तरफ़ भारी नुकसान हुआ है. इमारतें, ढांचे, खिड़कियां, छतें- पूरा मेडिकल सेंटर प्रभावित हुआ है."
उन्होंने बताया कि हमले से पहले सर्जिकल इमारत से मरीज़ों को हटा लिया गया था. उन्होंने कहा, "ये इमारत पुरानी है, इसलिए हमने इसे पिछले कुछ दिनों में ही खाली करवा लिया था."
लेकिन कोदेश के मुताबिक़, अस्पताल के दूसरे विभाग जहाँ अब भी मरीज़ मौजूद थे, वो भी हमले से प्रभावित हुए हैं.
उन्होंने कहा, ''हमारे पास 40 घायल लोग हैं. ये वे लोग हैं, जो हमले के वक़्त अस्पताल के अंदर मौजूद थे. इनमें ज़्यादातर कर्मचारी और मरीज़ टूटे हुए शीशों, गिरती हुई छतों से घायल हुए हैं."
एरियल हार्पर, बेर्शेबा में तीसरे वर्ष की मेडिकल छात्रा हैं. उन्होंने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के प्रोग्राम न्यूज़डे को बताया कि ईरानी हमले के वक्त वह सोरोका अस्पताल के पास थीं.
उन्होंने कहा, "एक जबरदस्त धमाका हुआ और पूरी इमारत हिल गई. यह अब तक सुनी गई किसी भी आवाज़ से ज़्यादा तेज़ था."
हार्पर ने यह भी कहा कि इसराइली सेना की होम फ्रंट कमांड ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं. उन्होंने अलर्ट भेजे और शेल्टर्स की जानकारी साझा की.
बीबीसी संवाददाता टॉम बेनेट ने यरूशलम से रिपोर्ट करते हुए कहा, "जब मिसाइलें यरूशलम में आ रही थीं, तो जो धमाके और गड़गड़ाहट की आवाज़ें मैंने सुनीं, वे निश्चित रूप से हाल के दिनों में सबसे तेज़ थीं."
सोरोका अस्पताल के अलावा भी इसराइल के कई अन्य हिस्सों में हमले किए गए हैं, जिनकी पुष्टि स्थानीय प्रशासन ने की है.
'अस्पताल पर हमला अपराध है'

ईरान के मिसाइल हमले के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने प्रतिक्रिया दी है.
एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा, "आज सुबह, ईरान के आतंकी तानाशाहों ने बेर्शेबा के सोरोका अस्पताल और नागरिक आबादी पर मिसाइलें दागीं. हम ईरान के इन तानाशाहों से इसकी पूरी क़ीमत वसूल करेंगे."
इसराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने भी हमले की निंदा की.
उन्होंने कहा, "एक बच्चा आईसीयू में था. उसकी मां उसके पास बैठी थी. एक बुज़ुर्ग नर्सिंग होम में थे. यही लोग आज सुबह ईरान की मिसाइलों का निशाना बने."
उन्होंने आगे कहा, "ऐसे समय में हमें याद आता है कि असल में दांव पर क्या है और हम किन मूल्यों की रक्षा कर रहे हैं."
इसराइल की उप विदेश मंत्री शैरेन हास्केल ने हमले को 'जानबूझकर किया गया' और 'आपराधिक' बताया.
उन्होंने एक्स पर लिखा कि जिस जगह पर हमला हुआ, वह कोई सैन्य अड्डा नहीं, बल्कि एक अस्पताल है, जो इस क्षेत्र का मुख्य चिकित्सा केंद्र है.
हास्केल ने अस्पताल के अंदर हुए नुक़सान को दिखाने वाला एक वीडियो भी साझा किया और कहा, "दुनिया को इस पर अपनी आवाज़ उठानी चाहिए."

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ईरान ने क्या कहा?
ईरानी सरकारी मीडिया का कहना है कि आज सुबह हुए मिसाइल हमले में बेर्शेबा का सोरोका अस्पताल निशाना नहीं था.
ईरान का दावा है कि उसका लक्ष्य अस्पताल के पास स्थित इसराइली सेना के दो प्रमुख ठिकाने थे.
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, हमला इसराइली सेना के कमांड मुख्यालय और गाव-यम टेक्नोलॉजी पार्क में स्थित एक ख़ुफ़िया सैन्य शिविर पर केंद्रित था.
रिपोर्ट में कहा गया है, "अस्पताल केवल धमाकों के कारण पैदा हुए कंपन से प्रभावित हुआ, उसे कोई गंभीर नुक़सान नहीं पहुंचा. सैन्य ढांचा हमारा स्पष्ट और सटीक लक्ष्य था."

बीबीसी संवाददाता ह्यूगो बशेगा का विश्लेषण
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इसराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है.
इसराइल का कहना है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में काफ़ी आगे बढ़ चुका था, इसलिए हमले किए गए. हालांकि इस दावे के समर्थन में इसराइल ने कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है.
ईरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है.
गुरुवार सुबह एक अस्पताल के पास हुए मिसाइल हमले ने हालात और गंभीर कर दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसराइल के साथ संभावित सैन्य साझेदारी पर विचार कर रहे हैं. इसराइली अधिकारी ट्रंप को कार्रवाई के लिए मनाने की कोशिश कर सकते हैं.
ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की धमकी दी है. यमन और इराक़ में सक्रिय ईरान समर्थक गुट भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकते हैं.
इसराइल ने संकेत दिए हैं कि उसका सैन्य अभियान अभी जारी रहेगा और संघर्ष के रुकने की संभावना फ़िलहाल कम दिख रही है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित












