कांग्रेस में शामिल होने के बाद बोलीं विनेश 'अपनी बहनों के साथ खड़ी रहूंगी', बजरंग ने क्या कहा?

केसी वेणुगोपाल के साथ बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी जॉाइन करते हुए बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट

पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया छह सितंबर यानी शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हो गए हैं.

दोनों पहलवान दिल्ली में कांग्रेस से जुड़े. पार्टी जॉइन करने के बाद विनेश ने कहा कि ये उनके लिए गौरव का क्षण है. उन्होंने कहा कि वे खिलाड़ियों का साथ देंगे और उनकी आवाज़ उठाने में पीछे नहीं हटेंगे.

विनेश फोगाट ने कहा, "जैसे खेल में हार नहीं मानी है तो इस नए प्लेटफॉर्म में दिल से काम करेंगे. जो भी हम अपने लोगों का भला कर सकते हैं. मैं अपनी बहनों के साथ खड़ी रहूंगी."

वहीं, बजरंग पुनिया ने कहा कि जंतर-मंतर पर जब बेटियों के साथ अत्याचार हुआ तब सिर्फ़ बीजेपी ही उस अत्याचार के साथ खड़ी थी, जबकि बाकी सभी पार्टियां पहलवानों के समर्थन में थी.

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
इमेज कैप्शन, बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

एआईसीसी मुख्यालय में समारोह के बाद हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया ने संकेत दिए हैं विनेश फोगाट जुलाना से कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ सकती हैं.

इसके बाद शाम को कांग्रेस की ओर जारी एक बयान में कहा गया कि बजरंग पुनिया को अखिल भारतीय किसान सभा का चेयरमैन बनाया जा रहा है.

कांग्रेस में शामिल होने की प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बताया कि रेलवे से इस्तीफ़ा देने के बाद विनेश फोगाट को भारतीय रेलवे ने व्हॉट्सऐप के ज़रिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

ये नोटिस राहुल गांधी के साथ विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया की तस्वीर को लेकर जारी किया गया है.

केसी वेणुगोपाल ने सवाल किया कि नेता प्रतिपक्ष से मिलना कबसे अपराध हो गया?

हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट से मुलाक़ात की थी.

इस मुलाक़ात के बाद ही कहा जा रहा था कि विनेश और बजरंग कांग्रेस में आ सकते हैं. हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पाँच अक्टूबर को मतदान है.

कहा जा रहा है कि कांग्रेस विनेश फोगाट या बजरंग पुनिया को टिकट दे सकती है. हालांकि इस बारे में अभी औपचारिक तौर पर एलान नहीं किया गया है.

दोनों पहलवानों ने कांग्रेस में शामिल होने से पहले पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और फिर कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दोनों के साथ मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, "चक दे इंडिया, चक दे हरियाणा! दुनिया में भारत का नाम रौशन करने वाले हमारे प्रतिभाशाली चैंपियन विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया से 10 राजाजी मार्ग पर मुलाक़ात. हमें आप दोनों पर गर्व है."

क्या बोले विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया

विनेश फोगाट
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

कांग्रेस के साथ आने के बाद विनेश फोगाट ने कहा कि वह सबकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगी.

विनेश ने कहा, "मैं उम्मीद करती हूं कि सबकी उम्मीदों पर खरी उतरूं.

कांग्रेस पार्टी का मैं बहुत धन्यवाद करती हूं. बुरे समय में पता चलता है कि अपना कौन है. जब हम सड़कों पर घसीटे जा रहे थे तब बीजेपी को छोड़कर सभी पार्टियां हमारे साथ खड़ी थी.

मैं बहुत गर्व महसूस कर रही हूं कि मैं ऐसी पार्टी में आई हूं जो महिलाओं का सम्मान करती हैं. हर उस महिला के साथ हम खड़े हैं जो अपने आपको बेबस समझती हैं. मैं चाहती तो जंतर-मंतर पर ही रेसलिंग छोड़ सकती थी.

उन्होंने बोला मैं नेशनल चैंपियनशिप नहीं खेलना चाहती मैंने खेला. ट्रायल दिया और ओलंपिक्स में भी गई.

लेकिन परमात्मा को कुछ और मंज़ूर था. और परमात्मा ने जो मुझे देश के लोगों की सेवा करने का मौका दिया है, मेरे लिए उससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता.

हम डरेंगे नहीं, पीछे नहीं हटेंगे. जो लड़ाई थी वो जारी है . कोर्ट में हमारी लड़ाई चल रही है.

इस नए मंच पर जो हम आ रहे हैं, वो देश की सेवा के भाव से आ रहे हैं. ये सिर्फ बोलने के लिए नहीं होगा.

मैं अपनी बहनों को बताना चाहती हूं कि आपकी बहन आपके साथ है.

जब कोई नहीं होगा तब मैं और कांग्रेस पार्टी आपके साथ ज़रूर खड़ी रहेगी."

वहीं, पार्टी में शामिल होने के बाद बजरंग पुनिया ने कहा कि जो आज बीजेपी की आईटी सेल बोल रही है कि इनका (पहलवानों ) मकसद सिर्फ़ राजनीति करना था. तो उनको बता दें कि हमने तो उन्हें चिट्ठी भेजी थी फिर भी हमारे पास नहीं आए.

उन्होंने कहा कि जो अत्याचार बेटियों पर हुआ जंतर मंतर पर उसके साथ सिर्फ बीजेपी खड़ी हुई. बाकी सभी हमारे साथ थी.

बजरंग ने कहा, "हम मेहनत करेंगे, देश को मज़बूत करेंगे. जिस दिन विनेश फाइनल में गई, उस दिन पूरा देश जोश और जश्न के माहौल में था. लेकिन आईटी सेल थी कुछ जो जश्न मना रही थी. ये बड़े दुख की बात है. जिनके साथ अत्याचार होता है हम उनके साथ खड़े रहेंगे."

हरियाणा विधानसभा चुनाव

बजरंग पुनिया

हरियाणा में पांच अक्तूबर को मतदान होगा और आठ अक्तूबर को मतगणना होगी.

प्रदेश में विधानसभा की 90 सीटें हैं.

साल 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 40 और कांग्रेस को 31 सीटों पर जीत मिली थी.

दुष्यंत चौटाला के सहयोग से ज़रूरी नंबर जुटाने के बाद बीजेपी दोबारा सरकार बनाने में सफल रही थी.

हरियाणा के ये चुनाव किसान आंदोलन और दिल्ली में पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के बाद हो रहे हैं.

किसान आंदोलन में हरियाणा के किसान भी बड़ी संख्या में शामिल हुए थे.

महिला पहलवानों के प्रदर्शन के दौरान बीजेपी सरकार के रुख़ पर कई लोगों ने सवाल उठाए थे.

विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक का ये प्रदर्शन तब के बीजेपी सांसद और कुश्ती महासंघ के प्रमुख रहे बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ था.

बृजभूषण पर महिला पहलवानों के साथ उत्पीड़न का आरोप लगा था. बृजभूषण ने इन आरोपों को ख़ारिज किया था और राजनीति से प्रेरित बताया था.

पहलवानों के प्रदर्शन के दौरान बीजेपी सरकार और नेताओं के रवैये पर सवाल उठे थे. अप्रैल 2023 में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इन पहलवानों से मुलाक़ात की थी.

विनेश फोगाट जब पेरिस ओलंपिक से लौटी थीं तो एयरपोर्ट पर हरियाणा कांग्रेस के नेता दीपेंद्र हुड्डा भी मौजूद थे.

अब विनेश और बजरंग कांग्रेस से जुड़ गए हैं.

बीते कई दिनों से विनेश और बजरंग के कांग्रेस में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, तब बृजभूषण शरण का एक बयान सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है.

वीडियो में बृजभूषण शरण सिंह कहते सुनाई देते हैं, ''.... हमने कह दिया था कि ये षडयंत्र कांग्रेस और दीपेंद्र हुड्डा का है....''

विनेश फोगाट

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, विनेश फोगाट

विनेश फोगाट के बारे में जानिए

विनेश फोगाट पेरिस ओलंपिक में कुश्ती के फ़ाइनल मुक़ाबले तक पहुंच गई थीं. लेकिन मैच से पहले ज़्यादा वजन के कारण विनेश को अयोग्य क़रार दिया गया था.

इस कारण विनेश को पेरिस ओलंपिक में कोई मेडल नहीं मिल सका था. पेरिस में मिली इस निराशा के बाद विनेश ने कुश्ती को अलविदा कहा था.

विनेश फोगाट 'बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमेन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड 2022' की नॉमिनी रह चुकी हैं.

महज़ नौ साल की उम्र में विनेश ने अपने पिता को खो दिया था और फिर मज़ूबती से ऐसे खेल में ख़ुद को आगे बढ़ाया, जिसमें कभी पुरुषों का वर्चस्व माना जाता था.

विनेश ने अपने करियर में अच्छा प्रदर्शन करते हुए फोगाट परिवार की कुश्ती वाली विरासत को आगे बढ़ाया है.

विनेश 2016 के रियो और 2020 टोक्यो ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुकी हैं.

रियो में विनेश का प्रदर्शन अच्छा नहीं था और चोट के कारण वो बीच टूर्नामेंट से बाहर हो गई थीं. टोक्यो ओलंपिक में विनेश का सफ़र क्वार्टर फ़ाइनल तक रहा था.

विनेश ने राष्ट्रमंडल खेलों में तीन स्वर्ण, विश्व चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक और एशियाई खेल में एक स्वर्ण पदक अपने नाम किया है.

विनेश ने 2019 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक के साथ 2021 में एशियन चैंपियन का ख़िताब भी जीता था.

बजरंग पुनिया

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, बजरंग पुनिया

बजरंग पुनिया के बारे में जानिए

बजरंग पुनिया भी भारत के नामचीन पहलवान हैं. टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने कांस्य पदक जीता था.

वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में चार मेडल जीतने वाले बजरंग पुनिया पहले भारतीय पहलवान रहे. विनेश की ही तरह बजरंग पुनिया का भी महावीर फोगाट से संबंध है.

बजरंग महावीर की बेटी संगीता फोगाट के पति हैं और विनेश के जीजा हैं. महावीर की बेटी बबीता फोगाट बीजेपी से जुड़ी हुई हैं.

हरियाणा के झज्जर ज़िले के कुडन गांव में मिट्टी के अखाड़ों में बजरंग ने सात साल की उम्र में जाना शुरू कर दिया था.

बजरंग के पिता भी पहलवानी करते थे, लिहाजा घर वालों ने रोक टोक नहीं की.

एपिक चैनल के कार्यक्रम में बजरंग पुनिया ने कहा था, ''हरियाणा के गांवों के हर घर में आपको लंगोट मिल जाएंगें. तो केवल लंगोट में जाना होता है और अखाड़े में जीतने पर कुछ न कुछ मिलता ही है. तो ऐसे शुरुआत हुई लेकिन सच कहूं तो स्कूल से बचने के लिए मैं अखाड़ों में जाने लगा था."

12 साल की उम्र में बजरंग पुनिया पहलवान सतपाल से कुश्ती के गुर सीखने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम पहुंचे.

बाद के सालों में 2014 में बजरंग पूनिया ने योगेश्वर अकेडमी जॉइन कर ली और वहां से पीछे मुड़कर नहीं देखा.

2017 और 2019 की एशियाई चैंपियनशिप, 2018 के एशियन गेम्स और 2018 के कॉमनवेल्थ खेलों में बजरंग पुनिया ने मेडल जीते.

बजरंग को 2019 का राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार भी मिला था.

विनेश और बजरंग अब कुश्ती की रिंग से दूर राजनीति के अखाड़े में उतर रहे हैं.

पहलवान से नेता बने बजरंग और विनेश का पहला मैच हरियाणा विधानसभा चुनाव में हो सकता है और प्रदर्शन आठ अक्तूबर को चुनावी नतीजों में पता चलेगा.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)