करुण नायर रनों का अंबार लगाने के बावजूद टीम इंडिया से बाहर क्यों हैं?

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- Author, ख़ुर्रम हबीब
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
करुण नायर ने विजय हज़ारे ट्रॉफी में रनों का अंबार लगा दिया था लेकिन उनका चैंपियंस ट्रॉफी के लिए सिलेक्शन नहीं हुआ.
चैंपियंस ट्रॉफी के लिए खिलाड़ियों के चयन पर नज़र रखने वाले बीसीसीआई के सिलेक्शन पैनल के सामने करुण नायर का ये प्रदर्शन काफी देर में आया.
सिलेक्शन पैनल की अगुवाई अजीत अगरकर करते हैं और उनके साथ सिलेक्शन मीटिंग में कप्तान रोहित शर्मा और कोच गौतम गंभीर रहते हैं.
पैनल ने कई देशों के बीच खेले जाने वाले टूर्नामेंट से पहले पहले इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीन एकदिवसीय मैचों को एक तैयारी सिरीज़ माना है. इसलिए सिर्फ उन खिलाड़ियों को शामिल किया है जो चैंपियंस ट्रॉफी में निश्चित तौर पर खेलेंगे.

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दाहिने हाथ के बैटर करुण नायर ने विजय हज़ारे ट्रॉफी के नौ मैचों में रिकार्ड 779 रन बनाए थे.
उन्होंने 389.5 औसत से रन बनाए.करुण नायर ने लगातार एक के बाद एक पांच शतक बनाए.
विदर्भ को फाइनल पहुंचाने में उनके पचास रन का अहम योगदान रहा. हालांकि विदर्भ कर्नाटक से हार गया.
करुण नायर को मौका क्यों नहीं मिला?

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इस शानदार प्रदर्शन के बाद सचिन तेंदुलकर ने करुण नायर की ज़बरदस्त तारीफ़ की.
फाइनल से पहले किए गए ट्वीट में उन्होंने लिखा, ''सात पारियों में पांच शतकों के साथ 752 रनों का स्कोर असाधारण से कम नहीं है करुण. इस तरह का प्रदर्शन अनायास नहीं होता. ऐसी पारियां ज़बरदस्त फोकस और मेहनत का नतीजा हैं. ऐसा ही प्रदर्शन जारी रखो और हर मौके का फ़ायदा उठाओ.''
चैंपियंस ट्रॉफी से पहले सिर्फ तीन एकदिवसीय मैच खेले जाने हैं. इसलिए करुण नायर को आज़माना और उन रेगुलर खिलाड़ियों को तैयारी का मौका न देना हमेशा जोखिम भरा होगा, जिन्होंने वर्ल्ड कप कप 2023 के बाद बमुश्किल एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है. 2023 में वो फाइनल तक पहुंचे थे.
सिलेक्शन पैनल के प्रमुख अजीत अगर इस दुविधा को मानते हैं.
वह कहते हैं, ''700 रन (फाइनल से पहले नायर का औसत 752 था) से ज्यादा के औसत से स्कोर करने वाले किसी बैटर को नजरअंदाज करना काफी मुश्किल है. उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है. हमने बात की है. इस समय टीम में उनके लिए जगह हासिल करना काफी मुश्किल काम है. टीम में इस समय जो खिलाड़ी लिए गए हैं उनकी औसत उम्र 30 से 35 के बीच है. ''
अगरकर ने कहा, ''इस तरह के प्रदर्शनों का आप नोटिस लेते हैं. अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है या किसी का फॉर्म ख़राब होता है तो फिर नायर के बारे में बात की जा सकती है.''
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावसकर ने कहा कि टीम में नायर के लिए कोई जगह नहीं है.
उन्होंने एक टीवी चैनल पर कहा, ''वो (सिलेक्शन टीम) करुण नायर को कहां रखेंगे. उन्हें केएल राहुल या श्रेयस की जगह लिया जा सकता है. लेकिन राहुल दूसरे विकेटकीपर-बैटर की भूमिका निभाएंगे. 2023 के वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा था. मुझे नहीं लगता कि भारतीय टीम ने इसके बाद ज्यादा एक दिवसीय मैच खेले हैं. अय्यर ने इस फॉर्मेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया है. यही वजह है कि नायर का चयन नहीं हो सका.''
क्या उम्र आड़े आई

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नायर की उम्र 33 साल है और शायद यही चीज उनके ख़िलाफ़ गई होगी. टीम में बहुत ज्यादा खिलाड़ी 30 या इससे ज्यादा की उम्र के नहीं हो सकते. रोहित शर्मा 37 साल के हैं और विराट कोहली 36 साल के.
भारत के पूर्व विकेटकीपर सुरिंदर खन्ना ने कहा कि नायर का दुर्भाग्य है कि उन पर उन लोगों की कृपा नहीं है जो इस समय टीम का चयन कर रहे हैं और भारतीय क्रिकेट के कर्ता-धर्ता हैं.

खन्ना ने कहा. '' करुण नायर का दुर्भाग्य है. एक दिवसीय मैच में आप टीम में बहुत ज्यादा स्लो मूवर्स नहीं रख सकते. कैप्टन रोहित शर्मा 37 साल के हो चुके हैं. कोहली की उम्र 36 साल है. मोहम्मद शमी 34 साल के हैं और वापसी कर रहे हैं. वो बॉलर हैं और चोट से रिकवरी कर लौट रहे हैं. चयनकर्ताओं के पास इस बात की क्या गारंटी है कि शमी लगातार खेल पाएंगे.''
वह कहते हैं, ''नायर 33 साल के हैं और बैटिंग करते है. देश के प्रमुख एकदिवसीय टूर्नामेंट में 389.5 के औसत से रन बनाने वालों को टीम के लिए खेलने का हक तो होना ही चाहिए. दरअसल 2016-17 में जिन लोगों ने उन्हें मौका देने से इनकार किया था वही अब भी सिलेक्शन टीम में हैं और वही लोग भारतीय क्रिकेट भी चला रहे हैं.''
नायर क्या कहते हैं

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हालांकि नायर अपने बारे में इन बातों से बेफिक्र लगते हैं. वो और ज़्यादा से ज़्यादा रन बनाना चाहते हैं.
अगर आगे वाली रणजी ट्रॉफी में वो रन बनाते रहते हैं तो आईपीएल के बाद इंग्लैंड दौरे के लिए खिलाड़ियों का चयन करने के लिए बैठते समय चयनकर्ताओं के लिए उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल होगा.
नायर ने एक ख़ास बातचीत में बताया, '' इस वक़्त मैं किसी नतीजे के बारे में नहीं सोच रहा हूं. मेरे सामने जो भी मैच आता है मैं उस पर फोकस करता हूं. मैं इस पर पूरा ध्यान दे रहा हूं कि कैसे और बेहतर प्रदर्शन करूं. मेरा पूरा फोकस ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर है.''
नायर ने पिछले साल इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेला था. उनका ये प्रदर्शन उन्हें इंग्लैंड में होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सिरीज में मौका दिला सकता है.
करुण नायर इस समय राजस्थान के ख़िलाफ़ रणजी ट्रॉफी मैच खेलने के लिए जयपुर में हैं.
उन्होंने कहा, ''पिछले 12-16 महीनों से मैं निश्चित तौर पर अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं. अच्छी बैटिंग का मेरा ये दौर पिछले साल काउंटी सीजन से ही शुरू हुआ था. वहीं से मैंने चीजों को सरल बनाए रखने की कोशिश की. एक बार में एक ही गेम के बारे में सोचो और फिर ये तय करो कि जब भी मौका मिले तो टीम के लिए कैसे परफॉर्म करो.''
उन्होंने कहा, ''दरअसल, अहम बात इस फॉर्म को बरकरार रखकर आगे ले जाने की है. इसलिए ये सुनिश्चित किया जाए कि सामने से नेतृत्व किया जाए और लगातार मैच जीते जाएं.''
कैसी रही थी नायर की शुरुआत

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नायर ने 2016 में धमाकेदार तरीके शुरुआत की थी. उस समय उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तिहरा शतक लगाया था. वो उनका तीसरा ही टेस्ट मैच था.
लेकिन दो एकदिवसीय मैच और छह टेस्ट खेलने के बाद से ही (नायर ने आख़िरी टेस्ट मैच 2017 की शुरुआत में खेला था) नायर भारतीय क्रिकेट टीम से घरेलू क्रिकेट में धकेल दिए गए. इसके बाद उन्होंने पहले अपने गृह राज्य कर्नाटक के लिए खेला और फिर अब पिछले दो सीजन से विदर्भ के लिए खेल रहे हैं.
रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन असाधारण नहीं रहा था. जनवरी 2023 से पहले के रणजी मैचों उन्होंने 48.17 रन के औसत से 289 रन ही बनाए थे.
लेकिन ये प्रदर्शन उनकी दावेदारी मजबूत करेगा. अगर बाकी बचे दो लीग मैचों में भी वो बड़ा स्कोर करते रहे और शानदार प्रदर्शन से मैच जिताते रहे तो भारतीय टीम में उन्हें जगह देने पर चर्चा हो सकती है.
नायर के प्रदर्शन की बदौलत ही उनकी टीम ग्रुप बी के शीर्ष पर है.
नायर अपनी उम्र को लेकर इतने चिंतित नहीं हैं. वो इस बात पर चिंतित नहीं दिखते कि भारत के लिए खेलने का मौका उनके हाथ से कैसे निकल गया.
वह कहते हैं, ''हर कोई लगातार अच्छा से अच्छा करने की कोशिश करता है. मेरा ध्यान सिर्फ अच्छे प्रदर्शन पर है. मैं अपनी क्रिकेट को लगातार अच्छा करने की कोशिश में हूं. अपनी बैटिंग, फिटनेस और मैदान के बाहर अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाने की मैं लगातार कोशिश कर रहा हूं.
नायर कहते हैं, ''मैं तो कहूंगा कि उम्र तो एक संख्या है. अगर सारी चीज का ख्याल रखा जाए तो और आप सही तरीके से अपना ख्याल रखें तो मुझे लगता है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है. फिटनेस वाले हिस्से का ध्यान तो खिलाड़ी को खुद ही रखना होगा.''
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित















