वर्ल्ड कप की हार को भुलाकर टीम इंडिया ने 15 महीने में कैसे जीते दो बड़े ख़िताब

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- Author, प्रवीण
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
"2007 की हार के बाद वर्ल्ड कप जीतना मेरा ख़्वाब बन गया. मैंने उसे चुनौती की तरह लिया. मैंने खुद से कहा कि मैं ट्रॉफी जीतना चाहता हूँ. यह एक चुनौती थी और मैंने इसके लिए काम किया."
2011 में टीम इंडिया ने जब 28 साल बाद वर्ल्ड कप जीता तो सचिन तेंदुलकर ने मिड डे को दिए इंटरव्यू में ये बात कही.
वो सचिन तेंदुलकर का आखिरी वर्ल्ड कप था. विराट कोहली उस वक्त टीम इंडिया के उभरते हुए सितारे थे. रोहित शर्मा उस वर्ल्ड कप का हिस्सा तो नहीं थे, लेकिन उनमें भी टीम इंडिया का फ्यूचर देखा जा रहा था.
12 साल बाद टीम इंडिया बेहद करीब आकर वर्ल्ड कप का खिताब जीतने से चूक गई. लेकिन सचिन की तरह रोहित शर्मा की टीम ने भी खिताब जीतने को एक चुनौती की तरह ही लिया.

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और इस चुनौती से पार पाते हुए टीम इंडिया ने 15 महीने के अंतराल में ही दो बड़े खिताब जीत लिए हैं. 29 जून को 2024 को दक्षिण अफ्रीका को हराकर टीम इंडिया ने टी 20 वर्ल्ड कप जीता था और अब 9 मार्च 2025 को भारतीय टीम ने रिकॉर्ड तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती है.
2007 के वनडे वर्ल्ड कप में सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग और धोनी जैसे सितारों से सजी टीम इंडिया पहले दौर में ही बाहर हो गई थी.

उसके बाद टीम इंडिया ने जोरदार कमबैक किया और 6 महीने बाद ही पहला टी20 वर्ल्ड कप जीता. 2011 में टीम इंडिया 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड जीती और फिर 2013 में दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की.
इस टूर्नामेंट को इंटरनेशनल क्रिकेट में रोहित शर्मा की वापसी के तौर पर भी देखा जाता है. इसी टूर्नामेंट में रोहित शर्मा को ओपनिंग करने का मौका मिला और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा.
लेकिन इसके बाद खिताबी जीत के लिए लंबे इंतजार का सिलसिला शुरू हो गया.
2013 से 2023 तक 'चोकर्स' का टैग

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2014 में हुए टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. लेकिन फाइनल में श्रीलंका ने टीम इंडिया को छह विकेट से हराया और ख़िताब जीतने से रोक दिया.
2015 वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का सफर सेमीफाइनल में थम गया. 2016 के टी20 वर्ल्ड कप में भी टीम इंडिया सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई.
2017 के चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत को पाकिस्तान ने 180 रन से मात दी. 2019 के वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने भारत को हराया.
2021 में न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी जीतने से रोका. उसी साल भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच पाई.
2022 के टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का सफर सेमीफाइनल तक ही रहा. 2023 के आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भी भारतीय टीम के हाथ निराशा लगी.
2023 में वर्ल्ड कप भारतीय ज़मीन पर खेला जा रहा था. लगातार 10 मैच जीतते हुए टीम इंडिया ने ऐसा जज़्बा दिखाया था कि वो बीते 10 साल की गलतियों को दोहराना नहीं चाहती है. लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को मात देकर रोहित शर्मा की टीम के वर्ल्ड कप जीतने के खिताब को तोड़ दिया.
उस हार के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने मायूस चेहरों के साथ ये जरूर सोचा होगा कि आखिरी ऐसा क्या किया जाए कि आखिरी पलों में खिताब उनके हाथ से नहीं निकले.
टी20 वर्ल्ड कप की जीत

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साल 2023 की हार से टीम इंडिया के उबरने का सिलसिला आठ महीने बाद शुरू हो गया.
टी 20 वर्ल्ड कप में 9 जून को ग्रुप स्टेज के मुकाबले में टीम इंडिया की टक्कर पाकिस्तान से थी. टीम इंडिया पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और 119 रन बनाकर ऑलआउट हो गई.
12 ओवर के बाद पाकिस्तान ने दो विकेट गंवाकर 72 रन बना लिए थे और उसकी जीत तय लग रही थी. लेकिन यहीं से भारतीय टीम ने वापसी की. बुमराह के कमाल की बदौलत भारत ने इस मुकाबले को 6 रन से जीत लिया.
इसके बाद मानो भारत की जीत का सिलसिला शुरू हो गया. यहीं से भारतीय टीम में वो भरोसा आया कि वो नामुमकिन लग रहे मुकाबलों में भी वापसी कर सकती है.
29 जून को खेले गए फाइनल में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला.
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट गंवाकर 176 रन बनाए.
दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 30 गेंद में 29 रन बनाने की जरूरत थी और उसके हाथ में 6 विकेट थे. बुमराह ने अगले ओवर में महज चार रन दिए. मुकाबला दिलचस्प होने लगा.
17वें ओवर की पहली गेंद पर पांड्या ने क्लासेन को पवेलियन वापस भेज दिया. मैच रोमांचक होने लगा. बुमराह ने जादू दिखाया और 18वें ओवर में दो रन ही दिए. भारत की मैच में वापसी हो गई. बाकी बचा काम अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या ने पूरा किया.
भारत ने सात रन से फ़ाइनल मुकाबला जीता और 11 साल से चल रहा आईसीसी टूर्नामेंट हारने का सिलसिला थम गया.
टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित शर्मा ने ये कहा था

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इस जीत के बाद रोहित शर्मा ने कहा, "बीते तीन-चार साल में हम पर क्या गुजरी है उसे बयां नहीं किया जा सकता. हमने टीम के तौर पर कड़ी मेहनत की. इस जीत के बाद बहुत कुछ पीछे छूट गया है."
"ऐसा नहीं है की ये जीत पहली बार मिली है. हम तीन-चार साल से कड़ी मेहमन कर रहे थे. नतीजा आज मिला है. हमने बहुत सारे दबाव वाले मुकाबले खेले. लेकिन नतीजा हमारे पक्ष में नहीं गया."
"हमें समझ आया कि क्या करने की जरूरत है. आज उसका एक उदाहरण है. हमें मालूम चला कि कैसे वापसी की जाती है. हम एक टीम की तरह डटे रहे."
चैंपियंस ट्रॉफी में अजेय सफर

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टी 20 वर्ल्ड कप में मिली जीत के सिलसिले को टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी में आगे बढ़ाया. पूरे ही टूर्नामेंट में भारतीय टीम के बल्लेबाज और गेंदबाज कमाल के फॉर्म में नजर आए.
पांचों मैचों में एक बार भी भारतीय गेंदबाजों ने विरोधी टीम को 300 रन बनाने नहीं दिए. टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप 10 खिलाड़ियों में तीन भारतीय शामिल रहे.
वरुण चक्रवर्ती भारत का 'ट्रंप कार्ड' साबित हुए और उन्होंने तीन मैच में ही 9 विकेट हासिल कर लिए. मोहम्मद शमी भी पांच मैच में 9 विकेट लेने में कामयाब रहे. कुलदीप यादव को पांच मैच में सात विकेट मिले.
वहीं टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 15 खिलाड़ियों में पांच भारतीय खिलाड़ियों का नाम शुमार है. श्रेयस अय्यर ने 243 रन बनाए, जबकि विराट कोहली ने टूर्नामेंट में 218 रन स्कोर किए.
ये इस बात का उदाहरण है कि टीम के सभी खिलाड़ियों ने किस तरह टीम की जीत में योगदान दिया और चैंपियंस ट्रॉफी के किसी भी मुकाबले में विरोधी टीम को बिना किसी मुश्किल के मात दे दी.
जीत के बाद क्या बोले रोहित शर्मा

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फाइनल मुकाबले में 76 रन की पारी खेलने के लिए कप्तान रोहित शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब दिया गया.
रोहित शर्मा ने कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है. हमने बहुत अच्छी क्रिकेट खेली और नतीजे भी हमारे पक्ष में रहे. मैं अटैकिंग क्रिकेट खेल रहा हूं. इससे कई बार नतीजे आपके पक्ष में नहीं जाते हैं."
"इसलिए मुझे बल्लेबाजी में डेप्थ चाहिए थी. जडेजा का आठवें नंबर पर होना भरोसा देता है. मेरे दिमाग में सबकुछ साफ था कि मुझे क्या चाहिए."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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