क्या पसंदीदा हेल्दी ड्रिंक आपके दांतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं?

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- Author, नाज़नीन मोतमेदी
- पदनाम, बीबीसी फारसी
आजकल फल डालकर बनाया गया पानी या संतरे का बड़ा गिलास कोल्ड ड्रिंक की जगह एक सेहतमंद विकल्प लगता है.
लेकिन वैज्ञानिकों ने पाया है कि इस तरह के ड्रिंक हमारे दांतों को ऐसा नुकसान पहुंचा सकते हैं जो कभी ठीक नहीं होता.
ब्रिटेन के किंग्स कॉलेज लंदन (केसीएल) के शोधकर्ताओं ने पाया है कि पीने का समय और तरीका अगर सही हो, तो दांतों को होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है.
मैंने अपनी जांच कराने के लिए इस टीम से मुलाकात की और अपने दांतों को टेस्ट करवाया.
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जब हम बच्चे थे, तब हमें हमेशा दांतों में कैविटी यानी छोटे-छोटे छेद होने की चेतावनी दी जाती थी.
बताया जाता था कि मिठाई और चॉकलेट आपकी मुस्कान बिगाड़ सकते हैं. जब आप मीठा खाते हैं, तो दांतों पर मौजूद बैक्टीरिया मुंह में बची शक्कर पर पलते हैं, जिससे दांतों में छेद बनने लगते हैं.
जब तक ये छेद बहुत बड़े न हों, इन्हें आम तौर पर फिलिंग से ठीक किया जा सकता है.
लेकिन दांतों की परत का पतला होना (जिसे टुथ इरोजन कहते हैं) इससे अलग होता है. खाने-पीने की चीजों में मौजूद एसिड दांत की सबसे बाहरी परत यानी इनैमल पर हमला करते हैं और धीरे-धीरे उसे पतला कर देते हैं.
साथ ही नीचे की डेंटिन परत को भी नुकसान पहुंचाते हैं. इनैमल दांत की मुलायम अंदरूनी परतों की हिफाजत करता है.
लेकिन यह लगातार एसिड और शक्कर के हमले को ज्यादा समय तक नहीं झेल सकता. एक बार इनैमल पतला हो जाए या खत्म हो जाए, तो उसे वापस नहीं लाया जा सकता.

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किंग्स कॉलेज लंदन की दांतों की परत पर रिसर्च करने वाली टीम के सदस्य और डेंटल सर्जन डॉ. पॉलिविओस चरालांबुस कहते हैं, "जब इनैमल को बार-बार बहुत ज़्यादा एसिड और मीठे खाने-ड्रिंक का सामना करना पड़ता है, तब दांतों की परत पतली होने लगती है."
उन्होंने आगे कहा, "अगर इनैमल का नुकसान समय पर न रोका जाए, तो इससे दांतों पर दाग, दरारें, किनारों का टूटना या खुरदुरापन, ठंडे या गर्म से झनझनाहट, और दांतों का पारदर्शी दिखना जैसी कई दिक्कतें हो सकती हैं."
कैसे और कब ड्रिंक पिएं?
डॉ. चरालांबुस ने मेरे मुंह में संतरे का रस तीन अलग-अलग तरीकों से पीते समय पीएच स्तर (एसिडिटी) की जांच की.
दांतों को सुरक्षित रखने के लिए मुंह का पीएच करीब न्यूट्रल (7 के आस-पास) होना चाहिए.
- संतरे का रस सीधे पीने से पीएच गिरकर 4.7 हो गया और इसे दोबारा सामान्य होने में 18 सेकंड लगे.
- रस को 10 सेकंड तक मुंह में रोकने से एसिडिटी और बढ़ गई और पीएच को सामान्य होने में पांच गुना ज़्यादा समय लगा.
- रस को मुंह में घुमाने पर पीएच गिरकर 3 तक पहुंच गया और इसे वापस सामान्य होने में 30 गुना ज़्यादा वक्त लग गया.

सबसे ज़्यादा नुकसान कौन सा ड्रिंक करता है?

इस एक्सपेरिमेंट से यह साफ़ हुआ कि एसिडिक ड्रिंक को मुंह में रोककर या घुमाकर पीने से दांतों को ज्यादा नुकसान होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे एसिडिक ड्रिंक और दांतों की सतह के बीच ज़्यादा देर तक और ज़्यादा दबाव से संपर्क होता है.
डॉ. चरालांबुस ने कहा, "दांतों की सुरक्षा के लिए एसिडिक ड्रिंक को ज्यादा देर तक मुंह में न रखें. आप स्ट्रॉ भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे ड्रिंक सीधे मुंह में जाए और दांतों से कम लगे. रिसर्च में यह भी पाया गया है कि स्ट्रॉ का इस्तेमाल कोल्ड ड्रिंक से होने वाले दांत की परत पतली होने के खतरे को कम करता है."
केसीएल की टीम ने पाया कि खाने के बीच में एसिडिक खाना और ड्रिंक लेना दांतों की परत के पतला होने का सबसे बड़ा खतरा बनता है.
जो लोग खाने के बीच दिन में दो बार एसिडिक ड्रिंक पीते थे, जैसे सॉफ्ट ड्रिंक, नींबू वाला पानी या गर्म फलों की चाय, उनमें मध्यम या गंभीर दांत की परत पतली होने की संभावना 11 गुना से भी ज्यादा थी.
जब वही ड्रिंक खाने के साथ लिए गए, तो यह खतरा आधा रह गया.
इसलिए अगर आप इन ड्रिंक्स को सही समय पर पिएं, यानी खाने के साथ या ठीक पहले या बाद में, तो आप अपने दांतों को ज्यादा सुरक्षित रख सकते हैं.
केसीएल की टीम ने देखा कि दांतों पर चार अलग-अलग ड्रिंक्स का क्या असर होता है. इसके लिए दांत की बाहरी परत (इनैमल) के नमूनों को संतरे के रस, कोला, छाछ और फलों की चाय में डुबोकर रखा.
एक घंटे बाद जो नुकसान दिखा, वह ऐसा था जैसे किसी ने दो दिन तक रोज़ तीन-तीन गिलास ये ड्रिंक पिए हों. माइक्रोस्कोप की तस्वीरों में दांत की परत का पतला होना काली लाइन की तरह नजर आया.
नतीजे हैरान करने वाले थे. सबसे ज़्यादा नुकसान कोल्ड ड्रिंक ने किया. फिर संतरे के रस ने, उसके बाद लाल बेरी वाली चाय ने. सबसे कम नुकसान आयरन ने किया, जो दांतों के लिए सबसे हल्का साबित हुआ.
आयरन एक ऐसा ड्रिंक है जो पाकिस्तान, लेबनान, सीरिया, तुर्की, ईरान और आर्मेनिया जैसे कई देशों में बहुत पसंद किया जाता है.
कौन सी खाने की चीज़ें दांतों को ज़्यादा नुकसान पहुंचाती हैं?

एसिडिक फूड्स और ड्रिंक दांतों की परत को पतला करने का कारण बन सकते हैं. ज़्यादातर फलों में किसी न किसी स्तर की एसिडिटी होती है.
एसिडिक खाने और पीने की चीज़ों के कुछ उदाहरण हैं:
- मिर्च
- टमाटर और टमाटर सॉस (केचप)
- किमची
- सॉर्क्राट (खमीर वाली गोभी)
- सिरका और अचार (ख़ासकर एप्पल साइडर विनेगर)
- फ्रूट स्क्वैश (फल का गाढ़ा रस मिलाकर बना ड्रिंक)
- पानी में नींबू डालकर बनाया फ्लेवर्ड पानी
- बेरी टी, रोज़हिप, अदरक और नींबू जैसी फ्लेवर्ड चाय
- ज़्यादातर अल्कोहॉलिक ड्रिंक
- सॉफ्ट ड्रिंक (शुगर-फ्री सॉफ्ट ड्रिंक भी उतने ही नुकसानदेह होते हैं जितने मीठे वाले)
चुनौती ये है कि इनमें से कई फूड्स और ड्रिंक आपकी सेहत के लिए भी फ़ायदेमंद होते हैं.
लेकिन इन्हें समझदारी से लें ताकि दांतों को नुकसान न पहुंचे.
- खाने के आख़िर में पनीर, दही या दूध जैसी कैल्शियम वाली चीज़ें लें. ये मुंह के एसिड को कम करने में मदद करती हैं.
- शुगर-फ्री च्युइंग गम चबाएं. इससे लार ज़्यादा बनेगी और दांत सुरक्षित रहेंगे.
- फल वाली चाय की जगह काली चाय पिएं. इससे दांतों की परत पतली होने का खतरा कम होता है.
- नींबू-संतरे की जगह खीरा, पुदीना या रोज़मेरी डालकर फ्लेवर्ड पानी तैयार करें.
दांतों की परत पतली होना कितनी आम बात है?

डेंटिस्ट बताते हैं कि दांतों की परत का पतला या कमज़ोर होना अब दुनियाभर में बहुत आम समस्या बन गया है और यह तेजी से बढ़ भी रहा है.
किंग्स कॉलेज लंदन डेंटल इंस्टीट्यूट के प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. डेविड बार्टलेट की 2013 में की गई एक स्टडी के मुताबिक़, यूरोप में 18 से 35 साल के करीब 30% वयस्क मध्यम से लेकर गंभीर स्तर तक इस समस्या से परेशान हैं.
इसके मुकाबले, 6 अरब देशों में इसी उम्र के 2,924 लोगों पर की गई एक नई स्टडी में यह दरें इससे भी ज़्यादा पाई गईं.
हर देश में स्थिति अलग रही. ओमान में सबसे ज्यादा 60.7%, फिर सऊदी अरब में 57.1%, यूएई में 49.3%, मिस्र में 32.9%, कुवैत में 31.5% और जॉर्डन में 16.5% लोगों में यह समस्या पाई गई.
दांतों की परत कितनी पतली होना सामान्य है?
डॉ. चरालांबुस कहते हैं, "दांतों का थोड़ा बहुत घिसना तो उम्रभर होता ही रहता है, यह एक तरह से प्राकृतिक प्रक्रिया है. लेकिन अगर आप सावधान नहीं रहेंगे, तो आपकी डाइट, आदतें या कुछ बीमारियां (जैसे एसिड रिफ्लक्स) इसे और तेज़ कर सकती हैं."
डेंटिस्ट इस नुकसान को एक गाइड के जरिए जांचते हैं.
इसके नतीजे कई बार चिंता की वजह बन सकते हैं, क्योंकि जो इनैमल एक बार घिस गया, उसे वापस नहीं लाया जा सकता. इसलिए सबसे अच्छा तरीका है कि दांत घिसने से पहले ही इसे रोका जाए.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित















