एक सेब रोज़ खाओ और डॉक्टर से दूर रहो वाली कहावत में कितना दम है

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    • Author, जेसिका ब्रेडले

'एक सेब रोज़ खाओ और डॉक्टर से दूर रहो.' सेब के बारे में ये कहावत काफी प्रचलित है.

पूरी दुनिया में सेब काफी पसंद किए जाते हैं. कई तरह के रंगों और स्वाद में मिलने वाले सेब के बारे में कहा जाता है कि यह हमें स्वस्थ रहने में मदद कर सकता है.

हर साल दुनिया में 10 करोड़ टन सेब पैदा होता है.

रोज़ एक सेब खाकर डॉक्टर को दूर रखने वाली कहावत 1866 में वेल्स की लिखी बात से निकली है, जो कहती है सोने से पहले एक सेब खाकर आप किसी डॉक्टर को रोजी कमाने से महरूम रख सकते हैं.

लेकिन क्या इस प्रचलित कहावत में कोई सच्चाई भी है?

क्या दूसरे फलों की तुलना में सेब सेहत के लिए ज्यादा अच्छे होते हैं.

सबसे पहले ये जान लेते हैं कि सेब में कौन से पोषक तत्व होते हैं.

सेब फ़्लेवानोल्स समेत फायटोकेमिकल्स के अच्छे स्रोत होते हैं.

इसके कई फ़ायदे होते हैं. दिल को स्वस्थ रखने और वजन कम करने में इससे मदद मिलती है.

ज़ाहिर है ये तत्व हृदय रोग का जोख़िम कम करता है.

सेब सेहत के लिए इतना अच्छा क्यों माना जाता है?

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इमेज कैप्शन, सेब में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो दिल को स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं
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सेब में कई प्रकार के पॉलीफेनॉल्स होते हैं, जिसमें एन्थोकेनिन्स भी शामिल है.

ये सेब के छिलके को लाल रंग देता है और यह हृदय को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है.

फ़्लोर्दिज़िन एक और पॉलीफेनॉल है जो सेब में पाया जाता है.

इसे ख़ून में ग्लूकोज नियंत्रित करने में मददगार पाया गया है.

सेब में काफ़ी मात्रा में फ़ाइबर पाया जाता है, जिसमें सबसे ज़्यादा पेक्टिन होता है जो ख़ून में लो डेनसिटी लिपोप्रोटीन्स (एलडीएल- इसे बैड कॉलेस्ट्रोल कहते हैं) की मात्रा कम करता है.

हम अपने भोजन से जो शुगर और फैट ग्रहण करते हैं उसे पेक्टिन कम करता है. इस तरह ये हमारे ख़ून में ग्लूकोज के स्तर को स्थिर रखता है.

सेब में मौजूद ये न्यूट्रिएंट्स शरीर को स्वस्थ रखने में कारगर मालूम होते हैं.

2017 में पांच अध्ययनों के रिव्यू से से पता चला कि नियमित सेब खाने से टाइप 2 डायबिटीज़ पनपने का ख़तरा 18 फ़ीसदी तक कम हो सकता है.

2022 में 18 स्टडीज़ के एक और रिव्यू के मुताबिक़ ज्यादा सेब खाने या सेब का रस पीने से कॉलेस्ट्रोल कम हो सकता है.

लेकिन ये तभी कारगर होता है जब आप अपनी इस आदत को एक हफ़्ते से ज्यादा बनाए रखते हैं.

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आमतौर पर पौष्टिक भोजन से कैंसर का ख़तरा 40 फ़ीसदी कम हो जाता है.

पौष्टिक भोजन में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड और फोटोकेमिकल्स इसका जोख़िम कम करने में मददगार साबित होते हैं.

लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या सेब दूसरे ऐसे खाद्य पदार्थों से बेहतर है जो पौधों से प्राप्त होते हैं?

अमेरिका की मिडिल टेनेसी यूनिवर्सिटी में न्यूट्रिशन और फूड साइंस की प्रोफ़ेसर जेनेट कोलसन कहती हैं, "सेब में ज़्यादा विटामिन सी नहीं होता. आयरन और कैल्शियम भी ज़्यादा नहीं होता. लेकिन इसमें कई और ऐसे तत्व होते हैं जो बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में कारगर होते हैं.

इटली की वेरोना यूनिवर्सिटी में प्लांट बायोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफ़ेसर, फ़्लविया गूज़ो का कहना है कि सेब में कई ऐसे कंपाउंड्स होते हैं, जो कई फलों और सब्ज़ियों में भी समान रूप से पाए जाते हैं. इनमें फ़ायदेमंद पॉलीफेनोल्स भी शामिल हैं.

पॉलीफ़ेनोल्स ताक़तवर एंटीऑक्सिडेंट अणु होते हैं.

ये हमारे शरीर में एंटीऑक्सीडेंट और फ्री रेडिकल्स के अनुपात को संतुलित करने में मदद करते हैं.

फ्री रेडिकल्स तेजी से प्रतिक्रिया करने वाले और कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाने वाले ऑक्सीजन अणु होते हैं.

फ्री रेडिकल्स को नियंत्रण में रखकर हम लंबे समय तक कैंसर और हृदय रोग को बढ़ने से रोक सकते हैं.

कैंसर, अस्थमा, डायबिटीज़ और मोटापे जैसी समस्याओं को कम कर सकते हैं सेब

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इमेज कैप्शन, बाकी फलों के मुक़ाबले सेब खाने की सलाह इसलिए दी जाती है, क्योंकि उसमें ताक़तवर पॉलीफ़ेनोल्स और एंटीऑक्सिडेंट मौजूद होते हैं

कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि सेब में दूसरे फलों के मुक़ाबले एंटीऑक्सिडेंट ज्यादा होता है. एंटीऑक्सिडेंट के मामले में ये दूसरे नंबर का फल है.

सेब फ़ेनोलिक कंपाउंड्स का भी एक अच्छा स्त्रोत हैं, जो फ़ाइटोकेमिकल का दूसरा रूप है. एक अध्ययन से पता चला कि अमेरिका के लोग अपने पूरी फ़ेनोलिक जरूरत का 20 फ़ीसदी सेब से पूरा करते हैं.

रिसर्च के मुताबिक़ सेब में फ़ेनोलिक कंपाउंड्स हृदय रोग, कैंसर, अस्थमा, डायबिटीज़ और मोटापे जैसी समस्याओं को कम कर सकते हैं.

ऐसा नहीं है कि वैज्ञानिक बाकी फलों के मुक़ाबले सेब खाने की सलाह इसलिए देते हैं, क्योंकि उसमें ताक़तवर पॉलिफ़ेनोल्स और एंटीऑक्सिडेंट मौजूद हैं.

इसे खाने की सलाह इसलिए दी जाती है कि ये आसानी से उपलब्ध है. इसलिए भी इसे खाने को कहा जाता है कि ये अधिकतर लोगों की पहुंच में है.

यह साफ़ है कि सेब में हमारी सेहत को बेहतर करने की क्षमता है. लेकिन यह कहना कि रोज़ाना एक सेब खाना, हमें डॉक्टर से दूर रख सकता है, बहुत बड़ा दावा है.

शुक्र है कि 2015 की एक स्टडी इसी सवाल का जवाब देती है. शोधकर्ताओं ने 9,000 लोगों पर एक स्टडी की थी. इसमें लोगों ने बताया था कि पिछले 24 घंटों में उन्होंने क्या ख़ाया है?

इस अध्ययन में उन्होंने पाया कि वो लोग जो सेब खाते हैं, सेब न खाने वालों के मुकाबले डॉक्टरों के पास कम जाते हैं. यह नतीज़ा आंकड़ों के हिसाब से ठीक नहीं कहा जा सकता.

वो भी तब जब हम कह रहे हों कि हो सकता है कि सेब खाने वाले लोग ज़्यादा पढ़े-लिखे हों और आमतौर पर धूम्रपान न करते हों.

'रोज़ाना एक सेब खाओ, फार्मासिस्ट से दूर रहो'

अमेरिका के न्यू हैम्पशायर स्थित डार्टमाउथ गीसेल स्कूल ऑफ मेडिसिन में महामारी विज्ञान के सहायक एसोसिएट प्रोफेसर मैथ्यू डेविस का कहना है कि रोजाना सेब खाने और डॉक्टर के पास जाने की संभावना के बीच ज़्यादा संबंध नहीं पाया गया है.

वो कहते हैं "हमारे विश्लेषण के आधार पर ये निष्कर्ष निकला कि जो लोग सेब खाते हैं, वे सामान्य रूप से अधिक स्वस्थ होते हैं.''

लेकिन शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि जो लोग रोज़ाना सेब खाते हैं, उनके दवाओं पर निर्भर रहने की संभावना कम होती है .

यह निष्कर्ष तब भी अहम रहा जब प्रतिभागियों के सामाजिक-आर्थिक स्तर के फ़ासले के मद्देनज़र विश्लेषण किया गया.

इसलिए शोधपत्र का निष्कर्ष है कि कहावत को थोड़ा बदला जा सकता है- "रोज़ाना एक सेब खाओ, फार्मासिस्ट से दूर रहो.''

हालांकि डेविस को "रोज़ाना एक सेब" वाली कहावत से कुछ आपत्ति है.

वो कहते हैं कि संभव है कि उन्होंने और उनके साथियों ने रोज़ाना सेब खाने और डॉक्टर के पास जाने के बीच कोई ठोस संबंध इसलिए नहीं पाया क्योंकि इसके पीछे कुछ और कारण भी हो सकते हैं.

वो कहते हैं "इस कहावत में छिपी इस धारणा को मान लिया जाता है कि लोग डॉक्टर के पास केवल तब जाते हैं जब वे बीमार होते हैं. लेकिन लोग सालाना हेल्थ चेकअप और बीमारियों की रोकथाम के लिए ज़रूरी सलाह लेने के लिए भी डॉक्टर के पास जाते हैं.''

लेकिन आख़िरकार वो कहते हैं कि ये धारणा गलत है कि सिर्फ़ सेब खाने भर से ही आपको डॉक्टर के पास जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. दरअसल आपका पूरा खाना पौष्टिक और सेहतमंद होना चाहिए.

कोलसन भी इस बात से सहमत हैं कि "रोज़ाना एक सेब" वाली कहावत का आशय यह है कि लोग नियमित रूप से पौधों से हासिल भोजन लें.

सेब इसका एक अच्छा उदाहरण हैं क्योंकि ये आसानी से उपलब्ध हैं. किफ़ायती हैं और इसे लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है.

वो कहती हैं "फ्रिज आने से पहले लोग सेबों को तहखाने में रखते थे और वे लंबे समय तक ताज़ा रहते थे. उनमें फफूंद भी नहीं लगती थी.''

एक दिन में कितने सेब खाने चाहिए?

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इमेज कैप्शन, एक अध्ययन में पाया गया कि रोज़ाना तीन सेब खाने से लोगों के वजन में कमी आई

अन्य शोधों में यह पाया गया है कि रोज़ाना सेब खाने से सेहत को लाभ होता है. लेकिन यह केवल तब जब लोग दिन में एक से अधिक सेब खाते हैं.

एक अध्ययन में पाया गया कि रोज़ाना तीन सेब खाने से लोगों के वजन में कमी आई.

2020 में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 40 प्रतिभागियों (इन सभी का कोलेस्ट्रॉल स्तर थोड़ा ऊँचा था) को दो समूहों में बांटा.

एक समूह को रोज़ाना दो सेब खाने को कहा गया, जबकि दूसरे समूह को उतनी ही कैलोरी वाला सेब से बना ड्रिंक दिया गया.

यह प्रयोग आठ सप्ताह तक चला और प्रतिभागियों ने सेब या इससे बने ड्रिंक के अलावा अपने ख़ानपान में कोई और बदलाव नहीं किया.

शोधकर्ताओं ने पाया कि सेब खाने वाले प्रतिभागियों का कोलेस्ट्रॉल स्तर स्टडी के अंत में अहम रूप से कम हो गया.

हालांकि इस अध्ययन की एक कमजोरी यह थी कि इसमें केवल 40 प्रतिभागी थे. जो किसी बड़े निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए जरूरी सैंपल से संख्या में कम थे.

एक और अध्ययन में पाया गया कि रोज़ाना तीन सेब खाने से लोगों का वजन घटा है और ब्लड ग्लूकोज़ लेवल में सुधार देखा गया. यह अध्ययन अधिक वजन वाली 40 से ज्यादा महिलाओं पर किया गया गया था.

जहां तक सेब को खाने का सबसे अच्छा तरीके का मामला है तो रिसर्चर कहते हैं कि सेब का छिलका न उतारें, क्योंकि सेब के छिलके में कई पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं.

वो कहती हैं, '' हमें सेब का छिलका जरूर खाना चाहिए, क्योंकि सेब के अधिकांश पॉलीफेनॉल्स वहीं पाए जाते हैं. उनके मुताबिक़ जितनी पुरानी प्रजाति का सेब होगा वो नई प्रजाति से बेहतर होगा.

2021 में, उन्होंने और उनके सहयोगियों ने एक रिसर्च पेपर प्रकाशित किया जिसमें 'पॉम प्रुशियन' नामक एक प्राचीन इटली के उत्तरी भाग में मिलने वाले सेब का अध्ययन किया गया था. उन्होंने पाया कि इस किस्म आधुनिक सेबों की तुलना में अधिक पॉलीफेनॉल्स था.

वो कहती हैं, '' हालांकि जब सेब की नई किस्में तैयार की जाती हैं तो आमतौर पर अन्य गुणों पर ध्यान देते हैं — जैसे आकार, स्वाद, और पेड़ों की मजबूती पर ध्यान दिया जाता है.''

वो कहती हैं जहां तक रंग की बात है तो इसका उतना महत्व नहीं है. सेब के छिलकों को लाल या हरा रंग ही देते हैं.

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इमेज कैप्शन, रिसर्चर कहते हैं कि सेब का छिलका न उतारें, क्योंकि सेब के छिलके में कई पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं

आख़िरकार, रोज़ाना एक सेब खाना भले ही डॉक्टर के पास जाने की ज़रूरत को कम न करे, लेकिन यह आपके पूरे स्वास्थ्य या लंबे समय तक दवाओं पर निर्भरता पर जरूर असर डाल सकता है.

गूजो कहती हैं कि रोज़ एक सेब खाना फायदेमंद है, लेकिन केवल तब जब यह एक ऐसे आहार का हिस्सा हो, जिसमें विभिन्न प्रकार के पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ शामिल हों.

क्योंकि यही अच्छे स्वास्थ्य की असली बुनियाद है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित