आरसीबी की लगातार पांचवीं जीत के बीच विराट कोहली और इशांत शर्मा की क्यों है चर्चा

    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

आरसीबी ने अपनी जीत के सिलसिले को जारी रख आईपीएल प्लेऑफ़ में जगह बनाने की उम्मीदों को बरकरार रखा है.

उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को 47 रनों से हराया. दिल्ली इस हार के बाद भी प्लेऑफ़ की दौड़ में बनी हुई है.

आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स को प्लेऑफ़ की दौड़ में बने रहने के लिए अपने आख़िरी मैच जीतने होंगे. पर इसके बाद भी उनकी संभावनाएं दूसरी टीमों के प्रदर्शन पर निर्भर रहती हैं.

अगर सनराइज़र्स हैदराबाद और चेन्नई सुपरकिंग्स एक-एक मैच जीत जाती हैं तो दोनों का अभियान थम जाएगा.

आरसीबी की जीत की हीरो रही यह तिकड़ी

आरसीबी को जीत दिलाने में रजत पाटीदार और विल जैक्स की बल्लेबाज़ी के अलावा यश दयाल की गेंदबाज़ी ने अहम भूमिका निभाई.

आरसीबी को शुरुआत में ही फ़ाफ़ डुप्लेसी और विराट के रूप में झटके लग जाने पर पाटीदार और विल जैक्स ने 88 रन की साझेदारी बनाकर टीम को लड़ने की स्थिति में बनाए रखा.

रजत पाटीदार ने अपनी लय को बनाए रखकर अर्धशतकीय पारी खेली. उन्होंने 33 गेंदों में तीन चौकों और तीन छक्कों से 52 रन बनाए. वहीं विल जैक्स ने तीन चौकों और दो छक्कों से 41 रन की पारी खेली.

चिन्नास्वामी स्टेडियम के धीमे विकेट पर गेंद रुककर आ रही थी और गेंद उछाल भी ले रही थी, इसलिए खुलकर शॉट खेलना मुश्किल हो रहा था. यही वजह है कि आरसीबी पहले दस ओवरों में दो विकेट पर 110 रन बनाने के बाद अगले दस ओवरों में सात विकेट खोकर 77 रन ही जोड़ सकी.

दिल्ली के मैच खोने में कैच छोड़ने की भी भूमिका

दिल्ली कैपिटल्स ने शुरुआती खेल में ख़राब फ़ील्डिंग करने के अलावा कैच छोड़कर अपनी स्थिति कमज़ोर कर ली. रजत पाटीदार और विल जैक्स दोनों को ही शुरुआती पारी में जीवनदान मिले.

इन दोनों को ही कुलदीप यादव के दूसरे ओवर में यह जीवनदान मिले. यह कैच छोड़ने वाले कप्तान अक्षर पटेल और शाई होप रहे. अगर इन दोनों के कैच पकड़ लिए गए होते तो पारी का स्कोर 100 रन पहुंचने से पहले ही चार विकेट निकल चुके होते.

दिल्ली के गेंदबाज़ों ने पारी के दूसरे हाफ़ में वैसे भी अच्छी गेंदबाज़ी करके बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने की छूट नहीं दी और फ़टाफ़ट विकेट भी निकाले. इसलिए यह कैच पकड़ लिए गए होते तो पारी को 30-35 रन पहले थामा जा सकता था.

अक्षर पटेल ने मैच के बाद कहा भी कि अगर हमने कैच पकड़ लिए होते तो आरसीबी को 150 रन तक रोका जा सकता था, जिस लक्ष्य को आसानी से पाया जा सकता था.

मेकगर्क और स्ट्रब्स रहे दुर्भाग्यशाली

कप्तान ऋषभ पंत पर एक मैच का बैन लगने पर मेकगर्क और स्ट्रब्स की रंगत में चल रही जोड़ी पर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने की अहम ज़िम्मेदारी थी. लेकिन दोनों ही दुर्भाग्यवश रन आउट हो गए.

मेकगर्क जब आठ गेंदों पर 21 रन बनाने के बाद टीम के अभियान को आगे बढ़ा रहे थे तब ही वह रन आउट हो गए. उनके अलावा स्ट्रब्स भी रन आउट हुए.

ऋषभ पंत की ग़ैर-मौजूदगी में कप्तानी की ज़िम्मेदारी संभाल रहे अक्षर पटेल ने अकेले ही टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने का भरपूर प्रयास किया.

मगर सच यह है कि मेकगर्क और स्ट्रब्स से अगर उन्हें सहयोग मिलता तो लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल नहीं था.

अक्षर ने अन्य खिलाड़ियों का सहयोग नहीं मिलने पर भी मोर्चा संभाले रखा. लेकिन वह 57 रन बनाने के बाद यश दयाल का शिकार बन गए. उन्होंने पांच चौके और तीन छक्के लगाए. अक्षर के आउट होने के बाद दिल्ली की हार किसी हद तक तय हो गई.

केमरून ग्रीन बने प्लेयर ऑफ़ द मैच

केमरून ग्रीन शुरुआती लीग में बहुत रंगत में नहीं दिखे थे. पर अब वह टी-20 विश्व कप के क़रीब आने पर टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं.

आरसीबी के जब धड़ाधड़ विकेट निकल रहे थे, उस समय एक छोर संभालकर पारी को आगे बढ़ाए रखा.

ग्रीन के नाबाद 32 रनों की वजह से ही आरसीबी 187 रन तक पहुंच सकी, वरना टीम 150-160 रन पर थम सकती थी.

केमरून ग्रीन ने गेंदबाज़ी में विकेट तो एक ही लिया पर चार ओवरों में रन सिर्फ 19 दिए. उन्होंने रसिख सलाम का विकेट निकाला, वह अक्षर के साथ 37 रन की साझेदारी निभाकर टीम को जीत की तरफ बढ़ाते नज़र आ रहे थे. इस ऑलराउंड प्रदर्शन पर उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

विराट-इशांत की नोंक-झोंक ने बांधा समां

विराट कोहली और इशांत शर्मा शुरुआती करियर के दोस्त हैं और दोनों अंडर-19 कैंप में मिलने के बाद लंबे समय तक दिल्ली के लिए खेले हैं.

इशांत ने पहली गेंद को अंदर लाकर विराट को मुश्किल में डाला. लेकिन इस ओवर की आख़िरी गेंद पर विराट ने पुल से छक्का लगाया और फिर ईशांत की तरफ़ देखकर कुछ बोले.

विराट ने इशांत के दूसरे ओवर में छक्का लगाया और दोनों के बीच नोंक-झोंक चलती रही. पर अपने दूसरे ओवर की आख़िरी गेंद पर विकेट के पीछे लपकवाकर विराट के टी-20 में विकेट का सपना साकार कर लिया. उन्हें इस सपने को साकार करने में 16 साल लगे. विराट के आउट होने पर ईशांत ने उनके आगे आकर हंसते हुए धक्का भी लगाया.

इशांत शर्मा जब बल्लेबाज़ी करने आए तो विराट उनके साथ मज़ाक करते नज़र आए. वैसे भी मैच का हीरो कोई भी हो, पर मैच में छाए विराट ही रहते हैं. वह गेंदबाज के विकेट लेने पर उसे बधाई देते दिखते हैं तो कभी किसी का गले लगाकर बधाई देते दिखते हैं.

विराट में एक और बदलाव देखने को मिल रहा है कि वह पहले काफ़ी आक्रामक अंदाज़ में प्रतिक्रिया देते दिखते थे. पर आजकल हंसी-मज़ाक करते दिखते हैं.

विराट कोहली ने इस आईपीएल सत्र में अपने खेल को अलग अंदाज़ दिया है और वह पेस गेंदबाज़ों को बाहर निकलकर खेलते दिख रहे हैं. वहीं सलॉग स्वीप भी खेल रहे हैं.

यह सही है कि इशांत शर्मा के बीच हंसी मज़ाक की वजह से शायद वह अपनी एकाग्रता को बनाए नहीं रख सके और आउट हो गए. पर वह ऑरेंज कैप पर कब्ज़ा बनाए हुए हैं.

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