पीएम मोदी बोले- कम्युनल से अब सेक्युलर सिविल कोड की ओर जाना होगा

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78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले से देश को संबोधित किया.

ध्वजारोहण के बाद पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में ही देश के सैनिकों, किसानों और युवाओं को सलाम किया.

पीएम मोदी ने कहा, ''जब हम 40 करोड़ थे, तब हमने सफलतापूर्वक आज़ादी का सपना देखा. आज तो हम 140 करोड़ हैं. एक साथ मिलकर हम किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं.''

उन्होंने कहा, "आज़ादी के दीवानों ने हमें स्वतंत्रता की सांस लेने का सौभाग्य दिया है. ये देश उनका ऋणी है. ऐसे हर महापुरुष के प्रति हम अपना श्रद्धाभाव व्यक्त करते हैं."

लाल क़िले की प्राचीर से पीएम मोदी ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए और दोषियों के मन में डर पैदा करना ज़रूरी है.

हालांकि, पीएम मोदी ने सीधे तौर पर किसी मामले का ज़िक्र नहीं किया लेकिन फिलहाल कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की एक डॉक्टर से रेप और मर्डर के मामले में देशभर के डॉक्टर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

पीएम मोदी ने अपने भाषण में उनकी सरकार की कई उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि भारत को 2047 तक विकसित देश बनाना ही उनकी सरकार का संकल्प है.

उन्होंने सेक्युलर सिविल कोड और वन नेशन, वन इलेक्शन को समय की ज़रूरत बताया. पीएम ने भाषण में बांग्लादेश के हिंदुओं की सुरक्षा का भी मुद्दा उठाया.

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महिला सुरक्षा समेत इन मुद्दों पर बोले पीएम

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पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा, ''एक समय पर आतंकवादी आकर देश में हमले करते थे लेकिन अब सेना सर्जिकल स्ट्राइक करती है और देश के युवा का सीना इससे गर्व से भर जाता है.''

पीएम ने कहा कि देश में 'स्टेटस को' यानी जो है उसी में गुज़ारा कर लेने वाला माहौल बन गया था लेकिन उनकी सरकार ने इस स्थिति को बदला.

प्रधानमंत्री के इस भाषण पर कांग्रेस के नेता और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

पवन खेड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा, “यह साहेब कितने ही साल इस पद पर रहें, इनका कद बढ़ ही नहीं सकता. ना इनके वैचारिक पूर्वजों को स्वतंत्रता दिवस से कोई मतलब था, ना इनके मन में आज के दिन की पवित्रता की समझ है.”

पवन खेड़ा ने बीजेपी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को निशाने पर लेते हुए कहा, “हाँ, संसद में हुआ हमला दुखदाई था; हाँ, कंधार विमान अपहरण ने देश को दहला दिया था, लेकिन स्वर्गीय वाजपेयी जी के ख़िलाफ़ बोलने का यह भी कोई मौक़ा है?”

पवन खेड़ा ने लिखा कि वाजपेयी जी ने कम से कम पठानकोट हमले के बाद आईएसआई को निरीक्षण के लिए तो नहीं बुलाया था; आईएसआई को क्लीन चिट तो नहीं दी थी.

पीएम मोदी ने कहा कि आज महिलाओं के ख़िलाफ़ हो रहे अपराध को गंभीरता से लिया जाना ज़रूरी है और दोषियों में डर पैदा करने की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा, "मैं आज लाल क़िले से अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहता हूं. हमें गंभीरता से सोचना होगा. हमारी माताओं, बहनों, बेटियों के प्रति जो अत्याचार हो रहे हैं, उसके प्रति जन सामान्य का आक्रोश है. इसे देश को, समाज को, हमारी राज्य सरकारों को गंभीरता से लेना होगा."

पीएम ने कहा कि महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों की जल्द से जल्द जांच हो. राक्षसी कृत्य करने वालों को जल्द से जल्द कड़ी सजा हो, ये समाज में विश्वास पैदा करने के लिए ज़रूरी है.

पीएम मोदी बोले, ''मैं कहना चाहूंगा कि जब बलात्कार की घटनाएं होती हैं तो वो मीडिया में छाया रहता है लेकिन जब ऐसे राक्षसी कृत्य करने वालों को सज़ा होती है तो वह ख़बर नहीं बनता. मुझे लगता है कि समय आ गया है जब ऐसे कृत्य करने वालों की ख़बरें बनें. ये डर बनाना बहुत ज़रूरी है.''

पीएम ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है लेकिन उनके साथ अत्याचार चिंता की बात है.

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पीएम मोदी के भाषण की अन्य अहम बातें:

  • प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने में सफलता मिली है.
  • ग्लोबल मंच पर भारत का योगदान बढ़ा है.
  • एक्सपोर्ट बढ़ा है.
  • ग्लोबल संस्थानों का भारत में भरोसा बढ़ा है.
  • युवाओं को रोज़गार के नए अवसर मिले हैं.
  • पैरालंपिक में भारतीय खिलाड़ी अपनी ताक़त दिखा रहे हैं.
  • हमारे बैंक विश्व के अग्रणी बैंकों में अपना स्थान बना चुके हैं.
  • अगले पाँच साल में मेडिकल लाइन में 75 हज़ार नई सीटें बनाई जाएंगी
  • किसानों को नई तकनीक से जोड़ा जा रहा है.
  • प्राकृतिक खेती के लिए बजट बढ़ाया.
  • डिफ़ेंस निर्माण में भारत की धमक बढ़ी है.
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इमेज कैप्शन, बांग्लादेश में छात्रों के आरक्षण विरोधी आंदोलन की वजह से शेख़ हसीना को पीएम पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा

बांग्लादेशी हिंदुओं पर जताई चिंता

पीएम मोदी ने अपने भाषण में बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हिंदुओं पर हो रहे हमलों का भी ज़िक्र किया.

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो. उन्होंने कहा कि हम पड़ोसियों का सुख और शांति चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ भी हो रहा है वह चिंताजनक है.

पीएम ने कहा, "बांग्लादेश में जो कुछ भी हुआ है, उसको लेकर पड़ोसी देश होने के नाते चिंता होना, मैं इसको समझ सकता हूं. मैं आशा करता हूं कि वहां पर हालात जल्द ही सामान्य होंगे."

उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की चिंता है कि वहां के हिंदुओं, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए.

पीएम ने कहा, "भारत हमेशा चाहता है कि हमारे पड़ोसी देश सुख और शांति के मार्ग पर चलें. शांति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है. आने वाले दिनों में बांग्लादेश की विकास यात्रा में हमेशा हमारा शुभचिंतन ही रहेगा."

यूनियन सिविल कोड

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सिविल कोड पर क्या बोले पीएम

पीएम मोदी ने कहा, "हमारे देश में सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार यूनिफॉर्म सिविल कोड पर चर्चा की है, अनेक बार आदेश दिए हैं. क्योंकि देश का एक बहुत बड़ा वर्ग मानता है और इसमें सच्चाई भी है कि जिस सिविल कोड को लेकर हम जी रहे हैं वो एक तरह से कम्युनल सिविल कोड है. भेदभाव करने वाला सिविल कोड है."

उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि गंभीर विषय पर व्यापक चर्चा हो. ऐसे क़ानून जो धर्म के आधार पर देश को बाँटते हों, जो ऊंच-नीच का कारण बनते हों. ऐसे कानूनों का आधुनिक समाज में कोई स्थान नहीं हो सकता. समय की मांग है कि देश में एक सेक्युलर सिविल कोड हो. हमने कम्युनल सिविल कोड में 75 साल बिताए हैं. अब हमें सेक्युलर सिविल कोड की ओर जाना होगा."

पीएम मोदी ने भाषण में देश में एक समय पर चुनाव कराने की भी वकालत की.

उन्होंने कहा, "देश में बार-बार चुनाव गतिरोध पैदा कर रहे हैं. हर छह महीने में कहीं न कहीं चुनाव हो रहे हैं. इसलिए देश में व्यापक चर्चा हुई है. सभी राजनीतिक दलों ने अपने विचार रखे हैं. वन नेशन, वन इलेक्शन के लिए देश को आगे आना होगा."

हज़ारों नई मेडिकल सीटों का एलान

पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में 75 हज़ार नई मेडिकल सीटें बनाई जाएंगी ताकि भारत से विदेश पढ़ाई करने न जाना पड़े.

पीएम मोदी ने कहा कि हर साल भारत के कई युवा अलग-अलग देशों में मेडिकल पढ़ाई करने जाते हैं.

उन्होंने कहा, "अधिकतर मिडिल क्लास परिवार के बच्चे जाते हैं. वे लाखों रुपये खर्च करते हैं. कई बार तो ऐसे-ऐसे देश में बच्चे मेडिकल पढ़ने जाते हैं कि मुझे हैरानी होती है. इसलिए अगले पाँच साल में मेडिकल लाइन में 75 हज़ार नई सीटें बनाई जाएंगी."

पीएम ने ये भी कहा, "कुछ लोग होते हैं जो प्रगति देख नहीं सकते, जो भारत का भला नहीं देख सकते. जब तक उनका अपना भला न हो तब तक उन्हें कुछ अच्छा नहीं लगता. देश को ऐसे लोगों से बचने की ज़रूरत है. ऐसे लोगों की गोद में विकृति की सोच पल रही है. ये सोच विनाश का कारण बनती है. इसलिए हमें ऐसे छिटपुट निराशावादी तत्वों से बचने की ज़रूरत है. देश को ये समझना होगा."

स्वतंत्रता दिवस

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इमेज कैप्शन, भाषण पूरा करने के बाद पीएम मोदी स्कूल के बच्चों के साथ

'लोगों के जीवन में सरकारी दखल कम हो'

लाल क़िले से पीएम मोदी ने लोगों के जीवन में सरकार के कम से कम दखल की बात कही.

उन्होंने कहा कि मेरा सपना है कि 2047 में जब विकसित भारत बनेगा, तब सामान्य मानवी के जीवन में सरकार का दखल कम हो

उन्होंने कहा, "लोगों के जीवन में सरकार का दखल कम हो, इस दिशा में भी हमने काम किया है. हमने देशवासियों के लिए 1500 से ज़्यादा क़ानूनों को ख़त्म कर दिया, ताकि क़ानूनों के जंजाल में देशवासियों को फंसना न पड़े."

पीएम ने कहा कि 60 साल बाद ये हुआ कि तीसरी बार एक ही सरकार को सेवा का मौका दिया गया है.

पीएम मोदी बोले- मैं आज लाल क़िले की प्राचीर से हमें आशीर्वाद देने के लिए भारतवासियों का कोटि-कोटि नतमस्तक होकर धन्यवाद करता हूं.

(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)

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