दुनिया के सबसे बड़े बैंक फ्रॉड में वियतनामी उद्योगपति को मौत की सज़ा का मामला क्या है?

इमेज स्रोत, Getty Images
- Author, जोनाथन हेड, दक्षिण पूर्व एशिया संवाददाता और थू बुई, बीबीसी संवाददाता
- पदनाम, .
दुनिया के सबसे बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में वियतनामी प्रॉपर्टी टाइकून ट्रो मी लान को अपनी मौत की सज़ा के खिलाफ दी गई अपील में हार मिली है.
68 साल की ये महिला अब अपनी ज़िंदगी की लड़ाई लड़ रही हैं, क्योंकि वियतनाम के क़ानून के मुताबिक़ अगर वो किए गए धोखे में से 75 फ़ीसदी रकम लौटा देती हैं तो उनकी मौत की सज़ा आजीवन कारावास में बदल जाएगी.
अप्रैल में ट्रायल कोर्ट ने पाया था कि ट्रो मी लान ने देश की पांचवीं सबसे बड़ी कर्ज़ देने वाली साईगॉन कमर्शियल बैंक पर गुप्त रूप से नियंत्रण किया था और शेल कंपनियों के जाल के ज़रिए 10 सालों से ज़्यादा समय में कुल 44 बिलियन डॉलर लोन और नकदी निकाली थी.
अभियोजकों का कहना है कि 27 अरब डॉलर का दुरुपयोग किया गया था और 12 अरब डॉलर का गबन माना गया था, यह सबसे गंभीर वित्तीय अपराध था जिसके लिए उन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई थी.

ये एक दुर्लभ और चौंकाने वाला फैसला था. वो वियतनाम की उन कुछ महिलाओं में से एक हैं, जिन्हें इस तरह के अपराध के लिए मौत की सज़ा सुनाई गई है.
मंगलवार को कोर्ट ने कहा कि ट्रो मी लान की मौत की सज़ा को कम करने का कोई आधार नहीं है. अगर वह 9 अरब डॉलर लौटा देती हैं, जो कि गबन किए गए 12 अरब डॉलर का तीन-चौथाई है, तो वह अभी भी फांसी से बच सकती हैं, यह उनकी आखिरी अपील नहीं है और वह अभी भी राष्ट्रपति से माफ़ी के लिए याचिका दायर कर सकती हैं.
मुकदमे के दौरान ट्रो मी लान कभी-कभी निडर नज़र आती थीं, लेकिन हाल की सुनवाई में वह ज़्यादा निराश नज़र आ रही थीं.
उन्होंने कहा कि वह राज्य को इस तरह बर्बाद करने के लिए शर्मिंदा थीं और उनका एकमात्र विचार था कि उन्होंने जो लिया था उसे चुकाना है.
ट्रो मी लान का इतिहास

इमेज स्रोत, Getty Images
हो ची मिन्ह शहर में एक चीनी-वियतनामी परिवार में जन्मीं ट्रो मी लान ने अपनी शुरुआत बाज़ार में अपनी मां के साथ एक स्टॉल लगाकर कॉस्मेटिक सामान बेचने से की थी.
1986 में कम्युनिस्ट पार्टी के आर्थिक सुधार लागू करने के बाद से उन्होंने ज़मीन और संपत्ति खरीदना शुरू किया. 1990 के दशक में उनके पास होटल और रेस्टोरेंट का एक बड़ा पोर्टफोलियो था.
जब उन्हें अप्रैल में दोषी पाया गया और सज़ा सुनाई गई तब वह एक प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी, वान थिन्ह फ़ैट ग्रुप की अध्यक्ष थीं.
तत्कालीन कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव गुयेन फु ट्रोंग के नेतृत्व में चलाए गए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान "ब्लेज़िंग फर्नेसेस" में यह एक नाटकीय पल था.
बाक़ी बचे सभी 85 अभियुक्त दोषी पाए गए थे. उनमें से चार को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई, जबकि ट्रो मी लान के पति और भतीजी समेत बाकी बचे लोगों को 20 साल से लेकर तीन साल तक की जेल की सज़ा दी गई.
ऐसा माना जाता है कि वियतनाम के स्टेट बैंक ने सायगोन कमर्शियल बैंक को बचाने के लिए कई अरब डॉलर खर्च किए, ताकि बड़े बैंकिंग संकट से बचा जा सके.
अभियोजकों ने कहा कि उनके अपराध बहुत बड़े और अनोखे थे, इसलिए उन्हें कोई ढील नहीं दी जा सकती.
ट्रो मी लान के वकीलों ने कहा कि वह जितना हो सके उतनी जल्दी 9 अरब डॉलर जुटाने की कोशिश कर रही थीं. लेकिन अपनी संपत्तियों को बेचना मुश्किल साबित हो रहा है.
हो ची मिन्ह शहर की कुछ महंगी संपत्तियों को जल्द ही बेचने पर विचार हो रहा है. बाक़ी संपत्तियां शेयर या हिस्सेदारी के रूप में दूसरे कारोबारों और संपत्ति परियोजनाओं में हैं.
पूरे राज्य में हज़ारों संपत्तियों की पहचान की गई जो इस धोखाधड़ी से जुड़ी हैं. फिलहाल इन संपत्तियों पर अधिकारियों ने पाबंदी लगा दी है.
बीबीसी समझता है कि टाइकून ने टारगेट तक पहुंचने के लिए अपने दोस्तों से भी लोन के मदद के लिए संपर्क किया.

इमेज स्रोत, Getty Images
सुनवाई के दौरान उनके वकीलों ने वित्तीय कारणों से न्यायधीशों से दया दिखाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जब तक वो मौत की सज़ा के अधीन हैं, तो उनके लिए अपनी संपत्तियों को अच्छे दाम में बेचना और उससे 9 अरब डॉलर इकट्ठा करना एक चुनौती होगी.
वो आगे कहते हैं कि इसके बजाय उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा दी जाती तो शायद वो वो इससे ज़्यादा अच्छा कर सकती थीं.
वकील गुयेन हुई थीप ने उनकी अपील खारिज होने से पहले बीबीसी को बताया, “उनकी हिस्सेदारी की कुल रकम वास्तव में आवश्यक मुआवज़ा राशि से अधिक है.”
हालांकि इनको बेचने के लिए समय और मेहनत की ज़रूरत पड़ेगी, इनकी कई संपत्तियां अचल संपत्ति हैं और उनको इन्हें बेचने में समय लगता है.
ट्रो मी लान को उम्मीद है कि कोर्ट उनके लिए उनके पक्ष में कोई फैसला देगा जिसके कारण उन्हें मुआवज़ा इकट्ठा करने में आसानी होगी.
बहुत कम लोगों का मानना था कि न्यायधीश इन दलीलों से प्रभावित होंगे. अब वह पैसे जुटाने की एक ऐसी दौड़ में भाग रही हैं जिसमें उनके सामने फांसी देने वाला खड़ा है.
वियतनाम मौत की सज़ा को गुप्त ही रखती है. वहां की सरकार ये साझा नहीं करती कि अभी तक कितने लोगों को मौत की सज़ा होनी है.
कुछ मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि एक हज़ार से भी ज़्यादा लोगों को मौत की सज़ा होनी है. जिसकी वजह से वियतनाम दुनिया में मौत की सज़ा देने वाले देशों में एक है.
आमतौर पर सज़ा सुनाने में काफी देरी होती है जिसके कारण अक्सर कई साल लग जाते हैं, हालांकि कैदियों को बहुत कम नोटिस दिया जाता है.
अगर ट्रो मी लान ऐसा होने से पहले 9 अरब डॉलर की अदायगी कर देती हैं, तो हो सकता है कि उनकी जान बच जाएगी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















