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व्हाट्सऐप में इस नए तरीक़े से हो रही है धोखाधड़ी, बचने के लिए ये करें
- Author, अमरेंद्र यारलागड्डा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
'व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग' धोखाधड़ी कैसे होती है?
अगर ऐसा है, तो आपको निश्चित रूप से इसके बारे में जानना चाहिए.
ऐसा इसलिए है क्योंकि तेलंगाना पुलिस ने बताया है कि साइबर अपराधी व्हाट्सऐप के जरिए से एक नए प्रकार की धोखाधड़ी कर रहे हैं.
धोखाधड़ी के इस नए तरीके को 'व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग' कहा जाता है.
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भी इस धोखाधड़ी के बारे में चेतावनी जारी की है.
हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर और तेलंगाना साइबर सुरक्षा निदेशक ने लोगों को सतर्क रहने और व्हाट्सऐप के माध्यम से फैलाए जा रहे इस घोटाले का शिकार न होने की सलाह दी है.
'व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग' धोखाधड़ी कैसे होती है?
साइबर अपराध की दुनिया में अब धोखाधड़ी करने के नए तरीके अपनाए जा रहे हैं.
पहले, धोखाधड़ी के मामलों में फोन कॉल या टेक्स्ट मैसेज भेजकर मैलवेयर इंजेक्ट किया जाता था.
लेकिन पुलिस को अब मालूम चला है कि व्हाट्सऐप पर 'जानकारी शेयर करने' के जरिए धोखाधड़ी की जा रही है.
हैदराबाद शहर के पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने बताया, "यह घोटाला 'अरे. क्या आपने मेरी तस्वीर देखी है?' जैसा लिंक भेजकर शुरू होता है."
उन्होंने कहा, "इस तरह के लिंक पर क्लिक न करें. आपको ना सिर्फ ऐसे व्यक्ति के भेजे गए लिंक पर क्लिक नहीं करना है जिसे आप नहीं जानते, बल्कि अगर लिंक भेजने वाले शख्स को आप जानते भी हैं तो उस पर क्लिक नहीं करें."
उन्होंने बताया, "ऐसे लिंक पर क्लिक करने से एक नकली व्हाट्सऐप वेब पेज खुल जाएगा और बिना किसी ओटीपी या स्कैनिंग के आपका व्हाट्सऐप अकाउंट हैकर के डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल) पर लॉगइन हो जाएगा."
लिंक पर क्लिक करने के बाद क्या होता है?
तेलंगाना साइबर सुरक्षा विभाग की निदेशक शिखा गोयल ने कहा कि साइबर अपराधी यूजर्स के व्यक्तिगत व्हाट्सऐप खातों को उनके उपकरणों से जोड़कर जानकारी चुरा रहे हैं.
उन्होंने बताया, "बैंक खाते की जानकारी, निजी बातचीत, तस्वीरें, वीडियो सब कुछ साइबर अपराधियों के हाथ लग जाता है. वे यूजर्स के नाम का इस्तेमाल दूसरों को संदेश भेजने और धोखाधड़ी करने के लिए करते हैं."
वहीं केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 'घोस्ट पेयरिंग' के संबंध में गाइडलाइन्स जारी की हैं.
मंत्रालय ने कहा, "अपराधी व्हाट्सऐप में मौजूद डिवाइस लिंकिंग फीचर का इस्तेमाल करके व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर रहे हैं. पेयरिंग कोड की मदद से बिना किसी और वेरिफिकेशन के व्हाट्सऐप अकाउंट हैक किए जा रहे हैं."
धोखाधड़ी से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए?
शिखा गोयल ने बीबीसी को बताया, "इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के खिलाफ चेतावनी दी है."
धोखाधड़ी से बचने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करना चाहिए...
- आपको व्हाट्सऐप की सेटिंग में मौजूद 'लिंक्ड डिवाइस' के ऑप्शन को नियमित तौर पर देखना चाहिए.
- अगर वहां कोई अज्ञात डिवाइस कनेक्टेड है, तो आपको तुरंत लॉग आउट कर देना चाहिए.
- आपको अपने व्हाट्सऐप अकाउंट की सेटिंग में जाकर 'टू-स्टेप वेरिफिकेशन' फीचर को ऑन करना चाहिए.
अगर आपका अकाउंट हैक हो जाए तो क्या करें?
पुलिस ने चेतावनी दी है कि सावधानी के बावजूद भी व्हाट्सऐप के हैक होने की आशंका है.
शिखा गोयल ने कहा, "अगर आपको संदेह है कि व्हाट्सऐप या कोई वेब ब्राउज़र हैक हो गया है, तो आपको तुरंत उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए."
"हैकिंग के दौरान दिखाई देने वाले सभी मैसेज, लिंक और पॉप-अप नोटिफिकेशन के स्क्रीनशॉट ले लें और उन्हें सुरक्षित रख लें. ट्रांसफर की आईडी, यूटीआर, कॉल लॉग जैसी जानकारी जमा कर लेनी चाहिए.
उन्होंने कहा, "ईमेल, बैंक और सोशल मीडिया खातों के पासवर्ड तुरंत बदल दिए जाने चाहिए. अगर किसी बैंक खाते से पैसे गायब हो जाते हैं, तो आपको तुरंत संबंधित बैंक या संबंधित कंपनी से संपर्क करना चाहिए और शिकायत दर्ज करनी चाहिए."
"गूगल क्रोम और अन्य ऐप्स को तुरंत नए ऑफिशियल वर्जन में अपडेट करना चाहिए."
वहीं तेलंगाना पुलिस ने चेतावनी दी है कि ओटीपी, पिन, सीवीवी, व्हाट्सऐप कोड जैसी व्यक्तिगत जानकारी किसी भी परिस्थिति में किसी के साथ भी शेयर नहीं करनी चाहिए.
शिखा गोयल ने सलाह दी है कि अगर आप साइबर अपराध के शिकार हुए हैं या आपके पास साइबर अपराध से संबंधित कोई जानकारी है, तो आपको तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर इसकी सूचना देनी चाहिए.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.