बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर बनने के बाद क्या बोलीं मनु भाकर

मनु भाकर बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर 2024 चुनी गई हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई वोटिंग के बाद उनके नाम की घोषणा की गई.
दिल्ली में आयोजित समारोह में बीबीसी के डायरेक्टर जनरल टिम डेवी और भारतीय मुक्केबाज़ मैरी कॉम ने मनु भाकर को ये अवॉर्ड दिया.
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर के पांचवें संस्करण की नॉमिनीज़-गोल्फ़र अदिति अशोक, क्रिकेटर स्मृति मंधाना, शूटर अवनि लेखरा, शूटर मनु भाकर और पहलवान विनेश फोगाट थीं.
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अवॉर्ड मिलने के बाद मनु भाकर ने कहा, "बीबीसी का इस अवॉर्ड के लिए शुक्रिया. यह उतार चढ़ाव वाला सफर रहा है. मैंने बहुत सारे मैच जीते हैं, लेकिन यहां आपके सामने खड़ा होना मेरे लिए गर्व की बात है."
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है इससे ना सिर्फ देश की महिलाओं को बल्कि खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी जिनके सपने कुछ बड़ा करने के हैं."

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मनु ने कहा, "एक वक्त ऐसा आया था जब मैं गिव अप करना चाहती थी, अगर उस वक्त मैंने गिव अप कर दिया होता तो आज मैं यहां आपके सामने नहीं खड़ी होती. ना मुझे पेरिस में मेडल मिले होते और ना ही मैं स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड ले रही होती."
भाकर ने कहा, "इंसान के दिमाग की कोई सीमा नहीं होती. सीमाओं को तोड़कर आगे बढ़ना चाहिए.
मिताली राज को मिला लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

इसके अलावा शतरंज खिलाड़ी तानिया सचदेव और खो खो खेल में भारत का नेतृत्व करने वालीं नसरीन शेख को बीबीसी चेंजमेकर ऑफ़ द ईयर 2024 अवॉर्ड से नवाज़ा गया है.
मिताली राज को 2004 से 2022 तक भारतीय महिला क्रिकेट टीम की रिकॉर्ड 18 साल की कप्तानी के लिए बीबीसी लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला है.
प्रीति पाल को बीबीसी स्टार परफॉर्मर ऑफ द ईयर 2024 अवॉर्ड से नवाज़ा गया है. धावक प्रीति पाल, उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली हैं. पेरिस पैरालंपिक में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था.
बीबीसी इमर्जिंग प्लेयर अवॉर्ड

बीबीसी इमर्जिंग प्लेयर अवॉर्ड 18 वर्षीय तीरंदाज़ शीतल देवी को मिला है. ये अवॉर्ड उन्हें भारत की सबसे कम उम्र की पैरालंपिक पदक विजेता के रूप में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के लिए दिया गया है.
अवॉर्ड मिलने के बाद उन्होंने कहा, "यह सम्मान देने के लिए बहुत शुक्रिया. मुझे यहां मंच पर आकर बहुत अच्छा लग रहा है."
उन्होंने कहा, "बचपन में मुझे पेड़ पर चढ़ना बहुत पसंद था, क्योंकि भाई-बहन सब पेड़ पर चढ़ते थे. एक दिन मैंने कोशिश की और मैं चढ़ गई. ऐसा कर मैं उन्हें दिखाने लगी कि मैं भी पेड़ पर चढ़ सकती हूं."

समारोह में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़, कांग्रेस नेता सचिन पायलट और सांसद कार्तिकेय शर्मा ने पैरा शूटिंग में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वालीं अवनि लेखरा को बीबीसी पैरा-स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर का अवॉर्ड दिया.
अवनि ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में गोल्ड और ब्रॉन्ज़ जीतने के साथ ही 2024 के पेरिस ओलंपिक में भी गोल्ड जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की.
विजेता को चुनने के लिए दो सप्ताह तक चली वोटिंग में दर्शकों ने अपनी पसंदीदा खिलाड़ियों को वोट किया.
बीबीसी के डायरेक्टर जनरल टिम डेवी

समारोह को संबोधित करते हुए बीबीसी के डायरेक्टर जनरल टिम डेवी ने कहा, "हम जानते हैं कि युवा महिलाओं और लड़कियों के लिए महान खिलाड़ियों की जीत के बारे में सुनना कितना महत्वपूर्ण हैं. लेकिन हम ये भी जानते हैं कि उनके लिए उन मुद्दों और चुनौतियों के बारे में सुनना और भी महत्वपूर्ण है जिनका सामना खिलाड़ियों ने अपने जीवन में किया है."
उन्होंने कहा, "इन कहानियों को साझा करना ही लैंगिक रूढ़ियों को चुनौती देने, बाधाओं को तोड़ने और महिलाओं और खेलों से जुड़ी बातचीत में बदलाव लाने के लिए नई पीढ़ी को प्रेरित कर सकता है."
इस दौरान मंच पर मौजूद भारतीय मुक्केबाज़ मैरी कॉम ने कहा, "बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है. यह प्लेटफॉर्म शानदार है और इसकी सराहना होनी चाहिए. विजेताओं को मेरी बधाई."
उन्होंने कहा, "पिछले कुछ सालों में महिलाओं ने खेल में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और बतौर महिला इस पर मुझे बेहद गर्व होता है. अगर मैं मेरे सफर की बात करूं तो मैंने 20 साल तक बॉक्सिंग की."
"एक महिला और एक मां के तौर पर 20 साल तक लड़ना आसान नहीं था. हमें बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा. मेरी जिंदगी में बहुत सारी चुनौतियां रहीं."
कलेक्टिव न्यूज़रूम की सीईओ रूपा झा ने क्या कहा

कलेक्टिव न्यूज़रूम की सीईओ रूपा झा ने कहा, "मिशन साफ़ है- खेलों में महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करना, सुर्ख़ियों से परे देखना और समझना कि इस देश में महिला खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक बदलाव लाने के लिए क्या करना होगा."
उन्होंने कहा, "एक खिलाड़ी बनने की उनकी यात्रा में उनके लिए एक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए क्या करना होगा, और एक खिलाड़ी की उस छवि को चुनौती देने के लिए क्या करना होगा ताकि वो डिफ़ॉल्ट b रूप से एक पुरुष के साथ जुड़नी बंद हो जाए."
"हम जानते हैं कि इस बदलाव को लाने के लिए हमें पहाड़ को हिलाने की ज़रूरत नहीं है. इसके लिए केवल लगातार कोशिश करते रहने की ज़रुरत है."
राष्ट्रपति का संदेश

इमेज स्रोत, presidentofindia.gov.in
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बीबीसी की पूरी टीम की इस पहल के लिए सराहना की है.
बीबीसी को भेजे अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा है कि बीबीसी ने खेलों में महिलाओं की उपलब्धियों को उजागर करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है.
राष्ट्रपति ने कहा, ''इस पहल के माध्यम से जिनकी पहचान बनी है, ऐसी असाधारण एथलीटों ने न केवल अपने खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है बल्कि युवा महिलाओं को निडरता के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित भी किया है.''
इन नॉमिनीज़ के नामों की घोषणा जनवरी में की गई थी. बीबीसी के चुने हुए एक जूरी पैनल ने पाँच भारतीय महिला खिलाड़ियों को चुना था.
जूरी में देशभर के जाने-माने खेल पत्रकार, विशेषज्ञ और लेखक शामिल हैं. इसके बाद ऑडियंस ने अपनी पसंदीदा खिलाड़ियों के लिए वोट किया.
ये प्रतिष्ठित अवॉर्ड 2024 में शानदार प्रदर्शन करने वाली महिला खिलाड़ियों का सम्मान करने के साथ अन्य खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जश्न मनाता है.
इस साल का विषय 'चैंपियन्स चैंपियन है'. इसके ज़रिए उन लोगों की कहानी कही गई है जो मेडल जीतने वाली खिलाड़ियों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं.
इससे संबंधित कुछ विशेष कहानियां आप बीबीसी पर पढ़ सकते हैं-
एक विशेष डॉक्यूमेंट्री उन खिलाड़ियों के बारे में है, जो देख नहीं सकतीं और दृष्टिबाधित हैं.
इस डॉक्यूमेंट्री में ये दिखाया गया है कि इन एथलीट के लिए गाइड रनर की भूमिका कितनी अहम होती है और उनके लिए संसाधनों का किस तरह अभाव है.
वहीं, विशेष कवरेज़ में महाराष्ट्र की उन लड़कियों की प्रेरणादायी कहानी है, जिन्हें कॉलेज के शिक्षकों के एक समूह ने कबड्डी चैंपियन बनाया.
समय के साथ भारत की खेल यात्रा में सरकारी और निजी वित्तीय सहायता बढ़ी है और इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले मुक़ाबले में मेडलों की संख्या में हुई बढ़ोतरी में दिखता है.
लेकिन इस विषय पर हमारी स्पेशल कवरेज़ से ये भी पता चला है कि पूरे सहायता में से महिलाओं को अब भी छोटा हिस्सा ही मिल रहा है.
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड की शुरुआत साल 2019 में महिला खिलाड़ियों का सम्मान करने के लिए की गई थी.
साथ ही उन बाधाओं की चर्चा करने के लिए की गई जो चुनौतियों की तरह उनके सामने आती हैं और उनके रास्ते का रोड़ा बनती हैं.
सोमवार रात आयोजित हुए अवॉर्ड समारोह में बीबीसी की जूरी की तरफ़ से नामांकित तीन अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया.

बीबीसी स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर के पहले संस्करण में बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु विजेता बनी थीं. इस समारोह के मुख्य अतिथि तत्कालीन खेल मंत्री किरेन रिजिजू थे.
वहीं, 2020 की विजेता कोनेरू हम्पी थीं. 2021 और 2022 में बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर का अवॉर्ड मीराबाई चनू को दिया गया.
क्रिकेटर शेफाली वर्मा और शूटर मनु भाकर को इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर का अवॉर्ड पहले मिल चुका है.
लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड पी.टी उषा, अंजू बॉबी जॉर्ज, वेटलिफ़्टर कर्णम मल्लेश्वरी और हॉकी खिलाड़ी प्रीतम सिवाच को मिल चुका है.
बीबीसी विविधता और समावेश के लिए प्रतिबद्ध है. बीबीसी इंडियन पैरा-स्पोर्ट्स वुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड पिछले एडिशन 2023 से शुरू किया गया था. इस अवॉर्ड की पहली विजेता टेबल टेनिस प्लेयर भाविना पटेल थीं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित
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