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538 करोड़ का बैंक घोटाला क्या है, जिसमें जेट एयरवेज़ के नरेश गोयल हुए गिरफ्तार - प्रेस रिव्यू
शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जेट एयरवेज़ के संस्थापक नरेश गोयल को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार ईडी के मुंबई दफ्तर में नरेश गोयल से घंटों पूछताछ की गई लेकिन ईडी का कहना है कि जांच में गोयल अधिकारियों का सहयोग नहीं कर रहे हैं.
सूत्रों के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि कैनरा बैंक से जुड़े कर्ज़ घोटाले से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए गोयल को दिल्ली से मुंबई लाया गया था जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है.
वहीं इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार शनिवार को ईडी नरेश गोयल को पीएमएलए (प्रीवेन्शन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष अदालत में पेश करेगी.
अख़बार का कहना है कि सीबीआई ने गोयल के ख़िलाफ़ ये आपराधिक साज़िश रचने, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक कदाचार के आरोप लगाए हैं, जिसके कारण बैंक को 538.62 करोड़ रुपये का नुक़सान झेलना पड़ा.
क्या है मामला?
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार तीन मई को कैनरा बैंक की शिकायत पर सीबीआई ने एक केस दर्ज किया था.
बैंक के अनुसार गोयल की कंपनियों ने बैंकों के कंसोर्टियम के ज़रिए जो कर्ज़ लिया था, उसकी किश्त कंपनी नहीं दे रही थी. सीबीआई ने मामले में नरेश गोयल की पत्नी अनीता, गौरांग शेट्टी और कुछ अज्ञात लोगों पर आरोप लगाए हैं.
इस सिलसिले में जुलाई 2023 में ईडी ने दिल्ली समेत जेट एयरवेज़ के कई दफ्तरों में छापा मरा था.
एक अप्रैल 2011 से लेकर 19 जून 2019 के बीच बैंक ने गोयल की कंपनियों से जुड़े खातों का फोरेंसिक ऑडिट किया जिसमें पैसों को डायवर्ट करने और उसमें धांधली की बात सामने आई. ये रिपोर्ट 2021 में दी गई थी.
नरेश गोयल की कंपनी जेट एयरवेज़ (इंडिया) लिमिटेड साल 2005 से कैनरा बैंक से कर्ज़ लेता रहा है. ये सभी कर्ज़ बैंकों के कंसोर्टियम के ज़रिए दिए गए थे जिसका नेतृत्व स्टेट बैंक कर रहा था.
जेट एयरवेज़ ने लैंडिंग, नैविगेशन, एयरपोर्ट पर दी जाने वाली सुविधाओं, आयात किए जा रहे विमानों के लिए किराए पर लेने के लिए सिक्योरिटी डिपोज़िट जैसे खर्चों के लिए बैंक से कर्ज़ लिया था. साथ ही ये कर्ज़ नए रूट पर विमान चलाने और प्रमोशन के लिए था. सीबीआई का कहना है कि एयरलाइन ने पैसा इन मदों पर खर्च नहीं किया.
वहीं कंपनी का दावा है कि अगस्त 2018 से कंपनी आर्थिक मुश्किल और सेवा चलाने को लेकर दिक्कतों का सामना कर रही है. इस कारण कंपनी पर पड़े बोझ के कारण वो वक्त पर कर्ज़ की अपनी किश्त नहीं चुका सकी.
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार कर्ज़ का पैसा तीन तरीकों से निकाला गया, पहला, कमीशन पर होने वाले खर्च के तौर पर, दूसरा, गोयल की ही एक और कंपनी जेट लाइट (इंडिया) लिमिटेड में निवेश के लिए और तीसरा, कंसल्टेन्सी फ़ीस देने के लिए.
ऑडिट के अनुसार जेट लाइट में निवेश के लिए गए कर्ज़ के पैसे को बाद में कर्ज़माफ़ी के तौर पर दिखाया गया.
केंद्रीय बैंक आरबीआई ने 29 जुलाई 2021 को इस अकाउंट को फर्ज़ी करार दिया और कहा कि इसके ज़रिए 728.6 करोड़ रुपये की धांधली हुई है. इसमें से 538.62 करोड़ रुपये कैनरा बैंक के हैं जबकि 190 करोड़ रुपये सिंडीकेट बैंक के. 2020 अप्रैल में सिंडीकेट बैंक का विलय कैनरा बैंक में हो गया था.
पीएम उम्मीदवार के नाम का एलान न करे इंडिया गठबंधन- शशि थरूर
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने कहा है कि इंडिया गठबंधन के लिए ये बेहतर होगा कि वो आगामी लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवार के नाम की घोषणा न करे. उनका कहना है कि अगला चुनाव मुद्दों पर लड़ा जाना चाहिए न कि चेहरों पर.
अख़बार के मुताबिक़ उन्होंने कहा, "इंडिया गठबंधन तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. मेरा मानना है कि चुनाव के बाद गठबंधन में शामिल नेताओं को बैठकर चर्चा करनी चाहिए कि प्रधानमंत्री किसे बनाया जाना चाहिए. इसलिए, मेरा मानना है कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए."
थरूर ने कहा, "मुझे लगता है कि हमारी प्राथमिकता 2024 या शायद उससे पहले होने वाले चुनाव होने चाहिए. हम अभी ये नहीं जानते लेकिन कुछ जानकार कह रहे हैं कि चुनाव वक्त से पहले हो सकते हैं. हमें जनता का सामना करने की तैयारी करनी चाहिए, और सत्ताधारियों के हाथों से सत्ता वापस लेने की पूरी तैयारी रखनी चाहिए."
रूस से तेल आयात हो सकता है कम
बिज़नेस स्टैंडर्ड में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार ऊर्जा मंत्री हरदीप पुरी ने कहा है कि भारत के रूस से कच्चा तेल आयात करने में बड़ी कमी आ सकती है क्योंकि भारत को खाड़ी देशों से कम कीमत पर कच्चा तेल मिल रहा है.
उन्होंने कहा, "मैं इस बात को लेकर स्पष्ट हूं कि हम बाज़ार में हैं और जहां से हमें फायदा मिलेगा हम वहां से सामान खरीदेंगे."
बीते साल फरवरी में रूस के यूक्रेन के ख़िलाफ़ 'विशेष अभियान' छेड़ने के बाद से भारत रूस से अधिक मात्रा में कच्चा तेल का आयात कर रहा था.
भारत का आयात रूस से इतना बढ़ गया कि इस लिस्ट में सऊदी अरब और इराक़ को पीछे छोड़ रूस आगे बढ़ गया. मई में रूस इस लिस्ट में कहीं आगे था.
लेकिन हाल के दिनों में महंगाई बढ़ने के कारण रूसी तेल पर मिल रही छूट का फायदा भारत को नहीं मिल पा रहा है और भारत के लिए कच्चे तेल के दूसरे निर्यातक बेहतर ठिकाना बन गए हैं. रूस ने कहा है कि वो इस, सप्ताह निर्यात प्रतिबंधों को बढ़ाने पर विचार कर रहा है.
सुप्रीम कोर्ट का सरकार को निर्देश- मणिपुर में मदद पहुंचाएं
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को आदेश दिया है कि सरकार ये सुनिश्चित करे कि राज्य के हिंसाग्रस्त इलाक़ों में खाना, दवाएं और ज़रूरी चीज़ें पहुंचाई जाएं. मणिपुर इस साल मई से नस्लीय हिंसा की मार झेल रहा है.
इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार हिंसाग्रस्त इलाक़ों के रास्ते बंद होने की बात पर चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सरकार की कोशिश होने चाहिए कि वो मणिपुर में मानवीय हालात देखते हुए हर तरीका अपनाए और ज़रूरत पड़ने पर हवाई रास्ते से वहां मदद पहुंचाए.
अख़बार के अनुसार उन्होंने कहा, "हम केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार को निर्देश देते हैं कि वो ये सुनिश्चित करें कि खाना, दवा और ज़रूरी चीज़ें हिंसाग्रस्त इलाक़ों में लोगों तक पहुंचाई जाएं. रास्ता बंद होने या किसी और कारण से लोगों तक मदद न पहुंचे ऐसा नहीं होना चाहिए."
"क़ानून का पालन करने वाली एजेंसियों को ये तय करना है कि वो रास्ता अवरोध के मामले से कैसे निपटें. उन्हें हर रास्ता अपनाना चाहिए और ज़रूरत पड़े तो हवाई रास्ते से ज़रूरी चीज़ें एयरड्रॉप करवाएं."
ये फ़ैसला सुप्रीम कोर्ट की बनाई समिति के समक्ष वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा के पेश होने के बाद आया है. अरोड़ा ने कहा था कि मोरे में रास्ता रोके जाने के कारण वहां से सप्लाई आगे जा नहीं पा रही है. उन्होंने ये भी कहा कि कुछ राहत शिविरों में चिकन पॉक्स जैसे संक्रामक रोग फैल रहे हैं जिससे निपटने के लिए उचित कदम उठाने की ज़रूरत है.
मामले की सुनवाई चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली दो जजों की बेंच कर रही थी जिसमें उनके अलावा जस्टिस जेबी पारदीवाला शामिल थे.
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