जंग की आशंका के बीच कई देशों ने लेबनान में अपने नागरिकों के लिए जारी की चेतावनी

    • Author, टॉम बेनेट, लंदन से बीबीसी संवाददाता
    • पदनाम, ह्यूगो बचेगा, बेरूत से मध्य पूर्व मामलों के संवाददाता

मध्य पूर्व में व्यापक संघर्ष की आग फैलने की आशंका के बीच कई मुल्कों ने अपने नागरिकों से लेबनान से जल्द से जल्द बाहर निकलने को कहा है.

लेबनान की राजधानी बेरूत में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों से कहा है कि उन्हें जो भी टिकट मिल सके, उसे लेकर जल्द से जल्द लेबनान छोड़ दें.

इससे पहले बेरूत में मौजूद भारतीय दूतावास ने लेबनान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की थी.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने भी इसी तरह की एडवाइज़री जारी की थी. लैमी ने कहा था कि क्षेत्र में हालात तेज़ी से बिगड़ सकते हैं.

बुधवार को ईरान की राजधानी तेहरान में हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हनिया की मौत के बाद मध्य पूर्व के इलाक़े में तनाव है.

ईरान ने इसराइल को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया है और कहा है कि वो इसराइल के ख़िलाफ़ 'कड़ी' जवाबी कार्रवाई करेगा. हालांकि इसराइल ने अब तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

वहीं अब तक इस्माइल हनिया की मौत की ज़िम्मेदारी किसी ने नहीं ली है.

इस्माइल हनिया की मौत, लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज़बुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर फौद शुक्र की हत्या के कुछ ही घंटों बाद हुई थी. फौद शुक्र की मौत के बाद इसराइल ने दावा किया था कि बेरूत में उसने हवाई हमला किया था.

इन घटनाओं के बाद पश्चिमी मुल्कों के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि लेबनान स्थित ईरान समर्थित सशस्त्र गुट और राजनीतिक आंदोलन हिज़बुल्लाह, ऐसी किसी भी जवाबी कार्रवाई में बड़ी भूमिका निभा सकता है.

उनका कहना है कि ऐसा हुआ तो हमास-इसराइल युद्ध का दायरा बढ़ सकता है और इसराइल की तरफ से भी गंभीर प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है.

बढ़ रही चिंता के बीच मुल्कों ने जारी की सलाह

अमेरिका और अन्य पश्चिमी मुल्क ईरान, हमास और इसराइल से संयम बरतने की सलाह दे रहे हैं. उनका कहना है कि इलाक़े में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं.

लेकिन इस बीच स्थिति को देखते हुए अमेरिका, ब्रिटेन, स्वीडन, फ्रांस, कनाडा और जॉर्डन जैसे कई मुल्कों ने लेबनान में रह रहे अपने नागरिकों से जितना हो सके जल्दी लेबनान छोड़ने की अपील की है.

लेबनान में एक ही कमर्शियल हवाई अड्डा है जो बेरूत में है. बीते दिनों यहां से कनेक्ट करने वाली कई उड़ानों को या तो कैंसल कर दिया गया है या निलंबित कर दिया गया है.

कुछ उड़ान सेवाओं की टिकटों की क़ीमतों में तेज़ी से उछाल आया है, हालांकि अब तक यहां लोगों में किसी भी प्रकार की घबराहट या यहां से लोगों के भागने के कोई संकेत नहीं मिले हैं.

लेकिन हिज़बुल्लाह के इसराइल पर हमला शुरु करने के बाद से अब तक इलाक़े में मौजूद तनाव के लेबनान तक पैर पसारने की आशंकाएं अपने चरम पर हैं.

भारतीय दूतावास ने भी जारी की एडवाइज़री

इससे पहले बेरूत में भारतीय दूतावास ने भी एक अगस्त को एडवाइज़री जारी की थी.

दूतावास ने क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम और आशंका की वजह से अगले आदेश तक भारतीय नागरिकों को लेबनान की यात्रा नहीं करने की सलाह दी थी.

इस एडवाइज़री में सभी भारतीय नागरिकों को लेबनान छोड़ने को कहा गया है. साथ ही दूतावास ने कहा है जिन लोगों को किसी वजह से लेबनान में रुकना पड़े वो पूरी सावधानी बरतें और एक जगह पर रहें.

ऐसे लोगों से बेरूत दूतावास के संपर्क में रहने और आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क करने को कहा गया है.

हिज़बुल्लाह के इसराइल पर हमले

बीते साल सात अक्तूबर को ग़ज़ा में मौजूद हमास के लड़ाकों ने इसराइल पर हमला किया था. इसके बाद इसराइल ने अपनी जवाबी कार्रवाई शुरु की. हमास के हमले के एक दिन बाद से हिज़बुल्लाह ने इसराइल पर हमले शुरु कर दिए थे.

इस हिंसा से प्रभावित अधिकर हिस्से लेबनान की दक्षिणी सीमा और इसराइल की उत्तरी सीमा के क़रीब के हिस्से हैं. बीते वक्त में दोनों ही पक्षों से दिखाया है कि एकदूसरे के साथ उलझने और मामला बढ़ाने में वो अधिक दिलचस्पी नहीं रखते.

लेकिन फौद शुक्र की मौत के बाद हिज़बुल्लाह ने कहा कि वो इसका बदला लेगा. जिस हमले में फौद शुक्र की मौत हुई वो बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहिया में हुई, जिसके संगठन के मज़बूत गढ़ माना जाता है.

रविवार को हिज़बुल्लाह ने स्थानीय समयानुसार लगभग 00:25 बजे उत्तरी इसराइल की बेत हिलेल शहर की तरफ दर्जनों रॉकेट दाग़े.

इससे जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए. इन वीडियो में देखा जा सकता है कि इसराइल का आयरन डोम एयर डिफेन्स सिस्टम इन रॉकेट को निशाना बना रहा है. इस हमले में अब तक किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.

इसके जवाब में इसराइली वायु सेना ने दक्षिणी लेबनान में में हवाई हमले किए हैं.

रविवार की सुबह एक अलग घटनाक्रम में इसराइली शहर होलोन में चाकू से किए गए हमले में दो लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया है कि बाद में इस हमलावर को मार दिया गया.

अमेरिका ने दी अपने नागरिकों को चेतावनी

बेरूत में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने शनिवार को एक बयान में कहा कि जो लोग लेबनान में रहना चाहते हैं उन्हें आकस्मिक योजनाएं बनाकर लंबे समय तक एक ही स्थान पर रुकने के लिए तैयार रहना चाहिए.

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा है कि वह ईरान और उसके सहयोगियों के संभावित हमलों से इसराइल की रक्षा करने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों को तैनात कर रहा है.

यह रणनीति अप्रैल में अपनाई गई रणनीति के समान है, जब ईरान ने सीरिया में अपने राजनयिक परिसर पर हमले के जवाब में इसराइल पर तीन सौ से ज़्यादा मिसाइलें और ड्रोन से हमले किए थे.

सीरिया में हुए हमले के लिए उसने इसराइल को दोषी ठहराया था.

कई लोगों को डर है कि इस बार भी ईरान की तरफ से ऐसी ही जवाबी कार्रवाई हो सकती है.

ब्रिटेन ने कहा है कि वह इलाक़े से लोगों को निकलने में मदद के करने के लिए अतिरिक्त सैन्य कर्मियों, वाणिज्य दूतावास कर्मचारियों और बॉर्डर फ़ोर्स के अधिकारियों को भेज रहा है.

उसने लेबनान में रह रहे ब्रितानी नागरिकों से कहा है कि जब तक वाणिज्यिक उड़ानें उपलब्ध हैं, वो लेबनान छोड़ दें.

दो ब्रिटिश सैन्य जहाज़ पहले से ही इस क्षेत्र में मौजूद हैं और रॉयल एयर फ़ोर्स ने परिवहन हेलीकॉप्टरों को भी तैयार रखा है.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी के मुताबिक़ इस इलाक़े में हालात तेज़ी से बिगड़ सकते हैं.

इसराइलियों के लिए चुनौती भरे दिन :नेतन्याहू

इधर शुक्रवार को ईरान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अली बाकेरी कानी की यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बुरेल के साथ फ़ोन पर बातचीत हुई है.

अली बाकेरी ने कहा है कि ईरान निस्संदेह इसराइल को "दंडित करने के लिए" अपने निहित और वैध अधिकार का इस्तेमाल करेगा.

शुक्रवार को ईरान के सरकारी टीवी ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में "दुनिया एक असामान्य हालात" देखेगी.

इसी सप्ताह इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अपने देश के लोगों को चेतावनी दी है कि आने वाले दिन उनके लिए चुनौतीपूर्ण होंगे.

नेतन्याहू ने कहा है "हमने सभी तरफ से धमकियाँ सुनी है. हम किसी भी हालात के लिए तैयार हैं."

इसराइल और ईरान के बीच तनाव उस वक़्त से ज़्यादा बढ़ गया था जब इसराइल के कब्ज़े वाले गोलान हाइट्स पर हमले में 12 बच्चों और किशोरों की मौत हो गई थी.

इसराइल ने इस हमले के लिए हिज़बुल्लाह पर आरोप लगाया था और बदले की कसम खाई थी. हालांकि हिज़बुल्लाह ने इसमें अपना हाथ होने से इनकार किया था.

इसके कुछ दिनों बाद ही हिज़बुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह के क़रीबी सलाहकार फौद शुक्र की बेरूत में इसराइली हमले में मौत हुई थी. इस हमले में दो बच्चों समेत चार अन्य लोग भी मारे गए थे.

इसके कुछ ही घंटों बाद ईरान में हमास के प्रमुख इस्माइल हनिया की हत्या कर दी गई. वह हमास के शीर्ष नेता थे और ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के शपथग्रहण करने के समारोह में शामिल होने तेहरान आए थे.

हनिया की हत्या से गज़ा में युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई के लिए चल रही बातचीत को झटका लगा है.

अगर यह युद्ध विराम समझौता हो जाता तो लेबनान-इसराइल सीमा पर तनाव कम होने की उम्मीद थी.

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