वेस्टइंडीज़ ने भारत के साथ क्या बिना सोचे-समझे यह 'ग़लती' की है?

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- Author, विमल कुमार
- पदनाम, खेल पत्रकार, डोमिनिका से
कहते हैं विनाश काले विपरीत बुद्धि. डोमिनिका टेस्ट के पहले दिन का खेल ख़त्म होने के बाद स्थानीय लोगों के ज़ेहन में यही बात गूंज रही थी.
आख़िर कैसे कैरेबियाई टीम इतने अहम टेस्ट के लिए तेज़ गेंदबाज़ों की बजाए स्पिन गेंदबाज़ों के लिए मददगार पिच बना सकती थी?
वेस्टइंडीज़ के स्पिन गेंदबाज़ों का रिकॉर्ड अपने घरेलू मैदान पर बेहद साधारण है और उनकी पेस चौकड़ी के बूते ही हाल के सालों में उन्होंने घर में टेस्ट क्रिकेट में जलवा बिखेरा है.
लेकिन, पता नहीं क्यों इस मैच में उन्हें टीम इंडिया की ख़ातिरदारी करने की सूझी. टीम इंडिया को भारतीय खाना नहीं मिलने से परेशानी हो रही है लेकिन भारतीय पिच उन्हें ज़रूर मिली.
रोहित शर्मा भले ही एक अहम टॉस हार गए लेकिन उन्हें जब गेंदबाज़ी पहले करने का आमंत्रण दिया गया तो रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा की जोड़ी ने उन्हें ये शायद कहा हो कि चिंता की बात नहीं है- आज आप बल्लेबाज़ी करने उतरेंगे. और ठीक यही हुआ.
अश्विन ने अपने करियर में 33वीं बार पारी में पाँच विकेट लेने का कमाल दिखाया और रही सही कसर जडेजा ने तीन विकेट लेकर पूरी कर दी.
अश्विन का कमाल

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कैरेबियाई टीम जो अभी एक हफ़्ते पहले ही वन-डे वर्ल्ड कप क्वॉलिफायर से भी बाहर होने के सदमे से उबरी भी नहीं थी कि अब उसके सामने दुनिया की नंबर एक टीम के ख़िलाफ मैच के तीसरे या चौथे दिन ही हार का ख़तरा नज़र आ रहा है.
दिन का खेल ख़त्म होने के बाद अश्विन जब पत्रकारों से मुख़ातिब हुए,( माफ़ कीजिये सिर्फ़ मेरे और दूसरे कैमरामैन के सामने आये क्योंकि इस दौरे पर मीडिया नदारद है!) तो उनके चेहरे पर एक संतुष्टि वाली मुस्कान थी.
ज़ाहिर सी बात है कि अश्विन इस बात के लिए तैयार थे कि मैं उनसे ये सवाल ज़रूर पूछूंगा कि डब्ल्यूटीसी के फाइनल में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं होने के बाद अगले ही मैच में इतना शानदार खेल को कैसे वो ख़ुद को सांत्वना देते हैं?
जिस तरह की सूझ-बूझ और समझदारी उनकी गेंदबाज़ी में दिखती है, वैसा ही उनका व्यक्तितव भी है.
अश्विन ने कहा कि उन्हें फ़ाइनल नहीं खेलने का मलाल तो रहेगा लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वो हमेशा इस बात के लिए मुंह लटकाये घूमते रहे.
उनका मानना है कि अब उन्हें इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है कि वो ड्रॉप होते हैं या खेलते हैं क्योंकि अब वो अपने करियर के उस दौर में हैं, जहां वो ख़ूब इसका लुत्फ उठा रहें हैं.
वेस्टइंडीज़ की टीम महज़ 150 रनों पर ही पहली पारी में सिमट गई और अश्विन के पाँच विकेट में से सबसे यादगार शायद तेजनारायण चंद्रपाल का रहा हो.
बाप के बाद बेटो को भी पविलियन भेजा

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मुंबई का दबदबा
अश्विन ने अपने पहले ही टेस्ट में दिल्ली में 2011 में शिवनारायण चंद्रपाल को आउट किया था और अब 12 साल बाद उनके बेटे को भी आउट करने के बाद वो पहले ऐसे भारतीय गेंदबाज़ बन गए हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में बाप-बेटे की जोड़ी को पविलियन की रहा दिखायी है.
वैसे, इंग्लैड के इयन बॉथम ने सबसे पहले न्यूज़ीलैंड के लांस केन्स और उनके बेटे क्रिस केन्स को आउट करके ये इत्तेफाक वाला कीर्तिमान हासिल किया था तो आगे चलकर वसीम अकरम ने भी न्यूज़ीलैंड के इस बाप-बेटे की जोड़ी को अपना शिकार बनाया था.
वैसे, अश्विन से पहले ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क भी चंद्रपाल परिवार के दोनों टेस्ट खिलाड़ियों का अपना शिकार बना चुके हैं.
वैसे, अश्विन के अलावा डोमिनिका का मैदान अपना पहला टेस्ट खेल रहे युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल और ईशान किशन के लिए भी यादगार रहेगा, जिन्हें आख़िरकार टेस्ट कैप इंतज़ार के बाद मिल ही गया. जायसवाल और रोहित शर्मा को एक साथ मैदान पर पारी की शुरुआत करते हुए देखते जाना मुंबई के वर्चस्व के दिनों की आपको शायद याद दिला दे.

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प्लेइंग इलेवन में इन दोनों के अलावा शार्दुल ठाकुर और अंजिक्या रहाणे भी मुंबई से ही आते हैं. ख़ैर, रोहित जिस तरह से युवा साथी को बार-बार पिच पर मार्गदर्शन कर रहे थे, उससे ये साफ़ दिख रहा था कि वो बड़ी बेताबी से चाहते हैं कि जायसवाल का पहला मैच यादगार रहे.
जायसवाल ने अपना खाता खोलने के लिए पहले 12 गेंद पर कोई रन नहीं बनाया लेकिन बाद में वो आईपीएल वाले स्वीप और आक्रामक शॉट्स खेलने से भी नहीं चूके. रोहित शर्मा भाग्यशाली रहे जब केमार रोच की गेंद पर अंपायर ने उन्हें आउट नहीं दिया क्योंकि मामला काफ़ी क़रीबी था.
मैच के दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाज़ी का ही दबदबा देखने की उम्मीद है और ये भी उम्मीद की जा सकती है कि जितना स्कोर पूरी कैरेबियाई टीम ने मिलकर बनाया है, टीम इंडिया के एक तरफ़ सिर्फ़ एक ही बल्लेबाज़ उससे बड़ी पारी खेल जाए. अगर वेस्टइंडीज़ इस मैच को पांचवे दिन तक ले जाने में कामयाब होती है तो शायद यही चमत्कार होगा बर्शते बारिश की मदद उन्हें ना मिले.
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