वर्ल्ड कप: वसीम अकरम ने क्यों कहा- पाकिस्तान पहले बैटिंग कर ले और फिर...

गुरुवार को बेंगलुरु में खेले गए वर्ल्ड कप के 41वें मैच में न्यूज़ीलैंड ने 160 गेंदें बाक़ी रहते श्रीलंका पर पांच विकेट से जीत हासिल की.

इस जीत के साथ पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान, दोनों की सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने की उम्मीदों पर पानी फिर गया दिखता है.

दोनों के पास काग़ज़ी समीकरणों के आधार पर सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने की संभावनाएं तो हैं, लेकिन ये सिर्फ़ किसी चमत्कार से ही संभव हो सकता है. फिलहाल अफ़ग़ानिस्तान का मुक़ाबला दक्षिण अफ़्रीका से चल रहा है और उसके सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की संभावना अब पूरी तरह ख़त्म हो चुकी है.

न्यूज़ीलैंड रन रेट के आधार पर पॉइंट टेबल में चौथे नंबर पर है और अब पाकिस्तान को शनिवार को अपना अंतिम मैच खेलना है.

पाकिस्तान को सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए न केवल यह मैच जीतना होगा बल्कि न्यूज़ीलैंड के मुक़ाबले बेहतर नेट रन रेट भी हासिल करना होगा. क्रिकेट पोर्टल क्रिकइन्फ़ो के मुताबिक़, अफ़ग़ानिस्तान को अगर नेट रन रेट के आधार पर अगर न्यूज़ीलैंड से आगे निकलना है तो उसे कम से कम 438 रनों से जीत हासिल करनी होगी.

पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान

वहीं पाकिस्तान को सेमीफ़ाइनल में पहुंचना है तो उसे इंग्लैंड को कम से कम 287 रनों से हराना होगा, या फिर मान लीजिए कि इंग्लैंड अगर पहले बल्लेबाज़ी करके 150 रन ही बना पाता है तो पाकिस्तान 3.4 ओवरों में यह लक्ष्य हासिल करना होगा.

ज़ाहिर है, हर गेंद पर छक्का लगाने पर भी इस लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता. लेकिन पाकिस्तानी के कुछ क्रिकेटर फ़ैन्स चाह रहे हैं कि कुछ तो ऐसा हो कि उनकी टीम सेमीफ़ाइनल में जगह बना ले.

सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने के लिए पाकिस्तान के सामने ऐसे असंभव से हालात नहीं पैदा होते अगर गुरुवार को श्रीलंका ने जीत हासिल की होती और वह भी बड़े अंतर से.

मगर उसकी बल्लेबाज़ी क्रम बुरी तरह ढह गया और पूरी टीम 46.4 ओवरों में सिर्फ 171 रन बनाकर ऑल आउट हो गई.

लक्ष्य का पीछा करने उतरे न्यूज़ीलैंड ने पांच विकेट रहते 24वें ओवर में ही यह मैच जीत लिया. इसी कारण अब नेट रन रेट के मामले में वह पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान से कहीं ऊपर जा पहुंचा है.

पाकिस्तानी प्रशंसकों की दुआएं

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर पाकिस्तान के फ़ैन कल के मैच के बाद निराश हैं. हालांकि, कुछ ऐसे भी हैं जो ‘क़ुदरत के निज़ाम’ पर भरोसा जता रहे हैं.

दरअसल, क़ुदरत का निज़ाम वे शब्द हैं जिन्हें पाकिस्तानी क्रिकेट प्रशंसक उन हालात के लिए इस्तेमाल करते हैं, जब किसी टूर्नामेंट में हार के कारण पिछड़ चुकी पाकिस्तानी क्रिकेट टीम असंभव सी दिखने वाली परिस्थितियों के बावजूद अगले दौर में जगह बना लेती है.

ऐसे में कुछ प्रशंसक अभी भी उम्मीद जता रहे हैं कि कुछ तो करिश्मा होगा कि पाकिस्तान सेमीफ़ाइनल में पहुंच जाएगा.

@dor_raho_yaarrr हैंडल वाले एक यूज़र लिखते हैं, “अगर हम इंग्लैंड को 400 से ज़्यादा का लक्ष्य दें और उन्हें 100 से नीचे समेट दें तो हम सेमीफ़ाइनल में पहुंच सकते हैं. प्लीज़ अल्लाह, कल हमें क़ुदरत के निज़ाम की ज़रूरत है.”

फ़रीद ख़ान नाम के एक यूज़र पूछा कि ईमानदारी से बताओ, क्या हम अभी भी सेमीफ़ाइनल में पहुंच सकते हैं, इस पर @PTIKhan__Fan नाम के यूज़र ने जवाब दिया, “मुझे पक्का भरोसा है कि क़ुदरत का निज़ाम हमें बीच में छोड़कर नहीं जाएगा, अभी हमारा आख़िरी मैच बाक़ी है.”

अब 'ताले' से ही उम्मीद

पाकिस्तान का लीग स्तर का आख़िरी मैच शनिवार को इंग्लैंड के साथ खेला जाएगा. क्रिकेटर्स और बहुत सारे फ़ैन्स का कहना है कि अब सेमीफ़ाइनल के बारे में सोचने का कोई फ़ायदा नहीं है.

पाकिस्तान के स्पोर्ट्स चैनल ए स्पोर्ट्स के शो ‘द पविलियन’ के होस्ट फ़ख़र ए आलम ने बताया कि पूर्व क्रिकेटर वसीम अकरम ने पाकिस्तान के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की संभावनाओं पर कैसे चुटकी ली.

बकौल आलम, अकरम ने शो पर आने से पहले कहा, “पाकिस्तान पहले बैटिंग करके जो भी स्कोर बनाए और फिर इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम में जाकर बाहर से ताला लगा दे, फिर 20 मिनट के अंदर सबको टाइम आउट करवा दे. इस तरह मैच भी जीत जाएंगे और रन रेट भी बन जाएगा.”

बहरहाल, इस कार्यक्रम में शिरकत करने वाले पूर्व क्रिकेटर्स वसीम अकरम, मिसबाह-उल-हक़, मोइन ख़ान और शोएब मलिक, सभी का कहना था कि पाकिस्तानी क्रिकेट को सिर्फ़ इस मैच पर फ़ोकस करना चाहिए.

उनका कहना था कि बेहतर यही होगा कि पाकिस्तान एक जीत के साथ इस विश्व कप में अपने सफ़र को अंत करे.

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