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क्रिकेट के मैदान पर झगड़ों के लिए चर्चित रहे शाकिब अल हसन की कहानी
- Author, अनंत प्रकाश
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
शाकिब अल हसन क्रिकेट की दुनिया का एक ऐसा नाम है जिसका विवादों के साथ एक लंबा रिश्ता रहा है.
साल 2007 में भारत के ख़िलाफ़ टेस्ट मैच में अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले हसन ने अब तक अलग-अलग फॉर्मेट्स में 14 शतक और 753 विकेट्स लिए हैं.
हसन को एक ऐसे ऑलराउंडर के रूप में देखा जाता है जो ज़रूरत पड़ने पर अपने बल्ले के साथ-साथ बॉल से भी विपक्षी टीम के छक्के छुड़ा सकते हैं.
लेकिन उनके 15-16 साल लंबे करियर में कई ऐसे मौके आए हैं जब उन्हें क्रिकेट प्रशंसकों के साथ-साथ पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट के जानकारों की आलोचना का शिकार होना पड़ा.
सबसे ताजा मामला, छह नवंबर को दिल्ली में खेले गये बांग्लादेश बनाम श्रीलंका मैच से जुड़ा हुआ है.
इसी मैच में बांग्लादेश के कप्तान के रूप में शाकिब अल हसन ने एक ऐसा फ़ैसला लिया जिसने श्रीलंकाई खिलाड़ी एंजेलो मैथ्यूज़ को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टाइम्ड आउट होने वाले पहला खिलाड़ी बना दिया.
शाकिब अल हसन की क्यों हो रही है आलोचना?
सोमवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मैच में बांग्लादेश की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फ़ैसला किया.
ऐसे में श्रीलंका की टीम पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी. श्रीलंकाई टीम ने 24.2 ओवर तक चार विकेट के नुकसान पर 135 रन बनाए थे.
चौथे विकेट के रूप में सदीरा समरविक्रमा के आउट होने पर श्रीलंका के पूर्व कप्तान रहे एंजेलो मैथ्यूज़ अपनी टीम का स्कोर आगे बढ़ाने के लिए क्रीज़ पर उतरे.
वह पहली गेंद का सामना करने जा रहे थे. उन्होंने अपने हेलमेट का स्ट्रेप खींचा जिसमें उन्हें कुछ दिक्कत महसूस हुई. इस पर उन्होंने हेलमेट उतारकर पवेलियन की ओर इशारा किया.
मैच से जुड़े वायरल वीडियो में देखा जा सकता है, “एंजलो मैथ्यूज़ क्रीज़ पर आए. उन्होंने झुककर क्रीज़ पर खिंची सफ़ेद लकीर को छुआ और माथे पर हाथ लगाया. फिर हेलमेट का स्ट्रेप खींचा. स्ट्रेप में कुछ दिक्कत दिखी और वो मुड़े. हेलमेट उतारकर पवेलियन की ओर इशारा किया. मानो दूसरा हेलमेट मंगा रहे हों.”
इसी बीच बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने मुस्कुराते हुए अंपायर से टाइम्ड आउट की अपील कर दी.
तब मैथ्यूज़ को कुछ समझ नहीं आया.
वीडियो में नज़र आता है कि मैथ्यूज़ भी अंपायरों (रिचर्ड लिंगवर्थ और मराइस इरासम्स) के पास पहुंचे और उन्हें देर की वजह समझाने की कोशिश की.
इस बीच, अंपायरों ने मुस्करा रहे शाकिब से पूछा कि क्या वो मैथ्यूज़ को आउट करने की अपील कर रहे हैं?
और तब, शाकिब और उनकी बांग्लादेशी टीम ने कहा कि वो अपील को लेकर गंभीर हैं और इसे वापस नहीं ले रहे हैं.
वीडियो में मैथ्यूज़ इसके बाद शाकिब से कुछ कहते दिखते हैं. लेकिन आख़िरकार बात नहीं बनी. और अंपायर ने उन्हें मैदान से बाहर जाने के लिए कहा.
जीत हासिल हुई लेकिन...
इस मैच में बांग्लादेश को जीत हासिल हुई है. लेकिन इसके बाद भी एंजेलो मैथ्यूज़ का टाइम्ड आउट होना अगले दिन अख़बारों की सुर्खियां बना.
मैथ्यूज़ के आउट होते हुए सोशल मीडिया से लेकर स्टेडियम में शाकिब अल हसन के इस फ़ैसले की आलोचना होना शुरू हो गयी जो अब तक जारी है.
लेकिन मैच ख़त्म होने के बाद बांग्लादेशी कप्तान ने अपने इस फ़ैसले को सही ठहराते हुए कहा – “ये दुर्भाग्यशाली था लेकिन एक विधिवित कदम है.”
जब उनसे पूछा गया कि क्या खेल भावना के तहत उन्हें एंजेलो मैथ्यूज़ को वापस नहीं बुलाना चाहिए था.
इस पर शाकिब अल हसन ने कहा कि ‘ऐसे में आईसीसी को इस पर विचार करके नियम बदलने चाहिए.’
कुछ ख़बरों के मुताबिक़, मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए शाकिब अल हसन ने यहां तक कहा है कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था कि वह युद्ध लड़ रहे हैं.
वहीं, एजेंलो मैथ्यूज़ ने इस मामले पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा है कि “शाकिब अल हसन और बांग्लादेश की तरफ से यह शर्मनाक था. अगर वे इस तरह की क्रिकेट खेलना चाहते हैं, तो इसमें कुछ गड़बड़ है. ये स्पष्ट रूप से शर्मनाक है. आज तक मेरे मन में शाकिब के लिए बहुत सम्मान था, लेकिन उन्होंने सब कुछ खो दिया. हमारे पास वीडियो सबूत हैं, हम इसे बाद में सामने रखेंगे.”
आलोचना का शिकार
वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने शाकिब अल हसन के इस कदम की आलोचना करते हुए उन्हें प्रतिबंधित करने की मांग तक की है.
वहीं, इस मैच की कमेंट्री कर रहे पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद क़ैफ ने कहा है कि “आप (मैथ्यूज़) क्रीज़ पर आ चुके हैं. अब उनको रियलाइज़ हुआ कि भई ये तो टूटा हुआ है (हेलमेट का) स्ट्रेप. कितनी बार आप बैट मंगाते हो. आपका बैट टूट गया. ”
कैफ़ ने आगे कहा, “(बांग्लादेश के कप्तान) शाकिब अल हसन जो भी आपने किया, ये इतिहास में जाएगा. मुझे तो बिल्कुल पसंद नहीं आया. जो अपील की शाकिब ने अंपायर के पास.”
इस मामले में शाकिब अल हसन की आलोचना करने वालों में गौतम गंभीर से लेकर शोएब अख़्तर, और वक़ार यूनिस जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं.
हालांकि, कुछ लोग इस मामले में शाकिब अल हसन की आलोचना से सहमत नहीं हैं.
वरिष्ठ क्रिकेट पत्रकार विजय लोकपल्ली मानते हैं कि इस मामले में शाकिब अल हसन की इतनी आलोचना नहीं की जानी चाहिए क्योंकि उन्होंने जो किया है वो नियमों के हिसाब से है.
वह कहते हैं, “मुझे पता है कि इस समय सभी लोग उसकी आलोचना कर रहे हैं. लेकिन मुझे लगता है कि ये कुछ ज़्यादा ही है. क्योंकि उसने जो किया है, वो आईसीसी के नियमों के तहत किया है. उसे पता था कि एजेंलो मैथ्यूज़ कितने ख़तरनाक बल्लेबाज़ साबित हो सकते हैं."
"ऐसे में मैच जीतने के लिए उसने ये कदम उठाया होगा. अब स्पोर्ट्समैनशिप या खेल भावना आदि की बात की जा रही है. लेकिन जो क्रिकेट लगातार देखते हैं, उन्हें पता है कि अब सभी पेशेवर खिलाड़ी हैं. और ये सब पुरानी बात हो गयी है. आजकल के खिलाड़ी मैच जीतने के इरादे से मैदान पर उतरते हैं, और सभी फैसले इस दिशा में उठाए जाते हैं.”
लेकिन ये पहला मामला नहीं है जब शाकिब अल हसन अपने व्यवहार की वजह से दुनिया भर में आलोचना के शिकार हुए हैं.
कैमरे पर किया अभद्र इशारा
साल 2014 में शाकिब अल हसन को श्रीलंका के ख़िलाफ़ ढाका में एकदिवसीय मैच खेलते हुए ही तीन एक-दिवसीय मैचों का प्रतिबंध और तीन लाख बांग्लादेशी टके (226821.97 भारतीय रुपये) का जुर्माना झेलना पड़ा था.
इस मैच में बांग्लादेश की टीम 290 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी. और शाकिब अल हसन सिर्फ़ 24 रन बनाकर आउट हो गए.
इसके बाद कमेंटेटर्स की ओर से कुछ देर तक उनके आउट होने पर चर्चा की गयी. इस चर्चा के दौरान ही जब टीवी का कैमरा पवेलियन में बैठे शाकिब अल हसन की ओर गया तो उन्होंने एक बेहद अभद्र इशारा किया.
इस अभद्र इशारे को पूरी दुनिया के साथ-साथ स्टेडियम में बैठे दर्शकों ने लाइव देखा. इस मामले में उन्हें तीखी आलोचना के साथ-साथ प्रतिबंध और जुर्माने का भी सामना करना पड़ा.
स्टंप तोड़ने वाला वीडियो वायरल
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर शाकिब अल हसन के ऐसे तमाम वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें उनके व्यवहार को खेल भावना को विपरीत बताया जा रहा है.
इनमें से एक वीडियो में शाकिब अल हसन स्टंप उखाड़कर ज़मीन पर फेंकने के साथ ही अंपायर के साथ ग़लत ढंग से पेश आते दिख रहे हैं.
ये वीडियो साल 2021 में खेले गए एक मैच का है जो ढाका प्रीमियर लीग से जुड़ा बताया जा रहा है.
जब ग्राउंडस्टाफ़ को मारने की धमकी दी
साल 2010 में बांग्लादेश और न्यूज़ीलैंड के बीच खेले गए मैच के दौरान शाकिब अल हसन पर ग्राउंड स्टाफ़ को बल्ले से मारने की धमकी देने का आरोप लगा था.
इस मैच के दौरान शाकिब अल हसन 92 रन के स्कोर पर थे कि तभी साइटस्क्रीन के पास किसी तरह की गतिविधि हुई जिस पर अंपायर रोक नहीं लगा सके.
ऐसे में शाकिब अल हसन खुद साइट स्क्रीन की ओर दौड़कर गए, साइट स्क्रीन के पास खड़े शख़्स को अपशब्द कहने के साथ-साथ अपने बल्ले से मारने की धमकी दी.
इस मैच के बाद मैच रेफरी की ओर से उन्हें चेतावनी दी गयी लेकिन उनके ख़िलाफ़ किसी तरह का कदम नहीं उठाया गया.
जब टूटा ड्रेसिंग रूम में कांच का दरवाजा
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, साल 2018 में निदाहस ट्रॉफ़ी के दौरान हुए एक मुकाबले में श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच कड़ी टक्कर हुई.
इस मुकाबले के दौरान नॉ बॉल को लेकर अंपायर की ओर से अपना फैसला पलटे जाने पर काफ़ी विवाद हुआ.
इस दौरान शाकिब अल हसन ने गुस्से में अपने खिलाड़ी को क्रीज़ से वापस बुलाने का फ़ैसला भी किया. इस मैच में बांग्लादेश की जीत हुई.
लेकिन इसके बाद बांग्लादेश के ड्रेसिंग रूम में एक कांच का दरवाज़ा टूटने की ख़बर आई. इस मामले में शाकिब अल हसन ने माफ़ी मांगते हुए कहा कि वह और उनके खिलाड़ी भावनात्मक हो गए थे.
जब शाकिब ने प्रशंसक पर किया हमला
शाकिब अल हसन से जुड़े विवादों में साल 2014 का एक ऐसा विवाद है जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी को कथित रूप से परेशान करने वाले शख़्स पर कथित रूप से हमला किया.
ये घटना शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गए मैच के दौरान हुए बारिश की वजह से हुए ब्रेक के दौरान हुई थी.
हालांकि, विजय लोकपल्ली मानते हैं कि शाकिब अल हसन की ओर से सोमवार को खेले गए मैच के दौरान उठाए गए कदम को उनके पुराने विवादों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.
वह कहते हैं, “देखिए, शाकिब अल हसन किस तरह के खिलाड़ी हैं, ये सबको पता है. इसी वजह से वह ज़्यादा लोकप्रिय नहीं हैं. लेकिन एंजेलो मैथ्यूज़ के आउट होने के मामले में उनके पुराने विवादों को घसीटा जाना उचित नहीं है.”
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