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दक्षिण अफ़्रीका को क़रारी मात देने पर भारतीय टीम पर फ़िदा पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर
श्रीलंका को 55 रन पर ढेर करने के बाद अब भारतीय टीम ने दक्षिण अफ़्रीका जैसी मज़बूत टीम को केवल 83 रनों पर समेटते हुए 2023 वर्ल्ड कप में लगातार आठवीं जीत के साथ अपनी बादशाहत कायम रखी है.
यह केवल दूसरा मौक़ा है जब भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप में लगातार आठ जीत हासिल की है. इससे पहले 2003 के वर्ल्ड कप में भारतीय टीम लगातार आठ जीत के बाद फ़ाइनल तक पहुंची थी.
हालांकि वो आठ जीत टूर्नामेंट का दूसरा मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ हारने के बाद मिली थी. वहीं भारत उस टूर्नामेंट के फ़ाइनल में भी ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार गया था.
बात करते हैं रविवार को खेले गए मैच की जिसमें भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 326 रन बनाए. फिर पूरी अफ़्रीकी टीम को केवल 83 रनों पर आउट किया और ये मुक़ाबला 243 रनों के विशाल अंतर से अपने नाम किया.
भारत की जीत में जहां विराट कोहली और रवींद्र जडेजा ने अहम करिदार निभाया. वहीं कप्तान रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर, मोहम्मद शमी समेत टीम के सभी खिलाड़ी एक यूनिट की तरह खेले.
बैटिंग, बॉलिंग और फ़ील्डिंग में भारत इस क़दर हावी रहा कि इस वर्ल्ड कप में कई बार 300+ का स्कोर खड़ा कर चुकी दक्षिण अफ़्रीकी टीम के पास कोई जवाब ही नहीं था.
इस मैच के दौरान अपना 35वां जन्मदिन मना रहे विराट कोहली ने शतक जमाया. यह वनडे में उनका 49वां शतक था. वे सचिन तेंदुलकर के साथ वनडे क्रिकेट में सबसे अधिक शतक जड़ने वाले क्रिकेटर बन गए हैं.
कोहली अपने शतक के साथ इस वर्ल्ड कप में भारत की ओर से 500 से अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ भी बने हैं.
अपनी शतकीय पारी के लिए विराट 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' चुने गए. मैच के बाद कोहली ने कहा कि ये उनके लिए बहुत ख़ास पल है.
मैच के बाद वे बोले, "यह टूर्नामेंट की सबसे मुश्किल टीम थी. मैं बस अच्छा करना चाहता था, जन्मदिन था तो यह ख़ास हो गया. बस मुझे अपना काम करना था, मैं ख़ुश हूं कि अपना काम कर सका. मैं रिकॉर्ड नहीं केवल रन बनाना चाहता हूं. ख़ुश हूं कि वो दोबारा से कर पा रहा हूं जो सालों से करता आ रहा था."
वो बोले, "मेरे हीरो के रिकॉर्ड की बराबरी करना बहुत स्पेशल है. लोग तुलना करते हैं पर मैं उनकी कभी बराबरी नहीं कर सकता. चाहे जो हो जाए वो हमेशा मेरे हीरो रहेंगे."
सचिन तेंदुलकर ने एक ट्वीट कर विराट को बधाई देते हुए लिखा, "विराट आप बहुत अच्छा खेले. मुझे 49 से 50 साल का होने में एक साल लगा. पर उम्मीद है कि आप अगले कुछ ही दिनों में 49 से 50 पर पहुंच जाएंगे और मेरे रिकॉर्ड को तोड़ देंगे."
विराट कोहली इस वर्ल्ड कप में अब तक दो शतक और चार अर्धशतकों समेत 108.60 की औसत से 543 रन बना चुके हैं और सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों में क्विंटन डी-कॉक (550 रन) के बाद दूसरे पायदान पर हैं.
विराट कोहली का 49वां शतक उनके 289वें वनडे में आया. वहीं सचिन तेंदुलकर ने अपना 49वां वनडे शतक 462वें वनडे में बनाया था.
क्या बोले पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर?
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर वसीम अकरम ने ए स्पोर्ट्स चैनल के 'द पविलियन' प्रोग्राम में याद किया कि "सचिन तेंदुलकर ने वनडे में अपने 49 शतक 451 पारियों में बनाए थे, पर कोहली ने केवल 277 पारियों में यह मुक़ाम हासिल किया है. यह पूरी तरह से अविश्वसनीय है."
अकरम ने कहा, "विराट कोहली ने साबित किया है कि वे आधुनिक क्रिकेट में सबसे ऊंचे स्थान पर हैं."
वहीं इसी कार्यक्रम के दौरान शोएब मलिक ने कहा, "एक बहुत ही मज़ेदार फ़ैक्ट ये भी है कि विराट ने न केवल 49 शतक बनाए हैं, बल्कि उन शतक वाले अधिकतर मैचों में जीत भी दिलाई है और ये बहुत अहम है. मेरे हिसाब से शतक बनाना तो बड़ी बात है ही पर उसके साथ जब आप मैच जिताते हैं तो उसके आगे कुछ नहीं है."
वे कहते हैं, "विराट की एक और बड़ी मज़ेदार चीज़ है, वो परिस्थितियों को बहुत अच्छे से आंकते हैं. वे एक छोर संभाल लेते हैं और वहां से रन बनते हैं. लंबे समय से हम उन्हें इसी तरह से बैटिंग करते हुए देख रहे हैं. उनकी फिटनेस अलग ही लेवल की है. आज उन्होंने अपना 35वां जन्मदिन मनाया लेकिन दो रन के लिए दौड़ते हैं तो ऐसा लगता है कि कोई 25 साल का बच्चा भाग रहा है. 50 ओवर बैटिंग करने के बाद फ़ील्डिंग के लिए भी उतरने पर उनकी फ़िटनेस में आपको कोई अंतर नज़र नहीं आएगा. फ़ील्डिंग में भी वो हॉट स्पॉट्स पर ही खड़े होते हैं."
इस कार्यक्रम में शामिल तीसरे पूर्व क्रिकेटर मिस्बाह उल-हक़ ने कहा, "इस पिच पर 10 ओवर में 91 रन बना कर रोहित ने काम आसान कर दिया. इससे विराट को पिच पर समय मिला. बाद में पिच पर एक एक रन बनाने मुश्किल थे."
रोहित पर शोएब अख़्तर ने क्या कहा?
रोहित शर्मा ने इस मैच में केवल 24 गेंदों पर 40 रन बनाए और जब वे आउट हुए तो भारतीय टीम 10 रन प्रति ओवर की दर से स्कोर कर रही थी.
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख़्तर और वसीम अकरम ने रोहित की तारीफ़ में बहुत कुछ कहा.
शोएब अख़्तर ने एक टीवी चैनल पर रोहित शर्मा की बैटिंग की तारीफ़ में कहा, "रोहित अगर 22 या 25 ओवर तक टिक जाते तो भारतीय टीम 430 रन बना लेती. लेकिन पता नहीं वो क्यों जल्दी करते हैं. वो रहते तो मैं देखता कि कौन सा स्पिनर उनके सामने क्या करता."
शोएब ने कहा कि ये रोहित थे जो विराट के लिए प्लेटफ़ॉर्म सेट करके गए.
वे बोले, "रोहित स्टेप आउट भी करते, स्वीप भी करते, इन साइड आउट भी मारते, लेकिन वो ख़ुद को टाइम नहीं देते. मैं जानता हूं कि वो कप्तान हैं, तेज़ खेलते हैं. उन्होंने विराट कोहली के लिए प्लेटफ़ॉर्म सेट करके गए. अगर रोहित थोड़ा टाइम दें पिच पर तो वो आने वाले मैचों में 100 कर सकते हैं."
वहीं वसीम अकरम ने बताया कि यह पिच आसान नहीं थी.
वे बोले, "यह विकेट उतनी आसान नहीं थी, बॉल फंस रहा था. टॉस जीत कर सबसे पहले कप्तान ने जो पारी खेली है, सारा दबाव वहीं से ख़त्म होना शुरू हुआ है. रोहित पूरी तरह से अकल्पनीय हैं क्या चालीस रन बनाए, वो भी केवल 24 गेंदों पर."
बुमराह पर क्या बोले 'रावलपिंडी एक्सप्रेस'?
रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर शोएब अख़्तर ने तो भारतीय तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह की ज़ोरदार तारीफ़ की और कहा कि वो बाकी के गेंदबाज़ों के लिए प्लेटफ़ॉर्म सेट करते हैं जिससे वो विकेटें निकाल ले जाते हैं.
शोएब बोले, "बुमराह ऐसी शानदार गेंदबाज़ी करते हैं कि उनके क्या कहने."
वे बोले, "बुमराह की गेंद समझ नहीं आती है. इनकी गेंद न मुझे समझ आती है और न ही किसी बल्लेबाज़ को. वो अपनी इनस्विंग से इतना ख़ूबसूरत ट्रैप करते हैं कि गेंद अंदर भी आती है, बाउंस भी करती है. उसी सीम के साथ वो आउट स्विंग भी उतनी ही बढ़िया डालते हैं. वो तेज़ बाउंसर भी डालते हैं. उनके पास स्लोअर भी है. वो तेज़ यॉर्कर भी बहुत अच्छी डालते हैं. इससे ज़्यादा कम्पलीट फ़ास्ट बॉलर मेरी समझ से बाहर है. इस तरह का गेंदबाज़ जब आपकी पारी शुरू करेगा. 10 ओवर में आज कौन दो की औसत से गेंद डालता है. मेरे साथ महान क्रिकेट गेंदबाज़ खेलते थे पर वो तीन की औसत से गेंद नहीं डालते थे. "
वे कहते हैं, "मेरी समझ में यह आ नहीं आ रहा कि ये लड़का कर क्या रहा है. फिर इसमें अल्लाह ने ताक़त और समझ डाली है. वे शमी और सिराज को प्लेटफ़ॉर्म दे रहे होते हैं."
शमी और सिराज इसका बखूबी फ़ायदा भी उठा रहे हैं और दोनों के विकेटों की संख्या क्रमशः 16 और 10 हो गई है.
मैच के बाद मोहम्मद शमी ने कहा, "जिस तरह हम गेंद डाल रहे हैं उसे देख कर अच्छा लग रहा है. इस बात का यकीन है कि जिसे भी गेंद थमाई जाएगी वो विकेट लेगा."
शमी ने ये भी कहा कि "आठ में से आठ मैच टीम ने जीते हैं. मुझे नहीं लगता कि आपको ये सोचने की ज़रूरत है कि 15 में से किसी लड़के में कोई खामी है. सब अपने खेल को इंजॉय कर रहे हैं. कोई ऐसा नहीं है जो परेशान दिख रहा हो."
मैच के बाद कप्तान रोहित शर्मा क्या बोले?
कप्तान रोहित शर्मा इस जीत पर बोले, "अगर पिछले तीन मैचों को देखें तो हम परिस्थिति के अनुसार ढलते हुए बढ़िया खेले. इंग्लैंड ने हम पर दबाव डाला. पिछले मैच में भी हमने पहले ओवर में ही विकेट गंवाई पर अच्छा स्कोर खड़ा किए और फिर हमारे तेज़ गेंदबाज़ों ने तो रंग जमा दिया."
"आज पिच आसान नहीं थी, आपको कोहली के जैसे बल्लेबाज़ की ज़रूरत थी जिन्होंने परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाज़ी की. हमें श्रेयस को नहीं भूलना चाहिए. वे रन नहीं बना रहे थे लेकिन पिछले दो मैचों में उन्होंने अपना क्लास दिखाया है. जडेजा बड़े मैच विनर हैं. वो अपना काम करते रहते हैं और आज का मैच ये उदाहरण था कि वो क्या कर सकते हैं."
रवींद्र जडेजा का 'पंजा'
भारत पिछले तीन मैचों में अपने पांच गेंदबाज़ों शमी, बुमराह, जडेजा, कुलदीप और सिराज के साथ उतरा है.
इन गेंदबाज़ों की सफलता का आलम ये है कि अब तक उन्होंने इस टूर्नामेंट में खेले गए आठ मैचों के दौरान कुल 67 विकेट आपस में बांटे हैं.
शमी ने जहां दो बार पांच विकेट लिए हैं वहीं इस मुक़ाबले में रवींद्र जडेजा ने पांच विकेट चटकाए.
शोएब अख़्तर और भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि इस मैच में 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' के हक़दार जडेजा थे.
उन्होंने कहा, "जडेजा ने जिस तरह से रन बनाए और पांच विकेट लिए 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' उन्हें ही चुना जाना चाहिए था."
जडेजा ने पहले बल्लेबाज़ी में कमाल किया. अंतिम ओवरों में उन्होंने केवल 15 गेंदों पर 29 रन बटोरे. फिर गेंदबाज़ी में तो कहर ढा दिया.
इस मैच के बाद इस वर्ल्ड कप में उनके विकेटों की संख्या 14 हो गई है और वे शमी (16), बुमराह (15) के बाद सबसे अधिक विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज़ हैं.
वनडे में दक्षिण अफ़्रीका की सबसे बड़ी हार
243 रन से भारत जीता तो ये वनडे में टीम इंडिया की (रनों के अंतर के मामले में) चौथी सबसे बड़ी जीत बनी.
भारत के नाम 317 रनों के अंतर से वनडे जीतने का रिकॉर्ड है, जो उसने इसी साल 15 जनवरी को श्रीलंका के ख़िलाफ़ हासिल किया था.
यह वनडे में रनों के अंतर के मामले में किसी भी टीम की सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड है.
भारत ने चार दिन पहले ही वर्ल्ड कप में भी किसी भी टीम की (302 रन से) सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड अपने नाम किया है. ये जीत भी श्रीलंका के ख़िलाफ़ ही मिली थी.
दूसरी तरफ़ रविवार को दक्षिण अफ़्रीका का 243 रन से हारना, वनडे में उनकी सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड है.
दक्षिण अफ़्रीका ने 272 रनों के अंतर से ज़िम्बाब्वे को, 258 रनों से श्रीलंका को और 257 रनों से वेस्ट इंडीज़ जैसी टीमों को हरा रखा है.
लेकिन यह पहला मौक़ा है जब ख़ुद दक्षिण अफ़्रीकी टीम 243 रनों के बड़े अंतर से हारी है.
इससे पहले वनडे में दक्षिण अफ़्रीका की सबसे बड़ी हार 2002 में हुई थी, जब पाकिस्तान ने उसे 182 रनों के फ़ासले से हराया था.
दक्षिण अफ़्रीका का वनडे में दूसरा न्यूनतम स्कोर
भारत के ख़िलाफ़ दक्षिण अफ़्रीका की टीम केवल 83 रन बना कर ऑल आउट हो गई.
यह वनडे क्रिकेट में दक्षिण अफ़्रीकी टीम का दूसरा सबसे न्यूनतम स्कोर है.
दक्षिण अफ़्रीका ने वनडे में अपना न्यूनतम स्कोर ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 1993 में बनाया था.
बेंसन एंड हेजेस वर्ल्ड सिरीज़ कप के उस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 9 विकेट पर केवल 172 रन बनाए थे.
केप्लर वेसेल्स की कप्तानी में खेले गए उस मैच में पूरी अफ़्रीकी टीम 28 ओवरों में केवल 69 रन बना कर आउट हो गई थी.
दक्षिण अफ़्रीका की ओर से सबसे अधिक 20 रन हेंसी क्रोनिए ने बनाए थे जबकि चार बल्लेबाज़ अपना ख़ाता भी नहीं खोल सके थे.
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