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श्रीलंका के मैथ्यूज़ ‘टाइम्ड आउट’: बांग्लादेश की क्यों हो रही लानत-मलानत ?
कोई बल्लेबाज़ बिना कोई बॉल खेले आउट हो सकता है? वो भी तब जब वो स्ट्राइक पर हो?
6 नवंबर 2023 के पहले ऐसा कभी हुआ नहीं था.
और, शायद बहुत से लोग मानते रहे हों कि ऐसा होना नामुमकिन है.
सोमवार को दिल्ली में खेले जा रहे क्रिकेट वर्ल्ड कप के 38 वें मैच में ऐसे लोगों की ग़लतफहमी दूर हुई और एक नया इतिहास बना.
श्रीलंका के एंजलो मैथ्यूज़ ‘टाइम्ड आउट’ होने वाले क्रिकेट इतिहास के पहले बल्लेबाज़ बन गए.
और, अचानक श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेले जा रहे इस मैच की पूरी दुनिया में चर्चा होने लगी. भारत में ये मैच और एंजलो मैथ्यूज़ सोशल प्लेटफ़ॉर्म के टॉप ट्रेंड में शुमार हो गए.
नहीं तो, इसके पहले तक ये मैच ‘बेजान’ माना जा रहा था और इसमें खेल रही टीमों से ज़्यादा चर्चा दिल्ली में प्रदूषण के चलते हवा की ‘गंभीर’ श्रेणी और उसके खिलाड़ियों पर संभावित असर की हो रही थी.
अब मैथ्यूज़ का इस तरह विकेट लेकर बांग्लादेश कई खेल प्रेमियों के निशाने पर है. कई फैन्स बांग्लादेश और इसके कप्तान शाकिब अल हसन की ‘खेल भावना’ पर सवाल उठा रहे हैं. वहीं, कुछ फैन्स ऐसी वीडियो भी शेयर कर रहे हैं, जहां किसी वक़्त एंजलो मैथ्यूज की खेल भावना सवालों के घेरे में रही है.
टाइम्ड आउट: क्या कहते हैं आईसीसी के नियम
बहरहाल, एंजलो मैथ्यूज़ भी श्रीलंकाई पारी के 24.2 ओवर तक उन तमाम लोगों में ही शामिल थे जो कतई नहीं मान सकते थे कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी को ‘टाइम्ड आउट’ भी दिया जा सकता है.
बहुत से लोगों को अब जानकारी हो गई है कि ‘टाइम्ड आउट’ का मतलब क्या है?
दरअसल, ये आईसीसी की ओर से वर्ल्ड कप 2023 के लिए तय नियम का हिस्सा है. किसी बल्लेबाज़ के आउट या रिटायर होने के बाद क्रीज़ पर आने वाले नए बल्लेबाज़ को दो मिनट के अंदर गेंद खेलने के लिए तैयार होना होता है. इसमें देरी होने पर विरोधी टीम अंपायर से ‘टाइम्ड आउट’ की अपील कर सकती है और नए बल्लेबाज़ को देरी करने की वजह से ‘टाइम्ड आउट’ दिया जा सकता है. इसका ज़िक्र लॉ 40.1.1 में है.
बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने मैथ्यूज़ के ख़िलाफ़ ऐसी ही अपील की. और अंपायरों ने मैथ्यूज़ को आउट दे दिया.
मैदान पर ‘ड्रामा’
मैथ्यूज़ का क्रीज पर आना. बांग्लादेश की उनके ख़िलाफ़ अपील और अंपायरों का उनको आउट देना, ये सबकुछ इतना सीधा सादा भी नहीं था.
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मैदान, ड्रेसिंग और मैदान के बाहर बहुत कुछ हुआ. पिच और ड्रेसिंग रूम के ‘ड्रामे’ ने मैच का प्रसारण करने वाले ब्रॉडकास्टर ने बार-बार दिखाया और ये वीडियो सोशल मीडया पर भी वायरल है.
एंजलो मैथ्यूज़ श्रीलंकाई पारी के दौरान 24.2 ओवर के बाद क्रीज़ पर आए. 25वें ओवर की दूसरी गेंद पर बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने श्रीलंका के बल्लेबाज़ सदीरा समरविक्रमा को आउट किया था.
ये श्रीलंका की पारी का चौथा विकेट था. मैथ्यूज़ छठे नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए उतरे.
मैच से जुड़े वायरल वीडियो में देखा जा सकता है, “एंजलो मैथ्यूज़ क्रीज़ पर आए. उन्होंने झुककर क्रीज़ पर खिंची सफ़ेद लकीर को छुआ और माथे पर हाथ लगाया. फिर हेलमेट का स्ट्रेप खींचा. स्ट्रेप कुछ दिक्कत दिखी और वो मुड़े. हेलमेट उतारकर पवेलियन की ओर इशारा किया. मानो दूसरा हेलमेट मंगा रहे हों.”
इसी बीच बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने मुस्कुराते हुए अंपायर से टाइम्ड आउट की अपील कर दी.
तब मैथ्यूज़ को कुछ समझ नहीं आया.
वीडियो में नज़र आता है कि मैथ्यूज़ भी अंपायरों (रिचर्ड लिंगवर्थ और मराइस इरासम्स) के पास पहुंचे और उन्हें देर की वजह समझाने की कोशिश की.
इस बीच, अंपायरों ने मुस्करा रहे शाकिब से पूछा कि क्या वो मैथ्यूज़ को आउट करने की अपील कर रहे हैं?
और तब, शाकिब और उनकी बांग्लादेशी टीम ने कहा कि वो अपील को लेकर गंभीर हैं और इसे वापस नहीं ले रहे हैं.
वीडियो में मैथ्यूज़ इसके बाद शाकिब से कुछ कहते दिखते हैं. फिर अंपायर उन्हें मैदान में बाहर जाने के लिए कहते हैं.
वर्ल्ड कप और किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में बना ये अब तक सबसे ‘अटपटा रिकॉर्ड’ था.
इतिहास में इस तरह नाम लिखे जाने को लेकर मैथ्यूज़ भी खुश नहीं थे. मैदान से बाहर जाते ही उन्होंने अपना हेलमेट फेंक दिया और इसे कैमरे ने भी क़ैद किया.
मैथ्यूज़ के तौर पर बांग्लादेश को पांचवीं कामयाबी हासिल हुई लेकिन उन्हें जिस तरह से आउट दिया गया, वो तरीका बहुत से लोगों को रास नहीं आया.
बांग्लादेश की आलोचना
दिल्ली में हो रहे श्रीलंका-बांग्लादेश मैच की कमेंट्री कर रहे पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद क़ैफ ने मैथ्यूज़ के ख़िलाफ़ अपील करने के बांग्लादेश के कप्तान की आलोचना की.
उन्होंने कहा, “आप (मैथ्यूज़) क्रीज़ पर आ चुके हैं. अब उनको रियलाइज़ हुआ कि भई ये तो टूटा हुआ है (हेलमेट का) स्ट्रेप. कितनी बार आप बैट मंगाते हो. आपका बैट टूट गया. ”
कैफ़ ने आगे कहा, “(बांग्लादेश के कप्तान) शाकिब अल हसन जो भी आपने किया, ये इतिहास में जाएगा. मुझे तो बिल्कुल पसंद नहीं आया. जो अपील की शाकिब ने अंपायर के पास. ”
सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर हारून नाम के यूज़र ने लिखा कि शाकिब अल हसन को ऐसा नहीं करना चाहिए था.
उन्होंने लिखा, “एक कप्तान, लंबे समय से खेल रहे एक क्रिकेटर के तौर पर और खेल भावना के तहत शाकिब को ऐसा नहीं करना चाहिए था. ”
डॉक्टर जैन नाम के यूज़र ने एक्स पर लिखा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो मैने देखा है, ये खेलभावना का सबसे बुरा उदाहरण है. ”
जमीलउद्दीन नाम के फैन ने सवाल उठाया है कि स्पिनर शाकिब उल हसन की गेंद खेलने के लिए आखिरी मैथ्यूज़ को हेलमेट की क्या ज़रूरत थी?
उन्होंने लिखा, “जब गेंदबाज़ शाकिब थे, मैथ्यूज़ बिना हेलमेट के भी बल्लेबाज़ी कर सकते थे. बांग्लादेशी फैन होने के नाते में शाकिब की अपील से भी खुश नहीं हूं
'जब सचिन हो सकते थे टाइम्ड आउट'
शमी नाम के एक शख्स ने क्रिकइन्फो वेबसाइट की लाइव कमेंट्री के दौरान एक दिलचस्प दावा किया. उन्होंने दावा किया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में टाइम्ड आउट होने वाले पहले बल्लेबाज़ हो सकते थे. ये मामला साल 2006-07 में खेली गई सिराज़ का है.
शमी ने लिखा, “दक्षिण अफ़्रीका के (तब के) कप्तान ग्रीम स्मिथ ने ‘टाइम्ड आउट’ की अपील नहीं की थी. न्यूलैंड्स में खेले गए टेस्ट मैच में सचिन (तेंदुलकर) क्रीज़ में देर से पहुंचे थे.”
उन्होंने आगे लिखा, “कृपया उन्हें बार-बार शुक्रिया कहिए. ”
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भले ही कोई बल्लेबाज़ पहली बार टाइम्ड आउट दिया गया हो लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ऐसा पहले भी हो चुका है.
देखें लिस्ट
अटपटे तरीके से आउट होने वाले बल्लेबाज़
क्रिकेट में आउट होने के सामान्य तरीकों के इतर पहले भी कई बल्लेबाज़ अटपटे तरीकों से आउट हो चुके हैं.
भारत के पूर्व क्रिकेटर मोहिंदर अमरनाथ फरवरी 1986 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ‘हैंडल्ड द बॉल’ तरीके से आउट दिए गए थे.
उन्होंने खेलने के बाद खुद ही बॉल उठा ली थी. वनडे में इस तरह अब तक तीन खिलाड़ी आउट हो चुके हैं. अमरनाथ उनमें पहले नंबर पर हैं.
टेस्ट क्रिकेट में इस तरह से आउट होने वाले पहले खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका के डब्लूआर एनडीन थे. उन्हें जनवरी 1957 के केपटाउन टेस्ट में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ आउट दिया गया था. टेस्ट क्रिकेट में अब तक सात खिलाड़ी इस तरह आउट हो चुके हैं.
अमरनाथ को एक बार फील्डिंग में बाधा पहुंचाने के लिए भी आउट दिया गया था. ये मैच श्रीलंका के ख़िलाफ़ अक्टूबर 1989 में खेला गया था. वनडे में उन्हें मिलाकर कुल आठ खिलाड़ी इस तरह आउट हो चुके हैं.
टेस्ट क्रिकेट में इस तरह से आउट होने वाले पहले खिलाड़ी इंग्लैंड के एल हटन थे. उन्हें अगस्त 1951 के इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट में आउट दिया गया था.
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