अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: कमला हैरिस ने फ़ॉक्स न्यूज़ को दिया पहला इंटरव्यू, बाइडन पर किए सवाल का क्या दिया जवाब?

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- Author, मैक्स मात्ज़ा
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस ने फ़ॉक्स न्यूज़ को अपना पहला इंटरव्यू दिया है. इसमें कमला हैरिस का रवैया आक्रामक दिखा.
हैरिस इस इंटरव्यू के दौरान होस्ट के साथ कई मुद्दों पर उलझती दिखाई दीं. इनमें ट्रांसजेंडर क़ैदी, अवैध अप्रवासन और जो बाइडन की मानसिक सेहत से जुड़े विषय शामिल थे.
इस बार हैरिस उस नेटवर्क पर नज़र आई हैं, जो अक्सर उनके सबसे मुखर आलोचक, यानी पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति चुनाव की रेस में शामिल डोनाल्ड ट्रंप की मेज़बानी करता रहा है. और वो भी तब, जब राष्ट्रपति चुनाव के लिए होने वाले मतदान में तीन सप्ताह से भी कम समय बचा है.
फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में हैरिस 25 मिनट बैठीं, इस दौरान कमला हैरिस और फ़ॉक्स न्यूज़ के होस्ट ब्रेट बेयर एक-दूसरे को रोकते-टोकते दिखे.

जैसे एक मौके़ पर हैरिस ने ब्रेट बेयर से कहा, “आपने जो मुद्दा उठाया है, मैं उस पर जवाब देने के बीच में हूं, और मैं इसे ख़त्म करना चाहूंगी.”
दरअसल, राष्ट्रपति पद की रेस में हैरिस के प्रतिद्वंदी डोनाल्ड ट्रंप फ़ॉक्स न्यूज़ पर अक्सर नज़र आते हैं. बुधवार को भी ट्रंप चैनल पर नज़र आए थे. यह एक टाउन हॉल जैसा वाला कार्यक्रम था जिसमें सभी महिला दर्शक थीं.
वैसे सर्वेक्षण बताते हैं कि अमेरिका में महिला मतदाता पूर्व राष्ट्रपति को लेकर संशय में हैं. इसकी वजह ये है कि ट्रंप अर्थव्यवस्था और अप्रवासन से जुड़े मुद्दों पर तो तीखे सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन जब कभी उनसे फर्टिलिटी ट्रीटमेंट (प्रजनन उपचार) को लेकर सवाल किया गया, तो वो लड़खड़ाते दिखते हैं.
हैरिस को माफ़ी माँगने की चुनौती

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उपराष्ट्रपति हैरिस के इंटरव्यू की शुरुआत अप्रवासन के मुद्दे से हुई. इसमें फ़ॉक्स न्यूज़ के होस्ट ब्रेट बेयर ने हैरिस के सामने एक भावनात्मक क्लिप चलाई.
इस क्लिप में 12 साल की एक लड़की जोसेलीन नुनगारे की माँ नज़र आईं. जोसेलीन की हत्या एक प्रवासी ने की थी. वह प्रवासी अमेरिका में अवैध ढंग से सरहद पार करके आया था और उसको क़ैद से रिहा कर दिया गया था.
ब्रेट ने हैरिस से सवाल किया कि क्या उन्हें अवैध प्रवासियों के हाथों मारे गए अमेरिकी लोगों के परिवार से माफ़ी माँगनी चाहिए.
इस पर हैरिस ने कहा, “मुझे उनको हुए नुक़सान का बहुत खेद है. ये दुखद मामले हैं, इसके बारे में कोई सवाल ही नहीं है.”
बेयर ने हैरिस से सरहद पार करने के मामले में उनके 2019 के रुख़ को लेकर भी सवाल किया, जिसमें उन्होंने अप्रवासन के मामले में कहा था कि सरहद पार करने को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाना चाहिए.
यह कई मुद्दों में से एक है, जिसे लेकर उपराष्ट्रपति पर सोच बदलने का आरोप लगता रहा है.
कार्यक्रम में हैरिस ने कहा, “मैं सरहद पार करने के मामले को अपराध की श्रेणी से बाहर करने में विश्वास नहीं करती हूं. मैंने ऐसा उपराष्ट्रपति रहते हुए नहीं किया है और मैं राष्ट्रपति होने के बाद भी ऐसा नहीं करूंगी.”
उन्होंने इस साल की शुरुआत में सीमा समझौते के मुद्दे पर वोटिंग के लिए कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी को मनाने से जुड़े मामले का आरोप डोनाल्ड ट्रंप पर लगाया था.
हैरिस ने कहा था, “वह समस्या को हल करने की बजाय उससे भागना ज़्यादा पसंद करते हैं.”
क़ैदियों से जुड़े सवाल पर क्या

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हैरिस से टैक्सपेयर के पैसों से क़ैदियों के जेंडर री-असाइनमेंट यानी लिंग पुर्ननिर्धारण की सर्जरी को लेकर भी सवाल पूछा गया, क्योंकि इससे पहले हैरिस ने इस योजना का समर्थन किया था.
हैरिस से सवाल किया गया कि क्या राष्ट्रपति होने के नाते वो करदाताओं के पैसों का ऐसा उपयोग करने की वकालत करेंगी. इसके जवाब में उन्होंने कहा, “मैं क़ानून का पालन करूंगी.”
जब उन पर ज़्यादा जानकारी के लिए दबाव बनाया गया तो उन्होंने कहा कि ट्रंप के समय में भी क़ैदियों के लिए ऐसी सर्जरी उपलब्ध थीं. हालांकि, ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए संघीय जेलों में कोई ट्रांसजेंडर सर्जरी नहीं हुई.
द फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ़ प्रिज़न्स ने बीबीसी वेरिफ़ाई को बताया कि दो क़ैदियों के जेंडर री-असाइनमेंट ऑपरेशन हुए थे. पहला 2022 में और दूसरा 2023 में.
2019 में जब कमला हैरिस ने राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर दावा पेश किया था, तो उन्होंने एक प्रश्नावली में इससे जुड़े एक सवाल को लेकर सहमति जताई थी.
दरअसल, इसमें एक नागरिक अधिकार समूह ने सवाल किया था कि क्या वे राष्ट्रपति के रूप में अपने अधिकारों का इस्तेमाल करके यह सुनिश्चित करेंगी कि जेलों में बंद क़ैदियों को भी जेंडर री-असाइनमेंट से जुड़ी सर्जरी और इसके इलाज़ संबंधी सुविधाएं मिले.
वैसे 2024 के चुनाव में कमला हैरिस की टीम की ओर से कहा गया, “यह वह नहीं है, जो वो प्रस्तावित कर रही हैं.”
बाइडन से दूरी बनाती दिखीं हैरिस

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ब्रेट बेयर ने बातचीत के दौरान कमला हैरिस के इंटरव्यू की एक क्लिप चलाई, जो उन्होंने पिछले सप्ताह दिया था.
इसमें उन्होंने कहा था कि बाइडन-हैरिस प्रशासन के दौरान उपराष्ट्रपति रहते हुए उन्होंने जो काम किए हैं, उनमें “ऐसी कोई बात नहीं” है, जिसे वो बदलना चाहेंगी.
हैरिस अपनी बातचीत के दौरान अपने बॉस (बाइडन) से जुड़े मामलों पर दूरी भी बनाती दिखीं.
बुधवार को उन्होंने कहा, “मैं यह बात स्पष्ट कर देना चाहती हूं कि राष्ट्रपति के तौर पर मेरा कार्यकाल जो बाइडन के कार्यकाल जैसा नहीं रहने वाला है.”
फ़ॉक्स न्यूज़ के होस्ट बेयर ने कमला हैरिस से ज़ोर देकर पूछा कि उनके हिसाब से जो लोग पूर्व राष्ट्रपति (ट्रंप) का समर्थन करते हैं, क्या वो “बेवकूफ़” या “ग़लत जानकारी वाले” हैं. क्योंकि, हैरिस यह मानती हैं कि लोग अब ट्रंप के पास “वापस नहीं जाना” चाहते.
हैरिस ने कहा, “मैं अमेरिकी लोगों के बारे में ऐसा कभी नहीं कहूंगी.”
बेयर ने इस बात को लेकर भी हैरिस पर दबाव बनाया कि आख़िर उनके अभियान में से एक वादा “पन्ना पलटने” को लेकर क्यों है? जबकि वे खुद तीन सालों से ज़्यादा समय से उपराष्ट्रपति रही हैं.
इसके बाद हैरिस ने ट्रंप की आलोचना करना शुरू कर दी.
बाइडन से ज़ुड़े सवाल से बचती दिखीं

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हैरिस ने बाइडन की मानसिक स्थिति को लेकर पूछे गए ब्रेट बेयर के सवाल को टाल दिया.
हैरिस से पूछा गया था कि उनको पहली बार कब लगा कि बाइडन की मानसिक क्षमता “कमज़ोर” होती जा रही है.
इस पर हैरिस ने कहा, “जो बाइडन को मैंने ओवल ऑफ़िस से लेकर राष्ट्रपति कार्यालय के कमरे तक में देखा है. उनके पास अनुभव और समझ है, जिसका उपयोग उन्होंने अमेरिकी लोगों के लिए महत्वपूर्ण फ़ैसले लेने में किया है.”
जब बेयर ने इस मामले पर हैरिस से और सवाल किए तो उन्होंने कहा, “जो बाइडन चुनावी मैदान में नहीं हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप हैं.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित















